बिहार सरकार के गृह विभाग ने भारतीय पुलिस सेवा एवं बिहार पुलिस सेवा के अधिकारियों के पदस्थापन में बड़ा फेरबदल किया है। 10 अक्टूबर 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, 6 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। 1998 बैच के IPS अधिकारी रत्न संजय कटियार को अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) बनाया गया है। उन्हें मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। वहीं 2019 बैच के IPS अधिकारी चन्द्र प्रकाश को पटना का नगर पुलिस अधीक्षक (मध्य) बनाया गया है। 1998 बैच के ही IPS अधिकारी कासे सुहिता अनुपम को अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग), अपराध अनुसंधान विभाग की जिम्मेदारी मिली है। 2016 बैच के IPS अधिकारी किरण कुमार गौरव जाधव को अरवल का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। नवजोत सिमी को अपराध अनुसंधान विभाग 2018 बैच की IPS अधिकारी नवजोत सिमी को अपराध अनुसंधान विभाग में पुलिस अधीक्षक (सीआईओ) की जिम्मेदारी दी गई है। ममता कल्याणी, सीधी नियुक्ति (45वीं बैच)-2005 को समादेष्टा, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-10, पटना की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा निर्मल कुमार आजाद (भापुसे-1994) को मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक पद के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। पहले भी पटना सेंट्रल एसपी रह चुके हैं चंद्र प्रकाश चंद्र प्रकाश पहले भी पटना सेंट्रल एसपी रह चुके हैं। बतौर सेंट्रल SP पटना में दूसरी बार पोस्टिंग हुई है। ममता कल्याणी का कार्यकाल सबसे कम रहा। जून में पोस्टिंग हुई थी और अक्टूबर में तबादला हो गया। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के संरक्षक प्रशांत किशोर के साथ हॉट टॉक भी हुआ था। जिसका वीडियो वायरल हो गया था। इसके अलावा इन्हीं के कार्यकाल के दौरान जन सुराज के नेता अनिल यादव को बुद्धा कॉलोनी के चकारम इलाके में बदमाशों ने गोली मारी थी। यह भी घटना काफी सुर्खियों में रही। इसके अलावा चर्चित बंटी यादव हत्याकांड भी इनके कार्यकाल के दौरान हुआ। जिसमें पुलिस और सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। बिहार में सुपरकॉप के रूप में फेमस हैं रत्न संजय IPS अधिकारी रत्न संजय कटियार कुछ दिनों पहले ही बिहार लौटे हैं। वह SSB के IG के रूप में लखनऊ में सेवाएं दे रहे थे। गृह मंत्रालय ने उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से मुक्त कर दिया। जिसके बाद उन्होंने पटना आकर पुलिस मुख्यालय में योगदान दिया। रत्न संजय बिहार में सुपरकॉप के रूप में फेमस हैं। उन्होंने करीब दो दशक तक सीवान में राज करने वाले मोहम्मद शहाबुद्दीन के आतंक के साम्राज्य को तहस-नहस कर दिया था। बिहार सरकार के गृह विभाग ने भारतीय पुलिस सेवा एवं बिहार पुलिस सेवा के अधिकारियों के पदस्थापन में बड़ा फेरबदल किया है। 10 अक्टूबर 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, 6 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। 1998 बैच के IPS अधिकारी रत्न संजय कटियार को अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) बनाया गया है। उन्हें मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। वहीं 2019 बैच के IPS अधिकारी चन्द्र प्रकाश को पटना का नगर पुलिस अधीक्षक (मध्य) बनाया गया है। 1998 बैच के ही IPS अधिकारी कासे सुहिता अनुपम को अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग), अपराध अनुसंधान विभाग की जिम्मेदारी मिली है। 2016 बैच के IPS अधिकारी किरण कुमार गौरव जाधव को अरवल का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। नवजोत सिमी को अपराध अनुसंधान विभाग 2018 बैच की IPS अधिकारी नवजोत सिमी को अपराध अनुसंधान विभाग में पुलिस अधीक्षक (सीआईओ) की जिम्मेदारी दी गई है। ममता कल्याणी, सीधी नियुक्ति (45वीं बैच)-2005 को समादेष्टा, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-10, पटना की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा निर्मल कुमार आजाद (भापुसे-1994) को मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक पद के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। पहले भी पटना सेंट्रल एसपी रह चुके हैं चंद्र प्रकाश चंद्र प्रकाश पहले भी पटना सेंट्रल एसपी रह चुके हैं। बतौर सेंट्रल SP पटना में दूसरी बार पोस्टिंग हुई है। ममता कल्याणी का कार्यकाल सबसे कम रहा। जून में पोस्टिंग हुई थी और अक्टूबर में तबादला हो गया। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के संरक्षक प्रशांत किशोर के साथ हॉट टॉक भी हुआ था। जिसका वीडियो वायरल हो गया था। इसके अलावा इन्हीं के कार्यकाल के दौरान जन सुराज के नेता अनिल यादव को बुद्धा कॉलोनी के चकारम इलाके में बदमाशों ने गोली मारी थी। यह भी घटना काफी सुर्खियों में रही। इसके अलावा चर्चित बंटी यादव हत्याकांड भी इनके कार्यकाल के दौरान हुआ। जिसमें पुलिस और सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। बिहार में सुपरकॉप के रूप में फेमस हैं रत्न संजय IPS अधिकारी रत्न संजय कटियार कुछ दिनों पहले ही बिहार लौटे हैं। वह SSB के IG के रूप में लखनऊ में सेवाएं दे रहे थे। गृह मंत्रालय ने उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से मुक्त कर दिया। जिसके बाद उन्होंने पटना आकर पुलिस मुख्यालय में योगदान दिया। रत्न संजय बिहार में सुपरकॉप के रूप में फेमस हैं। उन्होंने करीब दो दशक तक सीवान में राज करने वाले मोहम्मद शहाबुद्दीन के आतंक के साम्राज्य को तहस-नहस कर दिया था।

