शाम को BJP में शामिल, रात में पलट गए ब्रजवासी:सजा के 33 दिन बाद भी राजू विधायक, बिहार में ‘BJP राज’ के 4 बड़े संकेत

शाम को BJP में शामिल, रात में पलट गए ब्रजवासी:सजा के 33 दिन बाद भी राजू विधायक, बिहार में ‘BJP राज’ के 4 बड़े संकेत

निर्दलीय MLC चुनाव जीते बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज 31 अक्टूबर को भाजपा में शामिल हो गए। यह खबर जैसे ही बाहर आई लोगों ने कायदे-कानून का हवाला देकर उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की। इसके तुरंत बाद ब्रजवासी तुरंत पलट गए। उन्होंने पार्टी में शामिल होने की जगह सिर्फ समर्थन देने की बातें कही। इसके बाद सवाल उठने लगा है कि बिहार में कानून का राज (रूल ऑफ लॉ) है या कानून/BJP द्वारा शासन (रूल बाय लॉ/BJP)? पूरा मामला क्या है, क्यों कहा जा रहा कि बिहार में कानून का राज नहीं, रूल बाय BJP है; समझेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में…। सबसे पहले ब्रजवासी और राहुल राज का पूरा मामला समझिए… बंशीधर ब्रजवासी ने तिरहुत स्नातक सीट से JDU प्रत्याशी अभिषेक झा और राहुल राज ने सारण शिक्षक सीट से JDU प्रत्याशी आनंद पुष्कर को चुनाव हराया है। दोनों निर्दलीय MLC चुने गए हैं। 27-28 अक्टूबर को आए MLC चुनाव के रिजल्ट के 3 दिन बाद 31 अक्टूबर की शाम दोनों पटना स्थिति भाजपा कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार BJP प्रभारी हरीश द्विवेदी और बिहार BJP अध्यक्ष संजय सारवगी की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इसकी फोटो और वीडियो सामने आया। एक फोटो में राहुल राज और ब्रजवासी दोनों भाजपा की सदस्यता वाली पर्ची दिखाते नजर आए। 31 अक्टूबर की शाम पत्रकारों से बातचीत में ब्रजवासी ने साफ कहा, ‘जी बिल्कुल हमने BJP की सदस्यता ली है। शिक्षकों के हित में हमने यह फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुद्दों पर आश्वासन के बाद हमने सदस्यता ली है। अकेले रहकर हम कुछ नहीं कर सकते थे।’ विवाद बढ़ने पर 31 अक्टूबर की देर रात ब्रजवासी पलट गए। उन्होंने कहा, ‘हमने BJP की सदस्यता नहीं ली है। हमने NDA को समर्थन देने का ऐलान किया है। सरकार ने हमारी मांगों का समर्थन किया है।’ वहीं, डॉ. राहुल राज ने अब तक कोई बयान नहीं दिया है। बिहार में ‘कानून का राज’ नहीं, रूल बाय BJP के 4 संकेत… 1. दो निर्दलीय विधान पार्षदों को भाजपा में शामिल कराना संविधान में स्पष्ट उल्लेख के बावजूद निर्दलीय MLC को भाजपा ने कथित तौर पर पार्टी में शामिल करवाया। जबकि, संविधान की 10वीं अनुसूची दल-बदल विरोधी कानून के पैराग्राफ 2(2) में निर्दलीय सदस्यों के संबंध में स्पष्ट लिखा गया है… लीगल एक्सपर्ट का साफ मानना है कि अगर विधान परिषद के सभापति ने निष्पक्षता से मामले को हैंडल किया तो बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की सदस्यता जानी तय है। हालांकि, राजनीतिक परिस्थितियों के मुताबिक, इसकी संभावना कम है। विपक्ष ने लगाया संविधान के उल्लंघन का आरोप भाजपा बोली- सदस्यता नहीं जाएगी, जहां जाना हैं जाएं 2. एक महीने बाद भी BJP विधायक राजू सिंह की सदस्यता रद्द नहीं भाजपा के साहेबगंज से विधायक राजू सिंह की सदस्यता कोर्ट की सजा के करीब एक महीने बाद भी रद्द नहीं की गई है। इस मामले पर भी विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। पूरा मामला जानिए… यानी उन्हें विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया जा सकता है। आज दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला आए 33 दिन हो गए हैं, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कोई फैसला नहीं लिया है। राजू सिंह अब भी विधायक हैं। जबकि, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा 8(3) में 2 बातें साफ तौर पर कही गई है… 3. दीपक प्रकाश बिना सदन के सदस्य बने मंत्री बने, कोर्ट की फटकार 7 मई 2026 को सम्राट कैबिनेट में RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश दोबारा मंत्री बने। इससे पहले वह नीतीश सरकार में भी 20 नवंबर 2025 से 15 अप्रैल 2026 तक मंत्री रह चुके थे। दीपक प्रकाश दोनों बार बिना किसी सदन विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य बने मंत्री बने थे। दीपक प्रकाश के दोबारा मंत्री बनने पर पटना के राकेश कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर संविधान के ऑर्टिकल 164(4) के तहत अवैध बताया। हालांकि, मामले पर अभी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। याचिका खत्म नहीं हुई है। 4. JDU को हराने वालों की 3 दिन में ही पार्टी में वापसी भाजपा में कथित तौर पर शामिल हुए बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज JDU कैंडिडेट को हराकर विधान पार्षद बने हैं। दोनों की वापसी ऐसे समय पर हुई जब JDU प्रत्याशी गठबंधन की पार्टी पर सहयोग नहीं करने का गंभीर आरोप लगा रहे हैं। तिरहुत स्नातक से JDU प्रत्याशी रहे अभिषेक झा खुद को चक्रव्यू में फंसा अभिमन्यु बताकर सहयोगी पार्टियों पर निशाना साध रहे हैं। सीतामढ़ी से JDU सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा, ‘गठबंधन के सहयोगियों का दिल साफ नहीं था। उनके निशाने पर अभिषेक झा नहीं, मैं था। उन्हें जलन थी कि देवेश चंद्र ठाकुर बड़ा नेता कैसे बन रहा है।’ सारण शिक्षक सीट से हारे JDU कैंडिडेट आनंद पुष्कर ने BJP सांसद राधामोहन सिंह और राजीव प्रताप रूडी पर निशाना साधा। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, ‘आज सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणाम और पूरे चुनावी घटनाक्रम के बाद भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं की भूमिका तथा उनके गठबंधन धर्म के पालन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जो बातें अब तक पर्दे के पीछे थीं, वे आज धीरे-धीरे सबके सामने आ रही हैं।’

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