अयोध्या में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए पक्के घाटों पर बैरिकेडिंग की जा रही है। साथ ही, नदी में अधिक गहराई तक न जाने की चेतावनी देने वाले बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य स्नान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है। सोहावल के एसडीएम गजेंद्र सिंह ने 8 अगस्त को बताया कि सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां पक्के घाट हैं, वहां बैरिकेडिंग कराई जा रही है ताकि लोग सुरक्षित स्थान तक ही स्नान करें और गहरे पानी में प्रवेश न करें। इससे पहले, 6 अगस्त को एसडीएम गजेंद्र सिंह ने तहसीलदार प्रदीप कुमार सिंह के साथ ढेमवा घाट का निरीक्षण किया था। इस दौरान अधिकारियों ने घाट पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित लोगों को बैरिकेडिंग के साथ चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए थे। एसडीएम के निर्देशों के बाद, घाटों पर बैरिकेडिंग का कार्य शुरू कर दिया गया। ठेकेदार कृष्ण कांत के अनुसार, ढेमवा घाट, श्मशान घाट, सलाफरपुर और सनहा जैसे कई स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इन बोर्डों के माध्यम से लोगों से गहरे पानी में स्नान न करने की अपील की जा रही है। ठेकेदार ने यह भी बताया कि जिन स्थानों पर पक्का घाट नहीं है, वहां बैरिकेडिंग करना संभव नहीं है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण ऐसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतें और गहरे पानी में जाने से बचें।

