शव को ठेले पर ले गए, पेट्रोलिंग ऑफिसर सस्पेंड:मोतिहारी में एसपी स्वर्ण प्रभात ने जांच के बाद की कार्रवाई, रघुनाथपुर थानाध्यक्ष से मांगा जवाब

शव को ठेले पर ले गए, पेट्रोलिंग ऑफिसर सस्पेंड:मोतिहारी में एसपी स्वर्ण प्रभात ने जांच के बाद की कार्रवाई, रघुनाथपुर थानाध्यक्ष से मांगा जवाब

मोतिहारी के रघुनाथपुर बस स्टैंड के पास हुई सड़क दुर्घटना में युवक की मौत के बाद उसके शव को जुगाड़ ठेले पर लादकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने के मामले में एसपी स्वर्ण प्रभात ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना का वीडियो सामने आने और सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने जांच टीम गठित की थी। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद गश्ती पदाधिकारी पु०अ०नि०/585 अंबिका प्रसाद यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, रघुनाथपुर थानाध्यक्ष से पूरे मामले में स्पष्टीकरण की मांग की गई है। जानकारी के अनुसार, रघुनाथपुर बस स्टैंड के पास हुई सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद रघुनाथपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न आरोप है कि पुलिस ने मृत युवक के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजने के दौरान थाना के वाहन के बजाय जुगाड़ ठेले का इस्तेमाल किया। शव को ठेले पर लादकर ले जाने का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना लिया। बाद में कई मीडिया संस्थानों ने भी वीडियो प्रसारित किया, जबकि सोशल मीडिया पर भी यह तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों में आक्रोश देखा गया। स्थिति तनावपूर्ण होने लगी और मौके पर विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने की स्थिति बन गई। पुलिस की ओर से बरती गई लापरवाही सूचना मिलने पर सदर-1 एसडीपीओ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई। जांच में गश्ती वाहन में प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारी अंबिका प्रसाद यादव तथा रघुनाथपुर थानाध्यक्ष की कार्यशैली में घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और मनमानेपन की बात सामने आई। जांच में पाया गया कि पुलिस की ओर से बरती गई लापरवाही के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई, जिससे पुलिस की छवि धूमिल हुई और पुलिसिंग पर भी सवाल खड़े हुए। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने अंबिका प्रसाद यादव को लापरवाही, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता, मनमानेपन और कर्तव्यहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही रघुनाथपुर थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगते हुए उनसे मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा गया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद महकमे में भी हड़कंप मचा है। मोतिहारी के रघुनाथपुर बस स्टैंड के पास हुई सड़क दुर्घटना में युवक की मौत के बाद उसके शव को जुगाड़ ठेले पर लादकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने के मामले में एसपी स्वर्ण प्रभात ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना का वीडियो सामने आने और सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने जांच टीम गठित की थी। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद गश्ती पदाधिकारी पु०अ०नि०/585 अंबिका प्रसाद यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, रघुनाथपुर थानाध्यक्ष से पूरे मामले में स्पष्टीकरण की मांग की गई है। जानकारी के अनुसार, रघुनाथपुर बस स्टैंड के पास हुई सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद रघुनाथपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न आरोप है कि पुलिस ने मृत युवक के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजने के दौरान थाना के वाहन के बजाय जुगाड़ ठेले का इस्तेमाल किया। शव को ठेले पर लादकर ले जाने का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना लिया। बाद में कई मीडिया संस्थानों ने भी वीडियो प्रसारित किया, जबकि सोशल मीडिया पर भी यह तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों में आक्रोश देखा गया। स्थिति तनावपूर्ण होने लगी और मौके पर विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने की स्थिति बन गई। पुलिस की ओर से बरती गई लापरवाही सूचना मिलने पर सदर-1 एसडीपीओ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई। जांच में गश्ती वाहन में प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारी अंबिका प्रसाद यादव तथा रघुनाथपुर थानाध्यक्ष की कार्यशैली में घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और मनमानेपन की बात सामने आई। जांच में पाया गया कि पुलिस की ओर से बरती गई लापरवाही के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई, जिससे पुलिस की छवि धूमिल हुई और पुलिसिंग पर भी सवाल खड़े हुए। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने अंबिका प्रसाद यादव को लापरवाही, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता, मनमानेपन और कर्तव्यहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही रघुनाथपुर थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगते हुए उनसे मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा गया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद महकमे में भी हड़कंप मचा है।  

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