विहिप बजरंग दल ने रतलाम कलेक्ट्रेट में पढ़ी हनुमान चालीसा:कार्यकर्ताओं पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग, लॉ कॉलेज में हंगामे के लगे हैं आरोप

विहिप बजरंग दल ने रतलाम कलेक्ट्रेट में पढ़ी हनुमान चालीसा:कार्यकर्ताओं पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग, लॉ कॉलेज में हंगामे के लगे हैं आरोप

रतलाम के डॉ. कैलाश नाथ काटजू लॉ कॉलेज में गणेशोत्सव के दौरान हुए विवाद में बजरंग दल के दो पदाधिकारियों और एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज हुए थे। अब इसके विरोध में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता कालिका माता मंदिर परिसर में जुटे। यहां से वाहन रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने दर्ज केस को झूठा बताते हुए इसे खत्म करने की मांग की। पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट की सीढ़ियों और नीचे जमीन पर बैठकर तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ किया। मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत और एएसपी विवेक कुमार को सौंपा। इसमें बजरंग दल पदाधिकारी सुनील राठौर, गनी शक्तावत और ऋषभ सुराना पर एकतरफा और तथ्यहीन कार्रवाई का आरोप लगाया गया। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर केस निरस्त करने की मांग की। संगठन ने महाविद्यालय प्रशासन और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग रखी। अधिकारियों ने पांच दिन में पूरे मामले की जांच का आश्वासन दिया। गणेशोत्सव के दौरान हुआ था विवाद
लॉ कॉलेज में गणेशोत्सव के दौरान 10 दिन तक विद्यार्थियों ने अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम किए थे। इसी दौरान एक दिन गरबा कार्यक्रम आयोजित किया गया। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कॉलेज पहुंचकर कपल गरबा होने का आरोप लगाया और कार्यक्रम बंद करा दिया। कॉलेज प्रबंधन ने कपल गरबा होने से इनकार करते हुए इसे सांस्कृतिक कार्यक्रम बताया था। इस दौरान कॉलेज में हंगामा हुआ था। अगले दिन कॉलेज के विद्यार्थी और स्टाफ कलेक्ट्रेट व एसपी कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने कॉलेज में आकर हंगामा करने वालों के खिलाफ शिकायत की थी। इसके अगले दिन फिर कॉलेज में हंगामा हुआ। इस दौरान कॉलेज के विद्यार्थी, पदाधिकारी और कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए थे। संगठन ने कहा- बिना जांच दर्ज की गई FIR
VHP और बजरंग दल ने ज्ञापन में कहा कि संगठन के कुछ कार्यकर्ता पुलिस को सूचना देकर कॉलेज पहुंचे थे। उनका मकसद किसी छात्र, शिक्षक या कर्मचारी से विवाद करना नहीं था। वे धार्मिक कार्यक्रम को लेकर अपनी बात रखने गए थे। संगठन के मुताबिक, कार्यकर्ताओं ने न नारे लगाए और न तोड़फोड़ की। किसी छात्र, शिक्षक या कर्मचारी से बदसलूकी भी नहीं की गई। पुलिस की मौजूदगी में प्रिंसिपल से बातचीत हुई थी। संगठन ने कॉलेज की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जिन लोगों पर हंगामा, बदसलूकी या गलत व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं, उसके प्रमाण सामने रखे जाएं। हर आरोप की अलग-अलग जांच की जाए। VHP और बजरंग दल का आरोप है कि पुलिस ने जांच किए बिना और CCTV फुटेज देखे बिना एकतरफा कार्रवाई की। संगठन ने कहा कि गलत FIR दर्ज कर उसकी छवि खराब करने की कोशिश की गई है। उन्होंने दर्ज FIR खत्म करने की मांग की है।

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