शेखपुरा में बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ (एक्टू) की बैठक रविवार को एक्टू नेता कमलेश प्रसाद और माले नेता राजेश कुमार राय की मौजूदगी में हुई। बैठक की अध्यक्षता रसोइया संघ की नेत्री सबूजा देवी ने की। इसमें अरियरी प्रखंड के अलग-अलग स्कूलों से अरविंद सिंह, विभा देवी, पूनम देवी, कमली देवी, ममता देवी, विमली देवी, सीमा देवी सहित दर्जनों रसोइया ने हिस्सा लिया। 11,000 स्कूलों में दिया जा रहा एनजीओ से खाना बैठक में अरियरी बीआरसी कार्यालय पर 28 सितंबर को एक दिन का धरना प्रदर्शन करने का फैसला लिया गया। एक्टू नेता कमलेश प्रसाद ने बताया कि जिले के रसोइयों को पिछले तीन महीने से मानदेय नहीं मिला है। दुर्गा पूजा और दशहरा जैसे त्योहार सामने हैं, ऐसे में रसोइया परिवारों के सामने भुखमरी की स्थिति है। इसके अलावा, सरकार मध्याह्न भोजन योजना का प्राइवेटाइजेशन कर रही है। 29 जिलों के 11,000 स्कूलों में एनजीओ से खाना दिया जा रहा है। इनमें पटना के बाढ़, मोकामा, बख्तियारपुर, फतुहा, मनेर, विक्रम और पूर्वी चंपारण, शेखपुरा नगर, चेवाड़ा प्रखंड के स्कूल भी शामिल हैं। सिर्फ 10 महीने का दिया जाता है मानदेय रसोइयों का काम बढ़ता जा रहा है और उन्हें स्कूल में सम्मान भी नहीं मिलता है। पहले 60 साल में रिटायर किया जाता था, अब उससे पहले ही जबरन हटाया जा रहा है। एनजीओ का विस्तार लगातार हो रहा है, जिससे रसोइयों की छंटनी तेज हो रही है। कमलेश प्रसाद ने कहा कि 9 घंटे काम करवाने के बावजूद केवल दस महीने का मानदेय दिया जाता है, जो ठीक नहीं है। न स्वास्थ्य सुरक्षा है, न रिटायरमेंट का फायदा, न ड्रेस मिलता है और न ही ईपीएफ व ईएसआई का लाभ। प्रशासन ऊपर से नीचे तक संवेदनहीन है। उन्होंने कहा कि अपने हक के लिए जिले के रसोइया चुप नहीं बैठेंगे, आंदोलन होगा। उन्होंने जिले भर के रसोइयों से 6 अक्टूबर को बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ एक्टू के बैनर तले मुख्यमंत्री के सामने होने वाले प्रदर्शन में भाग लेने के लिए पटना चलने की अपील की। शेखपुरा में बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ (एक्टू) की बैठक रविवार को एक्टू नेता कमलेश प्रसाद और माले नेता राजेश कुमार राय की मौजूदगी में हुई। बैठक की अध्यक्षता रसोइया संघ की नेत्री सबूजा देवी ने की। इसमें अरियरी प्रखंड के अलग-अलग स्कूलों से अरविंद सिंह, विभा देवी, पूनम देवी, कमली देवी, ममता देवी, विमली देवी, सीमा देवी सहित दर्जनों रसोइया ने हिस्सा लिया। 11,000 स्कूलों में दिया जा रहा एनजीओ से खाना बैठक में अरियरी बीआरसी कार्यालय पर 28 सितंबर को एक दिन का धरना प्रदर्शन करने का फैसला लिया गया। एक्टू नेता कमलेश प्रसाद ने बताया कि जिले के रसोइयों को पिछले तीन महीने से मानदेय नहीं मिला है। दुर्गा पूजा और दशहरा जैसे त्योहार सामने हैं, ऐसे में रसोइया परिवारों के सामने भुखमरी की स्थिति है। इसके अलावा, सरकार मध्याह्न भोजन योजना का प्राइवेटाइजेशन कर रही है। 29 जिलों के 11,000 स्कूलों में एनजीओ से खाना दिया जा रहा है। इनमें पटना के बाढ़, मोकामा, बख्तियारपुर, फतुहा, मनेर, विक्रम और पूर्वी चंपारण, शेखपुरा नगर, चेवाड़ा प्रखंड के स्कूल भी शामिल हैं। सिर्फ 10 महीने का दिया जाता है मानदेय रसोइयों का काम बढ़ता जा रहा है और उन्हें स्कूल में सम्मान भी नहीं मिलता है। पहले 60 साल में रिटायर किया जाता था, अब उससे पहले ही जबरन हटाया जा रहा है। एनजीओ का विस्तार लगातार हो रहा है, जिससे रसोइयों की छंटनी तेज हो रही है। कमलेश प्रसाद ने कहा कि 9 घंटे काम करवाने के बावजूद केवल दस महीने का मानदेय दिया जाता है, जो ठीक नहीं है। न स्वास्थ्य सुरक्षा है, न रिटायरमेंट का फायदा, न ड्रेस मिलता है और न ही ईपीएफ व ईएसआई का लाभ। प्रशासन ऊपर से नीचे तक संवेदनहीन है। उन्होंने कहा कि अपने हक के लिए जिले के रसोइया चुप नहीं बैठेंगे, आंदोलन होगा। उन्होंने जिले भर के रसोइयों से 6 अक्टूबर को बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ एक्टू के बैनर तले मुख्यमंत्री के सामने होने वाले प्रदर्शन में भाग लेने के लिए पटना चलने की अपील की।

