बाड़मेर में पहली बार सरपंच बनी, अब सीधे राष्ट्रपति से सम्मानित होने वाली हाथला सरपंच भूरी देवी अपने बेटे के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गई। जोधपुर से प्लेन से दिल्ली पहुंचेगी। सरपंच का कहना है कि हमारे परिवार में पहली बार सरपंच मैं बनी हूं, इससे पहले सीएम, राज्यपाल या मंत्री से मुलाकात नहीं हुई। अब राष्ट्रपति से सम्मानित होने जा रही हूं। खुशी का ठिकाना नहीं है। भूरी देवी का कहना है कि मैं अनपढ़ हूं लेकिन मैंने मेरी ग्राम पंचायत में शिक्षा को प्राथमिकता दी। चाहे स्कूल भवन बनाने, सरकारी स्कीम को हर-हर ढाणी पहुंचाई। लोगों को इसका फायदा मिला। हाथला ग्राम पंचायत बॉर्डर से जुड़ा गांव है। यहां की भौगोलिक परिस्थितियां भी अलग है। दरअसल, बाड़मेर जिले की फागलिया पंचायत समिति की ग्राम पंचायत हाथला की सरपंच भूरी देवी को 30 जुलाई को राष्ट्रपति की ओर से दिल्ली आने का निमंत्रण मिला। जब यह न्यौता डाक विभाग के अधिकारी लेकर घर पहुंचे तो पूरे परिवार और गांव में खुशी छा गई। इसके बाद से भूरीदेवी और उसका परिवार 15 अगस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। सरकारी गाडी से जोधपुर रवाना फागलिया पंचायत समिति के विकास अधिकारी सरकारी गाडी में सरपंच भूरीदेवी और उनके बेटे को गांव से लेकर रवाना हुए। बाड़मेर से जोधपुर पहुंच गए है। वहां पर बीडीओ एयरपोर्ट छोड़ेगे। वहां से बीएसएफ गुरुवार को जोधपुर से प्लेन में दिल्ली के लिए रवाना होगे। सरपंच ने कहा- अब तक किसी वीआईपी से नहीं मिली भूरीदेवी ने कहा- मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि महामहित राष्ट्रपति से मिलूंगी। लेकिन पहली बार मौका मिला है। किसी वीआईपी से मिलने के सवाल पर कहा कि मेरी को समझ नहीं थी, मैं खेत से बाहर भी नहीं निकली। गांव में पानी, शिक्षा, पशुओं के लिए आई सरकारी स्कीम को ढाणी-ढाणी तक पहुंचाया। हमारे परिवार में मैं पहली सरपंच बनी हूं। महामहिम राष्ट्रपति को फोटो में देखा है। सरकारी गाडी से जोधपुर एयरपोर्ट विकास अधिकारी ने बताया- हाथला सरपंच भूरी देवी ने बॉर्डर की विकट परिस्थितियों में सरकारी स्कीम को पहुंचाया। साथ बीएसएफ के साथ भी अच्छा काम किया। इन्होंने पानी टांके, पौधारोपण, बालिका शिक्षा पर जोर दिया। जोधपुर एयरपोर्ट पर पहुंचाने के लिए जा रहे है। वहां पर बीएसएफ आगे दिल्ली लेकर जाएंगे। अनपढ़ होने के बावजूद शिक्षा के प्रति सजग रही सरपंच के बेटे छगनलाल का कहना- हमारा इलाका बॉर्डर का है। यहां पर शिक्षा का अभाव है। मेरे माताजी अनपढ़ होने के बावजूद शिक्षा के प्रति सजग रहकर पहले हमें पढ़ाया। सरपंच ने लोगों से संपर्क कर स्कूल के जमीन आवंटन करवाई। विधायक आदूराम मेघवाल से बजट सेक्शन करवाए। इसके बाद काम शुरू करवाया। इन्होंने हमें चार भाइयों को पढ़ाया। ऐसे कई स्कीम है जैसे पेशन स्कीम, खाद्य सुरक्षा स्कीम, लोगों को पता नहीं है कैसे फॉर्म भरना है। लोगों को बुला-बुलाकर फॉर्म भरवाएं। —————————————————— इससे जुड़ी खबर…. सरपंच को राष्ट्रपति भवन से मिला न्यौता, मिलेगा सम्मान:राष्ट्रीय समारोह में होंगे शामिल, सरकारी स्कीम को लोगों तक पहुंचाने में निभाई भूमिका
बाड़मेर जिले की सरपंच भूरी देवी को केंद्र और राजस्थान सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के कार्य के लिए 15 अगस्त को नई दिल्ली में होने वाले स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय समारोह में सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति भवन से भेजा गया संदेश डाक विभाग के अधिकारियों ने उनके घर पहुंचकर सौंपा। (पढ़े पूरी खबर)


