विद्यानगर स्थित दीपशिखा अस्पताल में शुक्रवार रात लगी आग के मामले में प्रबंधन की गंभीर सुरक्षा लापरवाही सामने आई है। नगर निगम के फायर ऑफिसर सौरभ पटेल ने बताया कि अस्पताल ने एक साल पहले फायर एनओसी ली थी, लेकिन इसके बाद अनिवार्य वार्षिक फायर ऑडिट नहीं कराया गया। हादसे के बाद भी प्रबंधन ऑडिट के दस्तावेज पेश नहीं कर सका। जांच में सामने आया कि अस्पताल में आग बुझाने के उपकरण तो लगे थे, मगर उनका उपयोग करने वाला कोई नहीं था। अब निगम अस्पताल प्रबंधन पर नियमानुसार कार्रवाई करेगा। दूसरी ओर, हादसे के दौरान आसपास के घरों में धुआं भरने से आक्रोशित रहवासियों ने अस्पताल संचालन के विरोध में जमकर हंगामा किया था। मामले में निगम प्रशासन की ढिलाई भी उजागर हुई है, जहां रिहायशी इलाके में अस्पताल संचालन को लेकर अब तक व्यावसायिक उपयोग का नोटिस तक जारी नहीं किया गया। उपायुक्त भुवन गुप्ता का कहना है कि नोटिस जारी हुआ है या नहीं, इसे चैक करा रहे हैं।

