प्रतापगढ़ में रविवार दोपहर घरवालों ने अपनी 18 साल की जिंदा बेटी की शव यात्रा निकाली। उस पर बेटी की तस्वीर भी रखी। दोपहर करीब 3 बजे पुतले का अंतिम संस्कार कर दिया। कहने लगे- बेटी ने समाज में हमारी बदनामी करा दी। अब वह हमारे लिए मर चुकी है। बेटी अपने प्रेमी के साथ घर से भाग गी थी। वहीं लड़की ने कहा- मैं बालिग हूं। अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ रहना चाहती हूं। हमें परेशान न किया जाए। घरवाले अब पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार श्राद्ध कर्म और तेरहवीं की तैयारी कर रहे हैं। मामला जेठवारा थाना क्षेत्र का है। अब जानिए पूरा मामला… आशापुर गांव में रहने वाले जमुना प्रसाद पटेल किसान हैं। उनकी बेटी नीलम का गांव के दूसरी जाति के युवक विनोद कुमार (19) से 2 साल से अफेयर चल रहा था। एक महीने पहले नीलम अचानक घर से चली गई। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला। 27 अगस्त को घरवालों ने पुलिस से शिकायत कर बेटी को तलाश करने की मांग की। पुलिस को लड़की अपने प्रेमी के साथ मिली पुलिस ने जांच शुरू की। 2 दिन पहले नीलम को उसके बॉयफ्रेंड विनोद के साथ बरामद कर लिया गया। दोनों को थाने लाकर घरवालों के सामने बातचीत की गई। बताया जा रहा है, नीलम ने विनोद के साथ रहने की इच्छा जताई। उसने कहा वह विनोद से प्रेम करती है। उसके साथ ही पूरा जीवन बिताना चाहती है। थाने में ही घरवालों ने बेटी से नाता तोड़ने की बात कही नीलम के फैसले से नाराज उसके घरवालों ने थाने में ही उससे नाता तोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा- हमारे लिए बेटी अब मर चुकी है। इसके बाद गांव लौटकर उन्होंने बेटी नीलम का पुतला तैयार किया और उसकी प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। घरवालों ने पुतले को अर्थी पर रखा और उसके साथ बेटी की तस्वीर भी रख दी। इसके बाद गांव में शवयात्रा निकालकर अंतिम संस्कार किया गया। लड़की बोली- मैं बालिग हूं, हमें परेशान न करें नीलम ने कहा- मैं विनोद कुमार मौर्य से प्यार करती हूं। मैं बालिग हूं और विनोद के साथ ही रहना चाहती हूं। मैं इनको पति मान चुकी हूं। घरवाले हम दोनों को परेशान नहीं करें। हम अपनी जिंदगी जीना चाहते हैं। मुझ पर किसी ने कोई दबाव नहीं डाला है। पुतले का अंतिम संस्कार करने के बाद अब घरवाले रीति-रिवाज के अनुसार श्राद्ध कर्म और 13वें दिन तेरहवीं भी करेंगे। ——————————- यह खबर भी पढ़ें… क्या NDA के लिए मुस्लिम वोट साधेंगे मो. शमी, जयंत से मुलाकात के बाद RLD में एंट्री की चर्चा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर मोहम्मद शमी अब सियासत की पिच पर नई पारी शुरू कर सकते हैं। RLD प्रमुख जयंत चौधरी से हालिया मुलाकात के बाद उनकी राजनीतिक एंट्री को लेकर कयासबाजी तेज हो गई है। अब सवाल है कि सियासत में संभावित एंट्री सिर्फ शमी की लोकप्रियता की वजह से है? या इसके पीछे पश्चिमी यूपी के मुस्लिम मतदाताओं तक पहुंच बनाने की RLD-भाजपा की रणनीति का हिस्सा है? पढ़ें पूरी खबर…

