मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। विधायक ने अफसर को सुनाए ‘सुवचन’
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में उस वक्त माहौल गरमा गया, जब राजगढ़ से भाजपा विधायक अमर सिंह यादव कलेक्टर के सामने ही एक अधिकारी पर भड़क गए। विधायक ने अधिकारी को न केवल खरी-खोटी सुनाई, बल्कि अपशब्दों का इस्तेमाल भी किया। मतलब, एक तरह से गालियां भी दीं। हुआ यूं कि ग्रामीणों ने नल-जल योजना को लेकर शिकायत की थी। इस दौरान शिकायत करने वाले ग्रामीणों और जल निगम के जनरल मैनेजर के बीच बहस हो गई। इस पर अधिकारी ने जैसे ही कलेक्टर से कहा कि ये लोग अभद्रता कर रहे हैं, यह सुनते ही विधायक को गुस्सा आ गया। फिर उन्होंने अधिकारी को ऊंची आवाज में डांटते हुए कहा- हमें बेवकूफ बना रहे हो। तुम झूठ बोल रहे हो। हमारे एरिया को बर्बाद कर दिया। विधायक ने इस दौरान कुछ आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। हालांकि अधिकारी ने अपनी बात रखने की कोशिश भी की, लेकिन विधायक गुस्से में अपनी बात कहते रहे। अब इस घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद लोग कह रहे हैं कि जनता की समस्याओं को लेकर विधायक का गुस्सा जायज हो सकता है, लेकिन अगर वे अपनी बात शब्दों की मर्यादा रखते हुए कहते, तो उनका मान और बढ़ जाता। अब इस मामले में विधायक की भाषा पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। मंत्री ने दी अधिकारियों को खुली चेतावनी
निवाड़ी में मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने अधिकारियों को चेतावनी दे डाली। उन्होंने सबके सामने कहा कि लापरवाही और गड़बड़ी की, तो नौकरी करने लायक नहीं रहोगे। मंत्री जिले के रामनगर में आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में पहुंचे थे। यहां एक बुजुर्ग ने शिकायत की कि जमीन का सीमांकन नहीं होने से वे अपना घर नहीं बना पा रहे हैं, जबकि उनकी जमीन पर दूसरे व्यक्ति ने मकान बना लिया है। जब मंत्री ने इस मामले में एसडीएम से पूछा, तो उन्होंने बताया कि मामला कोर्ट में है। इस पर मंत्री अधिकारी पर भड़क गए। उन्होंने सवाल किया कि जब मामला कोर्ट में है, तो वहां मकान कैसे बन गया? इसके बाद मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि चाहे कलेक्टर हों या कोई अन्य अधिकारी, तहसीलदार हो या पटवारी, सभी कान खोलकर सुन लें- लापरवाही की, तो नौकरी करने लायक नहीं रहेंगे। मंत्री ने आगे कहा कि गरीबों को परेशान करने और उनकी शिकायतों को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खरी बात यह है कि अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता कई बार सरकारी कामकाज पर भारी पड़ती है। लेकिन सवाल यह है कि कैमरे के सामने एक दिन गुस्सा दिखाने से क्या होगा? सिस्टम की गड़बड़ियों को दूर करने के लिए लगातार सुधार और अधिकारियों की जवाबदेही तय करना भी जरूरी है। विजयवर्गीय ने बुलेट चलाई, सिलावट पीछे बैठे
इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मंत्री तुलसीराम सिलावट की अलग ही जुगलबंदी नजर आई। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बुलेट चलाते दिखे, जबकि मंत्री तुलसीराम सिलावट उनके पीछे बैठे थे। दरअसल, दोनों मंत्री शहर के लव-कुश डबल डेकर ब्रिज के लोकार्पण की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने बुलेट चलाते हुए ब्रिज के बारे में जानकारी भी साझा की। इस वीडियो को मंत्री विजयवर्गीय और मंत्री सिलावट, दोनों ने अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया। अब दोनों मंत्रियों के इस अंदाज और उनकी जुगलबंदी की खूब चर्चा हो रही है। और अब अंदर की बात.. अधिकारी के पास आई अपनी ही जांच की चिट्ठी
हुआ यूं कि निमाड़ के एक जिले में कलेक्टर साहब ने एक महिला अधिकारी की एक गड़बड़ी पकड़ ली। अब साहब ने संबंधित विभाग को इसकी जांच करने के निर्देश दिए। कलेक्टर साहब ने बाकायदा विभाग को चिट्ठी भी लिख दी। लेकिन चिट्ठी लिखने के काम में देरी हो गई। इस बीच, जिस महिला अधिकारी की जांच के लिए साहब ने चिट्ठी लिखी थी, उनका ही ट्रांसफर हो गया। वे उसी विभाग में एक जिम्मेदार पद पर पदस्थ हो गईं, जहां जांच के लिए चिट्ठी भेजी गई थी। मजे की बात यह है कि जब चिट्ठी उनके पास पहुंची और उन्होंने उसे पढ़ा, तो हैरान रह गईं। चिट्ठी में उन्हीं के खिलाफ जांच कराने की बात लिखी थी। अब सवाल यह है कि अधिकारी अपने ही खिलाफ जांच करेंगी या फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? यह देखना भी दिलचस्प होगा कि इस पूरे मामले पर अब कलेक्टर साहब क्या कदम उठाते हैं। बता दें कि ये महिला अधिकारी जिला पंचायत में सीईओ रही हैं। इनपुट सहयोग – संतोष शितोले (इंदौर), मनीष सोनी (राजगढ़), मयंक दुबे (निवाड़ी) ये भी पढ़ें –
दावा- जीतू पटवारी के काम आएगा ‘मोहन का नया प्लेन’: विधायक ने प्रभु श्रीराम को पहना दी अपने गले की माला मध्य प्रदेश में मोहन सरकार के नए प्लेन को लेकर कांग्रेस विरोध कर रही है। लेकिन प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने नए प्लेन को लेकर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो हवाई जहाज खरीदा है, वह चुनाव के बाद जीतू पटवारी के काम आएगा, क्योंकि अगली सरकार कांग्रेस की बनेगी। पूरी खबर पढ़ें

