बांका जिले के कटोरिया थाना क्षेत्र में श्रावणी मेला के दौरान कांवरिया वाहनों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में लापरवाही बरतने के आरोप में कटोरिया थानाध्यक्ष चंद्रदीप कुमार को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई भागलपुर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के आदेश पर की गई है। उन पर कांवरिया वाहन रोकने, दुर्व्यवहार करने और घटना की जानकारी वरीय अधिकारियों को समय पर न देने का आरोप है। आसपास के लोगों के साथ गाली-गलौज यह मामला 29 अगस्त की रात का है। कटोरिया थाना क्षेत्र के एसपी कॉलेज के पास सुईया मुख्य मार्ग पर एक व्यक्ति ने कथित तौर पर शराब के नशे में एक कांवरिया वाहन को रोक लिया। आरोप है कि उसने वाहन को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया और आसपास के लोगों के साथ गाली-गलौज भी की। इस घटना की सूचना रात करीब 8:30 बजे ईआरएसएस-112 के माध्यम से पुलिस को मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। आरोप है कि आरोपी व्यक्ति ने पुलिसकर्मियों के साथ भी दुर्व्यवहार और नोकझोंक की। IG के आदेश पर सस्पेंड किया गया श्रावणी मेला के दौरान हुई इस घटना को गंभीर मानते हुए तत्काल वरीय अधिकारियों को सूचित करना और प्राथमिकी दर्ज करना आवश्यक था, लेकिन थानाध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने मामले की जानकारी समय पर वरीय अधिकारियों को नहीं दी। एसपी अमितेश कुमार के अनुसार, घटना के लगभग 12 घंटे बाद तक भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी। इसे थानाध्यक्ष की गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना गया। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चंद्रदीप कुमार के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा भागलपुर आईजी से की थी, जिसके बाद आईजी के आदेश पर उन्हें निलंबित कर दिया गया। किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं निलंबन अवधि के दौरान थानाध्यक्ष को नियमानुसार सामान्य जीवनयापन भत्ता मिलेगा। उनका स्थानांतरण नवगछिया जिला बल में कर दिया गया है। उन्हें सात दिनों के भीतर भागलपुर आईजी कार्यालय में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कटोरिया थानाध्यक्ष पर की गई यह कार्रवाई इसी सख्ती का एक हिस्सा मानी जा रही है। बांका जिले के कटोरिया थाना क्षेत्र में श्रावणी मेला के दौरान कांवरिया वाहनों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में लापरवाही बरतने के आरोप में कटोरिया थानाध्यक्ष चंद्रदीप कुमार को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई भागलपुर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के आदेश पर की गई है। उन पर कांवरिया वाहन रोकने, दुर्व्यवहार करने और घटना की जानकारी वरीय अधिकारियों को समय पर न देने का आरोप है। आसपास के लोगों के साथ गाली-गलौज यह मामला 29 अगस्त की रात का है। कटोरिया थाना क्षेत्र के एसपी कॉलेज के पास सुईया मुख्य मार्ग पर एक व्यक्ति ने कथित तौर पर शराब के नशे में एक कांवरिया वाहन को रोक लिया। आरोप है कि उसने वाहन को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया और आसपास के लोगों के साथ गाली-गलौज भी की। इस घटना की सूचना रात करीब 8:30 बजे ईआरएसएस-112 के माध्यम से पुलिस को मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। आरोप है कि आरोपी व्यक्ति ने पुलिसकर्मियों के साथ भी दुर्व्यवहार और नोकझोंक की। IG के आदेश पर सस्पेंड किया गया श्रावणी मेला के दौरान हुई इस घटना को गंभीर मानते हुए तत्काल वरीय अधिकारियों को सूचित करना और प्राथमिकी दर्ज करना आवश्यक था, लेकिन थानाध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने मामले की जानकारी समय पर वरीय अधिकारियों को नहीं दी। एसपी अमितेश कुमार के अनुसार, घटना के लगभग 12 घंटे बाद तक भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी। इसे थानाध्यक्ष की गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना गया। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चंद्रदीप कुमार के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा भागलपुर आईजी से की थी, जिसके बाद आईजी के आदेश पर उन्हें निलंबित कर दिया गया। किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं निलंबन अवधि के दौरान थानाध्यक्ष को नियमानुसार सामान्य जीवनयापन भत्ता मिलेगा। उनका स्थानांतरण नवगछिया जिला बल में कर दिया गया है। उन्हें सात दिनों के भीतर भागलपुर आईजी कार्यालय में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कटोरिया थानाध्यक्ष पर की गई यह कार्रवाई इसी सख्ती का एक हिस्सा मानी जा रही है।

