शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन गुरुवार को खगड़िया शहर के सिद्धपीठ श्री दुर्गा स्थान सन्हौली में मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। नवरात्र को लेकर सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। भक्तों ने मां के दरबार में माथा टेककर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। दिनभर मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की जैसे-जैसे शाम हुई, मंदिर परिसर में भक्तों की चहल-पहल बढ़ती गई। मां के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान मंदिर में मां के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। शाम को मंदिर परिसर में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। महाआरती के दौरान सैकड़ों दीपों की रोशनी से मां का दरबार जगमगा उठा। श्रद्धालुओं ने हाथों में दीप लेकर मां की आरती की और पूरे भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना की। घंटियों की गूंज और मां के जयकारों के बीच श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। भक्तों ने मां दुर्गा से अपने परिवार और समाज में सुख, शांति, समृद्धि तथा खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। नौ दिनों तक महाआरती, प्रसाद वितरण और जागरण शारदीय नवरात्र के अवसर पर सिद्धपीठ श्री दुर्गा स्थान सन्हौली में मंदिर की लओर से नौ दिनों तक विशेष धार्मिक आयोजनों की व्यवस्था की गई है। इसके तहत प्रतिदिन महाआरती, प्रसाद वितरण और जागरण का आयोजन किया जा रहा है। नवरात्र को लेकर मंदिर में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता की पूजा करने से भक्तों को सुख-समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। मां स्कंदमाता को भगवान कार्तिकेय की माता के रूप में पूजा जाता है। श्रद्धा और भक्ति का माहौल नवरात्र के पांचवें दिन उनकी आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। सिद्धपीठ श्री दुर्गा स्थान सन्हौली में पूजा-अर्चना और भव्य महाआरती के दौरान श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर जीवन में सुख, शांति और खुशहाली की कामना की। शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन गुरुवार को खगड़िया शहर के सिद्धपीठ श्री दुर्गा स्थान सन्हौली में मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। नवरात्र को लेकर सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। भक्तों ने मां के दरबार में माथा टेककर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। दिनभर मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की जैसे-जैसे शाम हुई, मंदिर परिसर में भक्तों की चहल-पहल बढ़ती गई। मां के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान मंदिर में मां के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। शाम को मंदिर परिसर में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। महाआरती के दौरान सैकड़ों दीपों की रोशनी से मां का दरबार जगमगा उठा। श्रद्धालुओं ने हाथों में दीप लेकर मां की आरती की और पूरे भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना की। घंटियों की गूंज और मां के जयकारों के बीच श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। भक्तों ने मां दुर्गा से अपने परिवार और समाज में सुख, शांति, समृद्धि तथा खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। नौ दिनों तक महाआरती, प्रसाद वितरण और जागरण शारदीय नवरात्र के अवसर पर सिद्धपीठ श्री दुर्गा स्थान सन्हौली में मंदिर की लओर से नौ दिनों तक विशेष धार्मिक आयोजनों की व्यवस्था की गई है। इसके तहत प्रतिदिन महाआरती, प्रसाद वितरण और जागरण का आयोजन किया जा रहा है। नवरात्र को लेकर मंदिर में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता की पूजा करने से भक्तों को सुख-समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। मां स्कंदमाता को भगवान कार्तिकेय की माता के रूप में पूजा जाता है। श्रद्धा और भक्ति का माहौल नवरात्र के पांचवें दिन उनकी आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। सिद्धपीठ श्री दुर्गा स्थान सन्हौली में पूजा-अर्चना और भव्य महाआरती के दौरान श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर जीवन में सुख, शांति और खुशहाली की कामना की।

