बुलंदशहर के खुर्जा में जुनैदपुर उर्फ इजू मौजपुर गांव में रविवार देर शाम शादी का माहौल अचानक चीख-पुकार में बदल गया। दूल्हे की ‘सलामी’ रस्म के दौरान मकान की छत ढहने से महिलाओं और बच्चों समेत 10-12 लोग घायल हो गए। हादसे का कारण क्षमता से अधिक लोग होना और छत का सीमेंट का गाटर टूटना बताया जा रहा है। निकाह के बाद चल रही थी सलामी की रस्म जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के चिरोड़ी (लोनी) कस्बे से बारात आई हुई थी। निकाह के बाद मकान की छत पर सलामी की रस्म चल रही थी। उस वक्त छत पर 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे। अत्यधिक वजन पड़ने के कारण छत का सीमेंट का गाटर अचानक टूट गया और पूरी छत नीचे आ गिरी। ग्रामीणों और पुलिस ने मलबे से निकाला हादसे की खबर मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू कर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया। घायलों को इलाज के लिए पास के सरकारी और निजी अस्पतालों में पहुंचाया गया है। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से मलबे से लोगों को निकाला। घायलों को तुरंत सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घायलों में सीमा (45) पत्नी अफजाल, आबिदा (25) पत्नी आबिद, बक्सर (38) पत्नी जाविद, आयशा (20) पत्नी अमन, गुलफसा (25) पत्नी बसरु, नरगिस (26) पत्नी माजिद और लियाकत शामिल हैं। सीमा और आबिदा को बुलंदशहर जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बच्चों के पैर टूटे, बारात सुरक्षित लौटी प्रत्यक्षदर्शी लियाकत और मौलाना शाह मुकर्रम ने बताया कि हादसे में कई बच्चों के पैर टूट गए हैं। घटना के बाद बारात के बाकी सदस्य सुरक्षित वापस लौट गए। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

