समीक्षा बैठक में सीएम का निर्देश:झारखंड में अब बिना ड्रेनेज के नहीं बनेगी कोई भी सड़क, बंद होंगे खतरनाक रोड, मिलेगा नया वेंडर मार्केट

समीक्षा बैठक में सीएम का निर्देश:झारखंड में अब बिना ड्रेनेज के नहीं बनेगी कोई भी सड़क, बंद होंगे खतरनाक रोड, मिलेगा नया वेंडर मार्केट

राजधानी रांची समेत राज्य के प्रमुख शहरों को जलजमाव, ट्रैफिक जाम, लटकते तारों और सड़क किनारे लगे अव्यवस्थित ठेलों से जल्दी ही मुक्ति मिलेगी। बुधवार को नगर विकास एवं पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन समस्याओं को दूर करने के लिए नई कार्ययोजना बनाने का आदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शहरी विकास अब टुकड़ों में नहीं, बल्कि एकीकृत तरीके से होगा। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अब सड़क निर्माण में ड्रेनेज सिस्टम अनिवार्य हिस्सा होगा। वो प्रमुख बदलाव… जिससे शहर दिखेगा सुंदर, बढ़ेगी सहूलियत सड़क पर तय जगहों से ही टर्निंग मुख्यमंत्री ने अनावश्यक रोड कट को बंद करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे कट की वजह से यातायात बाधित होता है और हादसे की आशंका बढ़ती है। इसलिए अब चौक-चौराहों और निर्धारित स्थानों से ही वाहनों के सुरक्षित टर्निंग की व्यवस्था विकसित करें। इस​के लिए संबंधित विभाग रोड नेटवर्क और यातायात व्यवस्था का अध्ययन कर इसमें सुधार करें। फायदा क्या… अनावश्यक रोड कट बंद होने से जाम और दुर्घटना का जोखिम घटेगा। सड़क किनारे अव्यवस्थित बाजार हटेंगे सड़क किनारे ठेला-गुमटी और छोटे व्यवसाय से जगह-जगह जाम की समस्या रहती है। ऐसे वेंडर्स को चिह्नित कर उन्हें व्यवस्थित और सम्मानजनक जगह उपलब्ध कराएं। हर वार्ड में जरूरत के अनुसार वेंडर मार्केट विकसित करने की दिशा में काम करें। यह भी सुनिश्चित करें वेंडर्स की आजीविका प्रभावित न हो।
फायदा क्या… हर वार्ड में वेंडर मार्केट बनने से सड़क किनारे जाम से मुक्ति मिलेगी। बसों के रूट व टाइमिंग का डेटा बनेगा सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए बसों की संख्या, उनके रूट और समय-सारिणी का विस्तृत डेटा तैयार किया जाएगा। इससे यह पता रहेगा कि किन रूटों पर बसों की कमी है और कहां ज्यादा दबाव है। कहां व्यवस्था बेहतर करने की जरूरत है। इसका उद्देश्य अनावश्यक भीड़ और ट्रैफिक दबाव को कम करना है। फायदा क्या… रूट और टाइमिंग व्यवस्थित होने से यात्रा सुगम होगी। सरकारी जमीन पर कब्जे की होगी पहचान सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को चिह्नित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। इससे सड़क किनारे अति​क्रमण की समस्या दूर कर प्रभावित लोगों, खासकर छोटे वेंडर्स के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है।
फायदा क्या…अतिक्रमण हटने से शहर खुला-खुला दिखेगा। राजधानी रांची समेत राज्य के प्रमुख शहरों को जलजमाव, ट्रैफिक जाम, लटकते तारों और सड़क किनारे लगे अव्यवस्थित ठेलों से जल्दी ही मुक्ति मिलेगी। बुधवार को नगर विकास एवं पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन समस्याओं को दूर करने के लिए नई कार्ययोजना बनाने का आदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शहरी विकास अब टुकड़ों में नहीं, बल्कि एकीकृत तरीके से होगा। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अब सड़क निर्माण में ड्रेनेज सिस्टम अनिवार्य हिस्सा होगा। वो प्रमुख बदलाव… जिससे शहर दिखेगा सुंदर, बढ़ेगी सहूलियत सड़क पर तय जगहों से ही टर्निंग मुख्यमंत्री ने अनावश्यक रोड कट को बंद करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे कट की वजह से यातायात बाधित होता है और हादसे की आशंका बढ़ती है। इसलिए अब चौक-चौराहों और निर्धारित स्थानों से ही वाहनों के सुरक्षित टर्निंग की व्यवस्था विकसित करें। इस​के लिए संबंधित विभाग रोड नेटवर्क और यातायात व्यवस्था का अध्ययन कर इसमें सुधार करें। फायदा क्या… अनावश्यक रोड कट बंद होने से जाम और दुर्घटना का जोखिम घटेगा। सड़क किनारे अव्यवस्थित बाजार हटेंगे सड़क किनारे ठेला-गुमटी और छोटे व्यवसाय से जगह-जगह जाम की समस्या रहती है। ऐसे वेंडर्स को चिह्नित कर उन्हें व्यवस्थित और सम्मानजनक जगह उपलब्ध कराएं। हर वार्ड में जरूरत के अनुसार वेंडर मार्केट विकसित करने की दिशा में काम करें। यह भी सुनिश्चित करें वेंडर्स की आजीविका प्रभावित न हो।
फायदा क्या… हर वार्ड में वेंडर मार्केट बनने से सड़क किनारे जाम से मुक्ति मिलेगी। बसों के रूट व टाइमिंग का डेटा बनेगा सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए बसों की संख्या, उनके रूट और समय-सारिणी का विस्तृत डेटा तैयार किया जाएगा। इससे यह पता रहेगा कि किन रूटों पर बसों की कमी है और कहां ज्यादा दबाव है। कहां व्यवस्था बेहतर करने की जरूरत है। इसका उद्देश्य अनावश्यक भीड़ और ट्रैफिक दबाव को कम करना है। फायदा क्या… रूट और टाइमिंग व्यवस्थित होने से यात्रा सुगम होगी। सरकारी जमीन पर कब्जे की होगी पहचान सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को चिह्नित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। इससे सड़क किनारे अति​क्रमण की समस्या दूर कर प्रभावित लोगों, खासकर छोटे वेंडर्स के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है।
फायदा क्या…अतिक्रमण हटने से शहर खुला-खुला दिखेगा।  

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