परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति (पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ऑन ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म एंड कल्चर) के सदस्य आज नालंदा दौरे पर रहेंगे। राजगीर के ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे। बिहार की संस्कृति और विरासत को जानेंगे। राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा की अध्यक्षता वाली इस 31 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति में सांसद सुधा मूर्ति, इमरान प्रतापगढ़ी, जी बाबूराव, मोहम्मद नदीमुल हक, जागेश के झाला, एस कल्याणासुंदरम, एस फांगनोन कोन्याक और सुरेंद्र सिंह नागर समेत दोनों सदनों के प्रमुख सदस्य शामिल हैं। यह केंद्रीय टीम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीन आने वाली धरोहरों, पर्यटन सुविधाओं तथा विकास कार्यों का जमीनी स्तर पर निरीक्षण व समीक्षा करेगी। विश्वविद्यालय के नए परिसर से प्राचीन भग्नावशेष तक का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम तय कार्यक्रम के अनुसार, संसदीय समिति सुबह 11:00 बजे गया जी से सड़क मार्ग (NH-120) द्वारा राजगीर के लिए प्रस्थान करेगी। दोपहर 1:00 बजे समिति नालंदा विश्वविद्यालय के नए अंतरराष्ट्रीय परिसर पहुंचेगी, जहां परिसर के अवलोकन के बाद दोपहर भोज का आयोजन होगा। इसके बाद दोपहर 3:00 बजे टीम प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष (विश्व धरोहर स्थल) के लिए रवाना होगी और 3:30 बजे से प्राचीन धरोहर का अवलोकन करेगी। शाम 4:00 बजे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (राजगीर) में ‘हाई टी’ प्रस्तावित है, जिसके बाद शाम 5:00 बजे समिति NH-20 एवं NH-31 के रास्ते सड़क मार्ग से पटना के लिए प्रस्थान कर जाएगी। गयाजी सीमा से पटना सीमा तक 58 स्थानों पर कड़ी चौकसी समिति के दौरे को लेकर नालंदा जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। विधि-व्यवस्था और सुगम यातायात के लिए जिला सीमा राजगीर (वनगंगा) से लेकर बख्तियारपुर मार्ग (धोवापुल, हरनौत) तक 58 प्रमुख स्थलों पर दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और पुलिस बल की संयुक्त तैनाती की गई है। वनगंगा, जरादेवी मंदिर, छबिलापुर मोड़, सिलाव बाजार, पावापुरी मोड़, दीपनगर, कोसुक पुल, कारगिल चौक और भागनबिगहा जैसे संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष निगरानी रहेगी। सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को वीआईपी काफिले के पहुंचने से दो घंटे पहले ही ड्यूटी स्थल पर मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है। एंटी-सबोटाज चेकिंग, मेडिकल टीम और फायर ब्रिगेड सक्रिय सुरक्षा व्यवस्था के तहत विशेष शाखा द्वारा सभी भ्रमण स्थलों तथा रूट में पड़ने वाले पुल-पुलियों की एंटी-सबोटाज जांच कराई जा रही है। नालंदा विश्वविद्यालय, भग्नावशेष और कन्वेंशन सेंटर में सुरक्षा जांच के लिए डीएफएमडी और सीआईएटी बल तैनात रहेंगे। आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉडल अस्पताल बिहारशरीफ, विम्स पावापुरी और अनुमंडलीय अस्पताल राजगीर में ऑपरेशन थिएटर तैयार रखने के साथ-साथ जीवन रक्षक दवाओं से लैस एंबुलेंस को कारकेड के साथ शामिल किया गया है। परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति (पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ऑन ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म एंड कल्चर) के सदस्य आज नालंदा दौरे पर रहेंगे। राजगीर के ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे। बिहार की संस्कृति और विरासत को जानेंगे। राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा की अध्यक्षता वाली इस 31 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति में सांसद सुधा मूर्ति, इमरान प्रतापगढ़ी, जी बाबूराव, मोहम्मद नदीमुल हक, जागेश के झाला, एस कल्याणासुंदरम, एस फांगनोन कोन्याक और सुरेंद्र सिंह नागर समेत दोनों सदनों के प्रमुख सदस्य शामिल हैं। यह केंद्रीय टीम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीन आने वाली धरोहरों, पर्यटन सुविधाओं तथा विकास कार्यों का जमीनी स्तर पर निरीक्षण व समीक्षा करेगी। विश्वविद्यालय के नए परिसर से प्राचीन भग्नावशेष तक का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम तय कार्यक्रम के अनुसार, संसदीय समिति सुबह 11:00 बजे गया जी से सड़क मार्ग (NH-120) द्वारा राजगीर के लिए प्रस्थान करेगी। दोपहर 1:00 बजे समिति नालंदा विश्वविद्यालय के नए अंतरराष्ट्रीय परिसर पहुंचेगी, जहां परिसर के अवलोकन के बाद दोपहर भोज का आयोजन होगा। इसके बाद दोपहर 3:00 बजे टीम प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष (विश्व धरोहर स्थल) के लिए रवाना होगी और 3:30 बजे से प्राचीन धरोहर का अवलोकन करेगी। शाम 4:00 बजे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (राजगीर) में ‘हाई टी’ प्रस्तावित है, जिसके बाद शाम 5:00 बजे समिति NH-20 एवं NH-31 के रास्ते सड़क मार्ग से पटना के लिए प्रस्थान कर जाएगी। गयाजी सीमा से पटना सीमा तक 58 स्थानों पर कड़ी चौकसी समिति के दौरे को लेकर नालंदा जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। विधि-व्यवस्था और सुगम यातायात के लिए जिला सीमा राजगीर (वनगंगा) से लेकर बख्तियारपुर मार्ग (धोवापुल, हरनौत) तक 58 प्रमुख स्थलों पर दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और पुलिस बल की संयुक्त तैनाती की गई है। वनगंगा, जरादेवी मंदिर, छबिलापुर मोड़, सिलाव बाजार, पावापुरी मोड़, दीपनगर, कोसुक पुल, कारगिल चौक और भागनबिगहा जैसे संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष निगरानी रहेगी। सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को वीआईपी काफिले के पहुंचने से दो घंटे पहले ही ड्यूटी स्थल पर मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है। एंटी-सबोटाज चेकिंग, मेडिकल टीम और फायर ब्रिगेड सक्रिय सुरक्षा व्यवस्था के तहत विशेष शाखा द्वारा सभी भ्रमण स्थलों तथा रूट में पड़ने वाले पुल-पुलियों की एंटी-सबोटाज जांच कराई जा रही है। नालंदा विश्वविद्यालय, भग्नावशेष और कन्वेंशन सेंटर में सुरक्षा जांच के लिए डीएफएमडी और सीआईएटी बल तैनात रहेंगे। आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉडल अस्पताल बिहारशरीफ, विम्स पावापुरी और अनुमंडलीय अस्पताल राजगीर में ऑपरेशन थिएटर तैयार रखने के साथ-साथ जीवन रक्षक दवाओं से लैस एंबुलेंस को कारकेड के साथ शामिल किया गया है।

