सदर अस्पताल में महिला ब्लॉगर-एक्स-रे टेक्नीशियन में विवाद:साइबर थाने पहुंचा मामला, अस्पताल प्रशासन बोला-छवि खराब करने की कोशिश

सदर अस्पताल में महिला ब्लॉगर-एक्स-रे टेक्नीशियन में विवाद:साइबर थाने पहुंचा मामला, अस्पताल प्रशासन बोला-छवि खराब करने की कोशिश

गोपालगंज सदर अस्पताल में स्किन एलर्जी का इलाज कराने पहुंची एक महिला ब्लॉगर और एक्स-रे टेक्नीशियन के बीच विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, महिला डॉक्टर से परामर्श लेने के बजाय सीधे एक्स-रे यूनिट में पहुंच गई और वहां मौजूद टेक्नीशियन से एलर्जी की दवा लिखने को कहा। एक्स-रे यूनिट में पहुंचकर दवा लिखने को कहा अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, टेक्नीशियन ने महिला को समझाया कि स्किन एलर्जी के इलाज के लिए ओपीडी में डॉक्टर से जांच और सलाह लेना जरूरी है। एक्स-रे यूनिट में इस बीमारी की जांच या दवा लिखने का प्रावधान नहीं है। टेक्नीशियन ने महिला को डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी। सलाह के बाद विवाद बढ़ने का आरोप आरोप है कि टेक्नीशियन की सलाह से महिला नाराज हो गई और अस्पताल कर्मियों के साथ बहस करने लगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस दौरान महिला ने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद उसने मोबाइल से वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। ‘Janki Vlog’ नाम से वीडियो वायरल करने का आरोप अस्पताल प्रशासन की शिकायत में कहा गया है कि ‘Janki Vlog’ नाम से अस्पताल से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं। शिकायत के अनुसार, वीडियो में अस्पताल और प्रशासन को लेकर आपत्तिजनक बातें कही गई हैं। अस्पताल प्रशासन ने साइबर थाने में दी शिकायत वीडियो वायरल होने के बाद सदर अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। अस्पताल के उपाधीक्षक ने गोपालगंज साइबर थाने में लिखित शिकायत दी है। शिकायत की प्रतिलिपि सिविल सर्जन, पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को भी भेजी गई है। वीडियो की सत्यता और उद्देश्य की जांच शुरू साइबर थाना पुलिस ने आवेदन मिलने के बाद वायरल वीडियो और उससे जुड़े सोशल मीडिया तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वीडियो किस परिस्थिति में बनाया गया और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के पीछे क्या उद्देश्य था। सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की छवि खराब करने का आरोप अस्पताल प्रशासन ने शिकायत में आशंका जताई है कि इस तरह के वीडियो से आम लोगों के बीच सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है और संस्थान की छवि प्रभावित हो सकती है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई की बात कही साइबर थाने के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। थाना पुलिस का कहना है कि जांच में सरकारी काम में बाधा डालने या भ्रामक व आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गोपालगंज सदर अस्पताल में स्किन एलर्जी का इलाज कराने पहुंची एक महिला ब्लॉगर और एक्स-रे टेक्नीशियन के बीच विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, महिला डॉक्टर से परामर्श लेने के बजाय सीधे एक्स-रे यूनिट में पहुंच गई और वहां मौजूद टेक्नीशियन से एलर्जी की दवा लिखने को कहा। एक्स-रे यूनिट में पहुंचकर दवा लिखने को कहा अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, टेक्नीशियन ने महिला को समझाया कि स्किन एलर्जी के इलाज के लिए ओपीडी में डॉक्टर से जांच और सलाह लेना जरूरी है। एक्स-रे यूनिट में इस बीमारी की जांच या दवा लिखने का प्रावधान नहीं है। टेक्नीशियन ने महिला को डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी। सलाह के बाद विवाद बढ़ने का आरोप आरोप है कि टेक्नीशियन की सलाह से महिला नाराज हो गई और अस्पताल कर्मियों के साथ बहस करने लगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस दौरान महिला ने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद उसने मोबाइल से वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। ‘Janki Vlog’ नाम से वीडियो वायरल करने का आरोप अस्पताल प्रशासन की शिकायत में कहा गया है कि ‘Janki Vlog’ नाम से अस्पताल से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं। शिकायत के अनुसार, वीडियो में अस्पताल और प्रशासन को लेकर आपत्तिजनक बातें कही गई हैं। अस्पताल प्रशासन ने साइबर थाने में दी शिकायत वीडियो वायरल होने के बाद सदर अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। अस्पताल के उपाधीक्षक ने गोपालगंज साइबर थाने में लिखित शिकायत दी है। शिकायत की प्रतिलिपि सिविल सर्जन, पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को भी भेजी गई है। वीडियो की सत्यता और उद्देश्य की जांच शुरू साइबर थाना पुलिस ने आवेदन मिलने के बाद वायरल वीडियो और उससे जुड़े सोशल मीडिया तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वीडियो किस परिस्थिति में बनाया गया और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के पीछे क्या उद्देश्य था। सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की छवि खराब करने का आरोप अस्पताल प्रशासन ने शिकायत में आशंका जताई है कि इस तरह के वीडियो से आम लोगों के बीच सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है और संस्थान की छवि प्रभावित हो सकती है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई की बात कही साइबर थाने के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। थाना पुलिस का कहना है कि जांच में सरकारी काम में बाधा डालने या भ्रामक व आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।  

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