शेखपुरा में मोबाइल नहीं देने पर ट्रक ड्राइवर की हत्या:खलासी ने सोते वक्त मारा चाकू, मर्डर के बाद आरोपी वैशाली भागा

शेखपुरा में मोबाइल नहीं देने पर ट्रक ड्राइवर की हत्या:खलासी ने सोते वक्त मारा चाकू, मर्डर के बाद आरोपी वैशाली भागा

शेखपुरा में खलासी को सोशल मीडिया चलाने के लिए अपना मोबाइल नहीं देना ट्रक चालक को महंगा पड़ गया। ड्राइवर के मना करने से खुद को अपमानित महसूस कर रहे खलासी ने रात में सोते वक्त उसकी चाकू से गोदकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी शेखपुरा से ट्रेन पकड़कर अपने गांव वैशाली फरार हो गया। खास बात यह रही कि हत्या करने के बाद भी उसने मृतक के पास रखे करीब 3 हजार रुपए नहीं लिए। पुलिस के लिए यह मामला शुरुआती तौर पर ब्लाइंड केस बना हुआ था, लेकिन CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के सहारे पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे वैशाली से गिरफ्तार कर लिया। मृतक की पहचान मोतिहारी के पिपराकोठी थाना क्षेत्र के बथना गांव निवासी मुन्नी लाल के बेटे लालदीप साह के रूप में हुई है। वहीं गिरफ्तार आरोपी वैशाली का रहने वाला नीतीश कुमार है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है और वारदात की पूरी कहानी पुलिस को बताई है। नरकटियागंज से चीनी लेकर शेखपुरा आए थे दोनों पुलिस के अनुसार लालदीप साह ट्रक चालक था और आरोपी नीतीश कुमार उसके साथ खलासी के रूप में काम करता था। दोनों पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज से ट्रक पर चीनी लादकर शेखपुरा के लिए निकले थे। रास्ते में शेखपुरा पहुंचने के बाद दोनों ने बाईपास स्थित बुधौली के पास एक लाइन होटल पर साथ खाना खाया। खाना खाने के बाद दोनों ट्रक के पास लौटे। इसी दौरान नीतीश ने अपने उस्ताद से मोबाइल मांगा। वह मोबाइल पर सोशल मीडिया चलाना चाहता था। उसने बताया कि उसके पास अपना स्मार्टफोन नहीं था और वह दोस्तों के मोबाइल से व्हाट्सऐप, फेसबुक समेत दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़ा रहता था। मोबाइल नहीं देने पर खुद को समझा अपमानित पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने चालक से मोबाइल मांगा, लेकिन लालदीप साह ने अपना मोबाइल देने से साफ इनकार कर दिया। आरोपी को चालक की यह बात नागवार गुजरी। उसने खुद को अपमानित महसूस किया और उसके मन में चालक के प्रति गुस्सा भर गया। रात में जब चालक सो गया तो आरोपी ने बदला लेने का फैसला किया। उसने सो रहे लालदीप साह पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू से कई वार किए जाने के कारण चालक की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। हत्या के बाद ट्रेन से भाग गया वैशाली वारदात को अंजाम देने के बाद नीतीश ने मृतक के पास रखे पैसे तक नहीं लिए। पुलिस के मुताबिक चालक के पास करीब 3 हजार रुपए मौजूद थे, लेकिन आरोपी ने उसे हाथ तक नहीं लगाया। इसके बाद वह शेखपुरा रेलवे स्टेशन पहुंचा और ट्रेन पकड़कर अपने गांव वैशाली जिले के योगापट्टी चला गया। इधर, चालक की हत्या की सूचना मिलने के बाद पुलिस के सामने आरोपी की पहचान करना बड़ी चुनौती थी। घटना के पीछे लूट या पुरानी दुश्मनी जैसी कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आ रही थी। आरोपी ने पैसे भी नहीं लिए थे, इसलिए पुलिस को मामले की गुत्थी सुलझाने में काफी सावधानी से जांच करनी पड़ी। जिले से लेकर नरकटियागंज तक खंगाले CCTV फुटेज एएसपी राकेश कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पुलिस ने घटना के बाद जिले में ट्रकों के आने-जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों के CCTV फुटेज खंगाले। इसके साथ ही नरकटियागंज से शेखपुरा तक ट्रक के आने वाले संभावित रूट पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग भी देखी गई। तकनीकी टीम ने अलग-अलग स्थानों के फुटेज को जोड़ते हुए ट्रक और उसके साथ मौजूद लोगों की गतिविधियों को ट्रैक किया। इसी दौरान पुलिस को आरोपी तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच के क्रम में पुलिस ने आरोपी की पहचान वैशाली जिले के नीतीश कुमार के रूप में की। विशेष जांच दल ने वैशाली पहुंचकर आरोपी को दबोचा आरोपी की पहचान होने के बाद एएसपी राकेश कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल को वैशाली भेजा गया। टीम ने वहां छापेमारी कर आरोपी नीतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे शेखपुरा लाया गया, जहां पुलिस ने उससे पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसके पास स्मार्टफोन नहीं था और वह दोस्तों के मोबाइल से सोशल मीडिया पर सक्रिय रहता था। अपने उस्ताद से मोबाइल मांगने और मना किए जाने के बाद उसे काफी बुरा लगा। इसी गुस्से और अपमान की भावना में उसने रात में सो रहे चालक की हत्या कर दी। पुलिस टीम को सम्मानित करने की अनुशंसा एएसपी राकेश कुमार ने कहा कि शेखपुरा पुलिस की चुस्त-दुरुस्त कार्रवाई के कारण कोई भी अपराधी पुलिस की नजरों से बच नहीं सकता। उन्होंने कहा कि यह मामला पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन तकनीकी जांच और CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी तक पहुंच बनाई। उन्होंने इस ब्लाइंड मर्डर केस के उद्भेदन में नगर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार और पूरी तकनीकी टीम की भूमिका की सराहना की। एएसपी ने बताया कि बेहतर पुलिसिंग और मामले के त्वरित उद्भेदन के लिए टीम को एसपी से पुरस्कृत करने की अनुशंसा की गई है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे पुलिस सुरक्षा में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस मामले में हत्या में इस्तेमाल चाकू समेत अन्य साक्ष्यों को भी जुटाने में लगी है। शेखपुरा में खलासी को सोशल मीडिया चलाने के लिए अपना मोबाइल नहीं देना ट्रक चालक को महंगा पड़ गया। ड्राइवर के मना करने से खुद को अपमानित महसूस कर रहे खलासी ने रात में सोते वक्त उसकी चाकू से गोदकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी शेखपुरा से ट्रेन पकड़कर अपने गांव वैशाली फरार हो गया। खास बात यह रही कि हत्या करने के बाद भी उसने मृतक के पास रखे करीब 3 हजार रुपए नहीं लिए। पुलिस के लिए यह मामला शुरुआती तौर पर ब्लाइंड केस बना हुआ था, लेकिन CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के सहारे पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे वैशाली से गिरफ्तार कर लिया। मृतक की पहचान मोतिहारी के पिपराकोठी थाना क्षेत्र के बथना गांव निवासी मुन्नी लाल के बेटे लालदीप साह के रूप में हुई है। वहीं गिरफ्तार आरोपी वैशाली का रहने वाला नीतीश कुमार है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है और वारदात की पूरी कहानी पुलिस को बताई है। नरकटियागंज से चीनी लेकर शेखपुरा आए थे दोनों पुलिस के अनुसार लालदीप साह ट्रक चालक था और आरोपी नीतीश कुमार उसके साथ खलासी के रूप में काम करता था। दोनों पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज से ट्रक पर चीनी लादकर शेखपुरा के लिए निकले थे। रास्ते में शेखपुरा पहुंचने के बाद दोनों ने बाईपास स्थित बुधौली के पास एक लाइन होटल पर साथ खाना खाया। खाना खाने के बाद दोनों ट्रक के पास लौटे। इसी दौरान नीतीश ने अपने उस्ताद से मोबाइल मांगा। वह मोबाइल पर सोशल मीडिया चलाना चाहता था। उसने बताया कि उसके पास अपना स्मार्टफोन नहीं था और वह दोस्तों के मोबाइल से व्हाट्सऐप, फेसबुक समेत दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़ा रहता था। मोबाइल नहीं देने पर खुद को समझा अपमानित पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने चालक से मोबाइल मांगा, लेकिन लालदीप साह ने अपना मोबाइल देने से साफ इनकार कर दिया। आरोपी को चालक की यह बात नागवार गुजरी। उसने खुद को अपमानित महसूस किया और उसके मन में चालक के प्रति गुस्सा भर गया। रात में जब चालक सो गया तो आरोपी ने बदला लेने का फैसला किया। उसने सो रहे लालदीप साह पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू से कई वार किए जाने के कारण चालक की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। हत्या के बाद ट्रेन से भाग गया वैशाली वारदात को अंजाम देने के बाद नीतीश ने मृतक के पास रखे पैसे तक नहीं लिए। पुलिस के मुताबिक चालक के पास करीब 3 हजार रुपए मौजूद थे, लेकिन आरोपी ने उसे हाथ तक नहीं लगाया। इसके बाद वह शेखपुरा रेलवे स्टेशन पहुंचा और ट्रेन पकड़कर अपने गांव वैशाली जिले के योगापट्टी चला गया। इधर, चालक की हत्या की सूचना मिलने के बाद पुलिस के सामने आरोपी की पहचान करना बड़ी चुनौती थी। घटना के पीछे लूट या पुरानी दुश्मनी जैसी कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आ रही थी। आरोपी ने पैसे भी नहीं लिए थे, इसलिए पुलिस को मामले की गुत्थी सुलझाने में काफी सावधानी से जांच करनी पड़ी। जिले से लेकर नरकटियागंज तक खंगाले CCTV फुटेज एएसपी राकेश कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पुलिस ने घटना के बाद जिले में ट्रकों के आने-जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों के CCTV फुटेज खंगाले। इसके साथ ही नरकटियागंज से शेखपुरा तक ट्रक के आने वाले संभावित रूट पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग भी देखी गई। तकनीकी टीम ने अलग-अलग स्थानों के फुटेज को जोड़ते हुए ट्रक और उसके साथ मौजूद लोगों की गतिविधियों को ट्रैक किया। इसी दौरान पुलिस को आरोपी तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच के क्रम में पुलिस ने आरोपी की पहचान वैशाली जिले के नीतीश कुमार के रूप में की। विशेष जांच दल ने वैशाली पहुंचकर आरोपी को दबोचा आरोपी की पहचान होने के बाद एएसपी राकेश कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल को वैशाली भेजा गया। टीम ने वहां छापेमारी कर आरोपी नीतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे शेखपुरा लाया गया, जहां पुलिस ने उससे पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसके पास स्मार्टफोन नहीं था और वह दोस्तों के मोबाइल से सोशल मीडिया पर सक्रिय रहता था। अपने उस्ताद से मोबाइल मांगने और मना किए जाने के बाद उसे काफी बुरा लगा। इसी गुस्से और अपमान की भावना में उसने रात में सो रहे चालक की हत्या कर दी। पुलिस टीम को सम्मानित करने की अनुशंसा एएसपी राकेश कुमार ने कहा कि शेखपुरा पुलिस की चुस्त-दुरुस्त कार्रवाई के कारण कोई भी अपराधी पुलिस की नजरों से बच नहीं सकता। उन्होंने कहा कि यह मामला पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन तकनीकी जांच और CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी तक पहुंच बनाई। उन्होंने इस ब्लाइंड मर्डर केस के उद्भेदन में नगर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार और पूरी तकनीकी टीम की भूमिका की सराहना की। एएसपी ने बताया कि बेहतर पुलिसिंग और मामले के त्वरित उद्भेदन के लिए टीम को एसपी से पुरस्कृत करने की अनुशंसा की गई है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे पुलिस सुरक्षा में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस मामले में हत्या में इस्तेमाल चाकू समेत अन्य साक्ष्यों को भी जुटाने में लगी है।  

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