विसर्जन जुलूस के दौरान दारोगा के सिर पर लाठी लगी:सीवान में अखाड़े के युवकों से विवाद , देर रात शांतिपूर्ण संपन्न हुआ विसर्जन

विसर्जन जुलूस के दौरान दारोगा के सिर पर लाठी लगी:सीवान में अखाड़े के युवकों से विवाद , देर रात शांतिपूर्ण संपन्न हुआ विसर्जन

सीवान शहर में मां दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान जेपी चौक पर विवाद हो गया। अखाड़े के युवकों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी हुई, जिसमें एक सब इंस्पेक्टर के सिर पर लाठी लग गई। उन्हें गंभीर चोट आई है। घटना के बाद युवकों ने दारोगा और एक सिपाही को घेर लिया, जिससे कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई। हालांकि, अखाड़े में शामिल कुछ युवकों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया और जुलूस आगे बढ़ा। मौके से आई तस्वारें… सुरक्षा के लिए CRPF थे तैनात दस दिनों तक चली पूजा के बाद गुरुवार को विसर्जन जुलूस निकाला गया। यह जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए नदी तक पहुंचा। देर रात करीब दो बजे अंतिम प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। सुरक्षा के लिए पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात थे। मुंबई के नासिक से आए ढोल विशेष आकर्षण रहे। शांति वट वृक्ष और बड़ी मस्जिद के पास बनाए गए प्रशासनिक कैंप में अधिकारी और पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे। नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार खुद जुलूस की निगरानी करते दिखे। उन्होंने अखाड़ों और प्रतिमाओं को बड़ी मस्जिद से सुरक्षित पार कराने सहित व्यवस्था पर लगातार नजर रखी। स्थानीय लोगों ने शांतिपूर्ण विसर्जन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए उनकी सक्रियता की सराहना की। जेपी चौक की घटना के बावजूद प्रशासनिक निगरानी और स्थानीय लोगों की समझाइश के बीच विसर्जन जुलूस शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। सीवान शहर में मां दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान जेपी चौक पर विवाद हो गया। अखाड़े के युवकों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी हुई, जिसमें एक सब इंस्पेक्टर के सिर पर लाठी लग गई। उन्हें गंभीर चोट आई है। घटना के बाद युवकों ने दारोगा और एक सिपाही को घेर लिया, जिससे कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई। हालांकि, अखाड़े में शामिल कुछ युवकों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया और जुलूस आगे बढ़ा। मौके से आई तस्वारें… सुरक्षा के लिए CRPF थे तैनात दस दिनों तक चली पूजा के बाद गुरुवार को विसर्जन जुलूस निकाला गया। यह जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए नदी तक पहुंचा। देर रात करीब दो बजे अंतिम प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। सुरक्षा के लिए पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात थे। मुंबई के नासिक से आए ढोल विशेष आकर्षण रहे। शांति वट वृक्ष और बड़ी मस्जिद के पास बनाए गए प्रशासनिक कैंप में अधिकारी और पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे। नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार खुद जुलूस की निगरानी करते दिखे। उन्होंने अखाड़ों और प्रतिमाओं को बड़ी मस्जिद से सुरक्षित पार कराने सहित व्यवस्था पर लगातार नजर रखी। स्थानीय लोगों ने शांतिपूर्ण विसर्जन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए उनकी सक्रियता की सराहना की। जेपी चौक की घटना के बावजूद प्रशासनिक निगरानी और स्थानीय लोगों की समझाइश के बीच विसर्जन जुलूस शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।  

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