सीतापुर में सरायन नदी का जलस्तर घटने के साथ ही बाढ़ का पानी अब मोहल्लों से उतरने लगा है। इसके बाद लोग अपने घरों में लौटने लगे हैं, लेकिन उनकी परेशानियां अभी कम नहीं हुई हैं। घरों में पानी भरने से सामान को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं, बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण लोगों के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। घरों की साफ-सफाई से लेकर पीने के पानी तक के लिए लोगों को जूझना पड़ रहा है। सरायन नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण दुर्गापुरवा, मछली मंडी, गदियाना, कोट और तरीनपुर समेत शहर के सात मोहल्लों में बाढ़ का पानी भर गया था। कई घरों में पानी घुसने से लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। अब पानी कम होने के बाद लोग वापस लौट रहे हैं और घरों में जमा गंदगी व कीचड़ को साफ करने में जुटे हैं। हालांकि, बिजली और पानी की समस्या ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
स्थानीय लोगों में राजकुमार और विजय का कहना है कि घरों की सफाई के लिए बड़ी मात्रा में पानी की जरूरत है, लेकिन बिजली नहीं होने से पानी की उपलब्धता मुश्किल हो गई है। ऐसे में न तो घरों की ठीक से सफाई हो पा रही है और न ही पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो पा रही है। बाढ़ के दौरान घरों में रखा घरेलू सामान भी खराब हो गया है, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। समस्या को देखते हुए प्रशासन ने सरकारी नलों की मरम्मत का काम शुरू कराया है, ताकि प्रभावित इलाकों में लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। वहीं, स्थानीय नागरिकों ने जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नदी का पानी उतरने के बाद भी जब तक बिजली और पानी की व्यवस्था सामान्य नहीं होगी, तब तक राहत मिलना मुश्किल है।

