भास्कर न्यूज | अमृतसर करीब छह दशक तक हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच रिश्तों, मुलाकातों और उम्मीदों का पुल बनी समझौता एक्सप्रेस को बंद हुए आज 7 साल हो गए। हालांकि यह पहली बार नहीं है, जब इस ट्रेन के पहिए थमे हों। अपने लंबे इतिहास में समझौता एक्सप्रेस कई बार राजनीतिक तनाव, युद्ध जैसे हालात, आतंकवाद, बीमारियों और सुरक्षा कारणों से बंद होती रही। हर बार हालात सामान्य हुए तो ट्रेन फिर पटरी पर लौट आई। मगर इस बार का इंतजार सबसे लंबा हो गया है। यह ट्रेन देश के आखिरी रेलवे स्टेशन अटारी से होकर पाकिस्तान की सरहद में दाखिल होती थी। पुलवामा हमले के बाद दोनों देशों में तनाव बढ़ा। इसके बाद जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने से रिश्ते और बिगड़े। आखिरकार 8 अगस्त 2019 को समझौता एक्सप्रेस के पहिए थम गए। इसके बाद यह ट्रेन दोबारा नहीं चल सकी। इससे करोड़ों रुपए की लागत से तैयार किया गया है स्टेशन बर्बादी से भी बत्तर स्थिति में हैं।


