गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की मतगणना 27 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से होगी। प्रशासन की ओर से मतगणना को लेकर तैयारी पूरी की जा चुकी है। गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में स्ट्रांग रूम बनाया गया है। सभी 17 जिलों के 200 बूथों से मतपेटिका लाकर यहां रखा गया है। मतगणना के लिए 14 टेबल बनाए गए हैं। दो शिफ्ट में मतगणना का काम शुरू होगा। एक प्रत्याशी के 32 एजेंट होंगे। रिटर्निंग आफिसर/कमिश्नर इन्द्र विक्रम सिंह ने तैयारियों का निरीक्षण किया। मतगणना ड्यूटी में लगाए गए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। हर प्रत्याशी को एजेंट बनवाने को कहा गया है। एक शिफ्ट में 16 एजेंट रहेंगे, जो सुबह 6 से शाम 6 बजे तक वहां रह सकते हैं। इनमें से 14 एजेंट एक-एक टेबल पर जबकि एक-एक एजेंट आरओ एवं एआरओ टेबल पर रहेंगे। यदि तीसरे शिफ्ट में मतगणना गई तो पहली शिफ्ट वाले एजेंट को उसमें बैठने की अनुमति दे दी जाएगी। शनिवार की भोर तक जमा हुई मतपेटिकाएं शुक्रवार की शाम 4 बजे मतगणना समाप्त हो गई थी। उसके बाद हर जिले में बनाए गए बूथों से पोलिंग पार्टियां मतपेटिका लेकर जिला मुख्यालय तक पहुंचीं। वहां से मतपेटिकाओं को गोरखपुर में बनाए गए स्ट्रांग रूम में भेजा गया। दूर स्थित जिलों से मतपेटिका आने में काफी समय लग गया। अंतिम रूप से शनिवार की सुबह करीब पौने 4 बजे मतपेटिका रखने को वोटों के मिलान का काम समाप्त हुआ। उसके बाद प्रत्याशी या उनके अधिकृत एजेंट की देखरेख में स्ट्रांग रूम को सील कर दिया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच रखी गई हैं मतपेटिका
सभी मतपेटिका को स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है। अंदर भी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कैमरों के माध्यम से अंदर की स्थिति बाहर लगे एलईडी स्क्रीन पर देखी जा सकेगी। प्रत्याशियों एवं उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को बैठने के लिए टेंट भी लगाया गया है। सपा की ओर से शिफ्ट में कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है। सुरक्षा प्राप्त कोई नेता अंदर नहीं जाएगा इस चुनाव के रिटर्निग आफिसर/कमिश्नर इन्द्र विक्रम सिंह ने स्पष्ट कहा है कि जिस नेता को सुरक्षा मिली है, उन्हें गणना एजेंट नहीं बनाया जा सकता। ऐसे में सुरक्षा प्राप्त कोई नेता मतगणना स्थल पर नहीं आ सकता है। उन्होंने कहा कि मतगणना पूरी तरह से पारदर्शी है। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में मतपेटिकाएं रखी गई हैं और प्रत्याशियों को वहां एक्सेस दिया गया है। वे जब चाहें देख सकते हैं। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों से अंदर का प्रसारण बाहर लगी एलईडी पर किया जा रहा है। कमिश्नर ने कहा कि स्ट्रांग रूम को सबके सामने सील किया गया था। उनके पास अपना सील लगाने का भी विकल्प था। मंगलवार की सुबह 6:30 बजे मतगणना कर्मियों को प्रवेश दिया जाएगा। सुबह 7:30 बजे पर्यवेक्षक की मौजूदगी में स्ट्रांग रूम को खोला जाएगा। प्रत्याशियों को भी बुलाया गया है। वे चाहें तो आ सकते हैं। यदि कोई नहीं आएगा तो उसका इंतजार नहीं किया जाएगा। सुबह 7:30 बजे स्ट्रांग रूम खोल दिया जाएगा।
जानिए कैसे होगी मतगणना सुबह 7:30 बजे तक कर्मचारी वहां पहुंच जाएंगे। 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। पहले एक-एक बॉक्स को खोला जाएगा। उसमें से मतपत्र निकाले जाएंगे। सीधा करके उसमें से 50-50 मतपत्रों की गड्डी बनाई जाएगी। फार्म 16 में दर्ज वोटों की संख्या से उसे मिलाया जाएगा। उसे एक बड़े बॉक्स में रखा जाएगा। इस तरह से यह नहीं पता चलेगा कि किस बूथ का कौन सा मतपत्र है। माना जा रहा है कि है काम पूरा होने में ही शाम हो जाएगी। इस दौरान आधिकारिक रुझान तो नहीं आएंगे लेकिन प्रत्याशियों को अंदाज लग जाता है। मिलान का काम पूरा होने के बाद हर टेबल पर 20-20 गड्डी यानी 1-1 हजार वोट गिनने को दिया जाएगा। इस तरह पहले राउंड में 14 हजार मतों की गिनती हो जाएगी। 3 राउंड में यह गिनती पूरी की जाएगी। यदि प्रथम वरीयता से ही कोई जीत गया तो मतगणना बंद कर दी जाएगी। नहीं तो द्वितीय राउंड की मतगणना होगी। जानिए कैसे तय होती है जीत सबसे पहले प्रथम वरीयता के मतों की गिनती होती है। यदि इसमें कोई कुल वैध मतों का 50 प्रतिशत से एक अधिक वोट पा जाएगा तो उसे विजेता घोषित कर दिया जाएगा और गणना वहीं रोक दी जाएगी। लेकिन प्रथम वरीयता की गिनती पूरी होने के बाद भी कोई इस आंकड़े तक नहीं पहुंचता है तो द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती होगी। ऐसा करने के लिए सबसे पहले उस प्रत्याशी के मतपत्र लिए जाएंगे, जिसे प्रथम वरीयता में सबसे कम वोट मिला होगा। उसके मतपत्र पर जिस-जिस प्रत्याशी को द्वितीय वरीयता का मत मिला होगा, उसके-उसके खाते में जोड़ दिया जाएगा। सबसे निचले पायदान पर रहे जिस प्रत्याशी के मतपत्र से द्वितीय वरीयता की गिनती होगी, उसे पहले ही गिनती से बाहर कर दिया जाएगा। यही काम बढ़ते क्रम में किया जाएगा। जैसे ही कोई प्रत्याशी 50 प्रतिशत प्लस 1 मत का आंकड़ा पा लेगा, वहीं गिनती रोक दी जाएगी। यदि 16 में से 15 प्रत्याशियों के द्वितीय वरीयता की गिनती के बाद भी यह आंकड़ा नहीं पाा जा सका तो जो अंतिम प्रत्याशी बचेगा, चुनाव आयोग की अनुमति से उसे विजेता घोषित कर दिया जाएगा।

