जौनपुर के बीआरपी मैदान में मंगलवार को दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक श्रीराम कथा का आयोजन हुआ। सेवा भारती संस्थान, काशी प्रांत के नेतृत्व में समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह के संयोजन में नौ दिवसीय कथा चल रही है। सातवें दिन कथा व्यास आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंग सुनाए। कथा के दौरान हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। सच्ची भक्ति और प्रतीक्षा से मिलते हैं भगवान आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि भगवान को पाने के लिए सच्ची भक्ति और धैर्य जरूरी है। उन्होंने शबरी और अहिल्या के प्रसंग सुनाते हुए बताया कि दोनों ने सच्चे मन से भगवान की प्रतीक्षा की। अंत में प्रभु ने स्वयं उन्हें दर्शन दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी भक्ति और समर्पण की भावना बनाए रखने की अपील की। गुरु के बिना जीवन अधूरा गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि गुरु के बिना जीवन अधूरा है। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास की रामचरितमानस के प्रसंगों के माध्यम से गुरु के महत्व को समझाया। दशरथ के महाप्रयाण की कथा सुन भावुक हुए भक्त कथा के दौरान तीर्थराज प्रयाग में भरद्वाज मुनि का प्रसंग, अहिल्या उद्धार, चित्रकूट की लीलाएं और राजा दशरथ के महाप्रयाण की कथा सुनाई गई। इसके साथ ही माता सीता के त्याग और लव-कुश से जुड़े प्रसंगों का भी वर्णन हुआ। इन भावनात्मक प्रसंगों को सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।

