नालंदा में बेटों ने संपत्ति के लिए पिता की हत्या कर दी और फरार हो गए थे। 5 साल बाद शनिवार को एक बेटा शंकर गिरफ्तार हुआ है। पुलिस के अनुसार मुनेश्वर महतो (मृतक) का अपनी बहू के साथ अवैध संबंध था। पिता ने अपनी संपत्ति बेच दी थी। 3 कट्ठा जमीन पत्नी के नाम रजिस्टर्ड था, जिसे 23 लाख में बेचा था। ये सारे रुपए मुनेश्वर ने अपनी बहू पर खर्च कर दिए थे। इसी बात पर शंकर और ललन ने मिलकर अपने पिता को गोली मार दी थी। घटना लमर थाना क्षेत्र के पाकड़ पंचायत भोजपुर गांव की है। मर्डर से पहले आरोपी के साले से विवाद हुआ था पुलिस के अनुसार घटना 9 जुलाई 2021 की है। मर्डर के कुछ दिन पहले मुनेश्वर बेटे ललन के ससुराल गया था। वो वहां क्यों गया था, इस बारे में पुलिस ने क्लियर नहीं किया है, पर ललन का साला मुनेश्वर को पसंद नहीं करता था क्योंकि मुनेश्वर का उसकी बहन अफेयर था। जब मनेश्वर ललन के ससुराल पहुंचा तो ललन के साले ने उसका विरोध किया और घर से जाने को कहा। इसी बात पर मुनेश्वर और ललन के साले के बीच मारपीट हो गई। इसके बाद मुनेश्वर नालंदा आ गया। गांव लौटने के बाद मुनेश्वर ने अपना गुस्सा बेटों पर उतारा। उसने दोनों ने बेटों को कहा कि मैं तुम दोनों को अपनी संपत्ति से बेदखल कर दूंगा। इसके कुछ दिन बाद ही मुनेश्वर ने अपनी बहू पर पैसे लुटान के लिए अपनी 3 कट्ठा जमीन बेच दी।
हैदराबाद में छिपा था आरोपी थानाध्यक्ष चंद्रशेखर कुमार के अनुसार आरोपी शंकर हैदराबाद में छिपा हुआ था। 2 साल तक वो वहीं रहा। इसके बाद वो 19 सितंबर को शराब मामले में गिरफ्तार हुआ था। जिसमें अदालत ने उसे जुर्माने की राशि पर रिहा कर दिया था। जांच के दौरान पता चला कि शंकर अपने पिता का हत्यारा है। जिसके बाद पुलिस ने उसे 20 सितंबर को ही कोर्ट के बाहर से ही गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और मामले के दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। बेटे की गिरफ्तारी गलत- मां दूसरी तरफ, मृतक की पत्नी कौशल्या देवी ने बेटे की गिरफ्तारी को पूरी तरह गलत करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने शंकर से नशे की हालत में जबरन बयान लिया है। कौशल्या देवी ने कहा कि घटना के समय उन्होंने मोहन खांदा गांव निवासी समधी गणेश महतो और उनके दो बेटों कुंदन-चंदन के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने दावा किया कि गणेश महतो और उनके बेटों ने ही घर के बाहर उनके पति की हत्या की थी और शव को 200 मीटर दूर ले जाकर ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन ग्रामीणों के जुटने पर शव छोड़कर भाग गए थे। दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि गणेश महतो के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला, जबकि बेटे के खिलाफ वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद हैं। समधी अब बेटे को फंसा रहे हैं कौशल्या देवी ने बताया कि मेरे 2 बेटे ललन-शंकर और पांच बेटियां हैं। घटना के वक्त एक बेटी मौके पर मौजूद थी। ललन की शादी 2010 में पाकड़ पंचायत के ही मोहन खंधा गांव निवासी गणेश महतो की बेटी निभा कुमारी से हुई थी। संपत्ति के लालच में गणेश महतो ने पति की हत्या करवाई और अब बेटे को फंसाया है। अभी मैं बेटी और दामाद घर पर रह रही, जबकि ललन की पत्नी ससुराल-मायके छोड़कर किराए के मकान में अपने 2 बेटों और 3 बेटियों के साथ रह रही है। शंकर की शादी बीते मार्च महीने में हुई है। नालंदा में बेटों ने संपत्ति के लिए पिता की हत्या कर दी और फरार हो गए थे। 5 साल बाद शनिवार को एक बेटा शंकर गिरफ्तार हुआ है। पुलिस के अनुसार मुनेश्वर महतो (मृतक) का अपनी बहू के साथ अवैध संबंध था। पिता ने अपनी संपत्ति बेच दी थी। 3 कट्ठा जमीन पत्नी के नाम रजिस्टर्ड था, जिसे 23 लाख में बेचा था। ये सारे रुपए मुनेश्वर ने अपनी बहू पर खर्च कर दिए थे। इसी बात पर शंकर और ललन ने मिलकर अपने पिता को गोली मार दी थी। घटना लमर थाना क्षेत्र के पाकड़ पंचायत भोजपुर गांव की है। मर्डर से पहले आरोपी के साले से विवाद हुआ था पुलिस के अनुसार घटना 9 जुलाई 2021 की है। मर्डर के कुछ दिन पहले मुनेश्वर बेटे ललन के ससुराल गया था। वो वहां क्यों गया था, इस बारे में पुलिस ने क्लियर नहीं किया है, पर ललन का साला मुनेश्वर को पसंद नहीं करता था क्योंकि मुनेश्वर का उसकी बहन अफेयर था। जब मनेश्वर ललन के ससुराल पहुंचा तो ललन के साले ने उसका विरोध किया और घर से जाने को कहा। इसी बात पर मुनेश्वर और ललन के साले के बीच मारपीट हो गई। इसके बाद मुनेश्वर नालंदा आ गया। गांव लौटने के बाद मुनेश्वर ने अपना गुस्सा बेटों पर उतारा। उसने दोनों ने बेटों को कहा कि मैं तुम दोनों को अपनी संपत्ति से बेदखल कर दूंगा। इसके कुछ दिन बाद ही मुनेश्वर ने अपनी बहू पर पैसे लुटान के लिए अपनी 3 कट्ठा जमीन बेच दी।
हैदराबाद में छिपा था आरोपी थानाध्यक्ष चंद्रशेखर कुमार के अनुसार आरोपी शंकर हैदराबाद में छिपा हुआ था। 2 साल तक वो वहीं रहा। इसके बाद वो 19 सितंबर को शराब मामले में गिरफ्तार हुआ था। जिसमें अदालत ने उसे जुर्माने की राशि पर रिहा कर दिया था। जांच के दौरान पता चला कि शंकर अपने पिता का हत्यारा है। जिसके बाद पुलिस ने उसे 20 सितंबर को ही कोर्ट के बाहर से ही गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और मामले के दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। बेटे की गिरफ्तारी गलत- मां दूसरी तरफ, मृतक की पत्नी कौशल्या देवी ने बेटे की गिरफ्तारी को पूरी तरह गलत करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने शंकर से नशे की हालत में जबरन बयान लिया है। कौशल्या देवी ने कहा कि घटना के समय उन्होंने मोहन खांदा गांव निवासी समधी गणेश महतो और उनके दो बेटों कुंदन-चंदन के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने दावा किया कि गणेश महतो और उनके बेटों ने ही घर के बाहर उनके पति की हत्या की थी और शव को 200 मीटर दूर ले जाकर ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन ग्रामीणों के जुटने पर शव छोड़कर भाग गए थे। दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि गणेश महतो के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला, जबकि बेटे के खिलाफ वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद हैं। समधी अब बेटे को फंसा रहे हैं कौशल्या देवी ने बताया कि मेरे 2 बेटे ललन-शंकर और पांच बेटियां हैं। घटना के वक्त एक बेटी मौके पर मौजूद थी। ललन की शादी 2010 में पाकड़ पंचायत के ही मोहन खंधा गांव निवासी गणेश महतो की बेटी निभा कुमारी से हुई थी। संपत्ति के लालच में गणेश महतो ने पति की हत्या करवाई और अब बेटे को फंसाया है। अभी मैं बेटी और दामाद घर पर रह रही, जबकि ललन की पत्नी ससुराल-मायके छोड़कर किराए के मकान में अपने 2 बेटों और 3 बेटियों के साथ रह रही है। शंकर की शादी बीते मार्च महीने में हुई है।

