बालाघाट शहर में नवरात्र के दौरान विराजित दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला गुरुवार देर रात वैनगंगा नदी में प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ पूरा हो गया। झांसी रानी चौक, भटेरा सहित शहर के 80 से ज्यादा स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। विजयादशमी के बाद शुरू हुआ विसर्जन का सिलसिला तीन दिनों तक चला। क्रेन की मदद से कराया विसर्जन प्रशासन और नगरपालिका ने वैनगंगा नदी के छोटे पुल पर तीन दिनों तक प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था की थी। यहां क्रेन की मदद से प्रतिमाओं का सुरक्षित विसर्जन कराया गया। गुरुवार रात 6 से ज्यादा प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ यह प्रक्रिया पूरी हो गई। विसर्जन घाट पर पहली बार भंडारे की व्यवस्था नगरपालिका की ओर से इस बार विसर्जन घाट पर पहली बार महाप्रसाद यानी भंडारे की व्यवस्था की गई। इसका लाभ प्रतिमा विसर्जन के लिए पहुंचे लोगों और विसर्जन कार्य में लगे कर्मचारियों ने लिया। तस्वीरे देखिए…
प्रशासन और बचाव दल रहे तैनात विसर्जन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ होमगार्ड, एसडीईआरएफ और नगरपालिका का अमला तैनात रहा। प्रशासन के अनुसार, विसर्जन के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रतिमा विसर्जन शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ।

