कौशांबी के नेवादा ब्लॉक स्थित शिवाजी इंटर कॉलेज में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर हुए छात्र-छात्राओं के धरना-प्रदर्शन के मामले में अब शासन स्तर से भी कार्रवाई शुरू हो गई है। 1 सितंबर को हुए प्रदर्शन के बाद चार छात्रों हर्षित दुबे, अंकित सिंह, अविनाश यादव और विक्रम सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। विद्यालय में लापरवाही मिलने पर प्रधानाचार्य विजय प्रताप सिंह को पद से हटाकर वरिष्ठ शिक्षक को जिम्मेदारी देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सामाजिक विज्ञान के शिक्षक दिनेश को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से संबद्ध किया गया था। वहीं फीस से जुड़े प्रकरण की जांच के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक बीएल मौर्य ने टीम गठित की थी। अब उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के हस्तक्षेप के बाद पूरे मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। डिप्टी सीएम ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश 2 सितंबर की देर रात उप मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी पत्र में जिला विद्यालय निरीक्षक कौशांबी और निदेशक माध्यमिक शिक्षा को मामले में त्वरित और विधिसम्मत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पत्र सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों में हलचल बढ़ गई है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र-छात्राएं देश का भविष्य हैं और उनके भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विद्यालयों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में लापरवाही या जिम्मेदारी का निर्वहन न करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। तीन अधिकारी पूरे प्रकरण की करेंगे जांच उप मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने नेवादा क्षेत्र से संबंधित कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और पूरे प्रकरण की जांच के लिए प्रांतीय शिक्षा सेवा के तीन अधिकारियों की समिति गठित की है। समिति विद्यालय में सामने आई शिकायतों, अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका और अब तक हुई कार्रवाई की जांच करेगी। जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय करने और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। विभागीय स्तर पर समिति की रिपोर्ट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रदर्शन के बाद चार छात्रों पर एफआईआर 1 सितंबर को शिवाजी इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर धरना-प्रदर्शन किया था। इसके बाद उसी रात चार छात्रों की प्रदर्शन में संलिप्तता पाए जाने पर उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। मामले में प्रधानाचार्य विजय प्रताप सिंह को हटाने की कार्रवाई हुई, जबकि वरिष्ठ अध्यापक को प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी देने की तैयारी है। सामाजिक विज्ञान के शिक्षक दिनेश को भी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से संबद्ध किया गया है। स्कूलों की सुविधाओं की नियमित निगरानी के निर्देश उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रदेश के विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की नियमित निगरानी और निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कहीं भी कमी मिलने पर तत्काल संज्ञान लेकर उसका प्रभावी निस्तारण कराया जाए। शिवाजी इंटर कॉलेज का मामला सामने आने के बाद अब विभागीय अधिकारी स्कूलों में सुविधाओं और व्यवस्थाओं की स्थिति को लेकर अधिक सक्रिय नजर आ रहे हैं। शासन स्तर से सीधे निर्देश आने के बाद कौशांबी के शिक्षा विभाग में भी कार्रवाई को लेकर हलचल तेज हो गई है।

