रोहतक में सफाई कर्मचारियों व फायर ब्रिगेड विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल को तोड़ने का प्रयास सरकार की तरफ से किया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों ने निकाय मंत्री पर जबरन अपने आदेशों को मानने का फरमान जारी करने का आरोप लगाया, ताकि कर्मचारियों के बीच फूट पड़ जाए और आंदोलन खत्म हो जाए। नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ के जिला प्रधान शंभू टांक ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्या का समाधान निकालने की बजाय दमनकारी हथकंडे अपना रही है, ताकि कर्मचारियों की आवाज को दबावा जा सके। लोकतंत्र को ताक पर रखकर हिटलर राज स्थापित करने का प्रयास चल रहा है। फायर ब्रिगेड के नेताओं को किया संस्पेंड
शंभू टांक ने कहा कि सरकार ने फायर ब्रिगेड विभाग के नेताओं को सस्पेंड करने के आर्डर जारी किए। अब सरकार ने सफाई कर्मचारियों पर जबरन अपने आदेशों को मानने का फरमान जारी किया। सरकार को कर्मचारियों की मांगों के समाधान की तरफ ध्यान देना चाहिए, ना कि डराने की और जबरन अपने आदेश मानने के लिए मजबूर करना चाहिए। 13 मई का समझौता लागू करे सरकार
शंभू टांक ने कहा कि 13 मई को जो समझौता हुआ था, उसके लागू हुए बिना हड़ताल खत्म नहीं होगी। सरकार जब सभी पदो पर पक्की भर्ती करके लोगों को पक्का रोजगार दे रही है तो सफाई कर्मचारियों के साथ ये समाजिक भेदभाव क्यों हो रहा है। वह सरकार की किसी भी दण्डनात्मक कार्यवाही से डरने वाले नहीं है। कल से भाजपा मंत्रियों के पास जाकर मांगेंगे जवाब
शंभू टांक ने कहा कि कर्मचारियों की मांग 13 मई की मीटिंग में मान ली गई थी, लेकिन उन्हें लागू नहीं किया गया। अब 5-6 सितंबर को भाजपा के सभी मंत्रियों व सांसदों के घर जाकर सवाल करते हुए जवाब मांगा जाएगा। कर्मचारियों को पक्का करने का वादा सरकार ने अपने घोषणा पत्र में किया था, लेकिन पक्का क्यों नहीं किया।

