दुमका| नाबालिग लड़की से शादी कराने के मामले में दुमका एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय ने मंगलवार को फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश मोहित चौधरी ने ताला मरांडी सहित पांच आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। मामला 27 फरवरी 2016 का है। आरोप था कि मुन्ना मरांडी की शादी एक नाबालिग लड़की से कराई गई थी। मामला प्रकाश में आने के बाद बोआरीजोर, गोड्डा के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी विजय कुमार मरांडी ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 9, 10 और 11 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले में मुन्ना मरांडी, मुन्ना मरांडी के ससुर भगन बास्की, भीमा मरांडी, अनिल हेम्ब्रम और ताला मरांडी सहित पांच लोगों को आरोपी बनाया गया था। आरोप था कि आरोपियों की संलिप्तता से नाबालिग लड़की की शादी कराई गई। दुमका| नाबालिग लड़की से शादी कराने के मामले में दुमका एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय ने मंगलवार को फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश मोहित चौधरी ने ताला मरांडी सहित पांच आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। मामला 27 फरवरी 2016 का है। आरोप था कि मुन्ना मरांडी की शादी एक नाबालिग लड़की से कराई गई थी। मामला प्रकाश में आने के बाद बोआरीजोर, गोड्डा के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी विजय कुमार मरांडी ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 9, 10 और 11 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले में मुन्ना मरांडी, मुन्ना मरांडी के ससुर भगन बास्की, भीमा मरांडी, अनिल हेम्ब्रम और ताला मरांडी सहित पांच लोगों को आरोपी बनाया गया था। आरोप था कि आरोपियों की संलिप्तता से नाबालिग लड़की की शादी कराई गई।

