विदेश में पढ़कर लौटना चाहते हैं 81% भारतीय छात्र, सर्वे में हुआ खुलासा

विदेश में पढ़कर लौटना चाहते हैं 81% भारतीय छात्र, सर्वे में हुआ खुलासा

विदेश में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले ज़्यादातर भारतीय छात्र (Indian Students) पढ़ाई पूरी करने के बाद देश लौटकर करियर बनाना चाहते हैं। ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल के ‘स्टूडेंट ग्लोबल मोबिलिटी इंडेक्स’ के सर्वे में शामिल 81% भारतीय छात्रों यानी 10 में से 8 का कहना है कि वो विदेश में पढ़ाई के बाद भारत लौटने की योजना बना रहे हैं। अब डिग्री विदेश में स्थाई रूप से बसने का ज़रिया नहीं, बल्कि विदेश में अनुभव लेने का ज़रिया बन रही है।

विदेश जाने का अनुभव मानते हैं ज़रूरी

ये छात्र विदेश जाकर पढ़ाई करने के अनुभव को ज़रूरी मानते हैं। इन छात्रों का मानना है कि इस अनुभव की मदद से उन्हें करियर में मदद मिलती है और इसलिए ये विदेश में पढ़ाई को इतनी अहमियत देते हैं।

कौन ले रहा है विदेश में पढ़ाई का फैसला?

सर्वे में सबसे बड़ा बदलाव इस बात को लेकर सामने आया कि विदेश में पढ़ाई करने का फैसला कौन ले रहा है। 2023-24 में 29% छात्रों ने विदेश जाकर पढ़ाई करने का फैसला खुद ही लिया था, जबकि 59% छात्रों के लिए यह फैसला उनके परिवार ने किया। 2024-25 में 34% छात्रों ने विदेश में पढ़ाई करने का फैसला खुद लिया तो वहीँ 37% छात्रों के लिए यह फैसला उनके परिवार ने लिया। वहीँ 2025-26 में 49% छात्रों ने विदेश जाकर पढ़ने का फैसला खुद ही लिया जबकि 36% छात्रों के लिए उनके परिवार ने यह फैसला लिया।

10 में से 9 छात्र पहली बार विदेश में कर रहे पढ़ाई

सर्वे की एक और खास बात यह है कि 10 में करीब 9 छात्र अपने परिवार में पहली बार विदेश में पढ़ाई करने वाले होंगे। यानी बड़ी संख्या में भारतीय छात्र ऐसे परिवारों से आ रहे हैं, जहां इससे पहले किसी ने विदेश जाकर शिक्षा हासिल नहीं की है।

कौन-सी पढ़ाई सबसे ज़्यादा पसंद?

विदेश जाने वाले छात्रों को कौनसी पढ़ाई सबसे ज़्यादा पसंद है, सर्वे के अनुसार इस पर गौर करें तो पोस्टग्रेजुएशन में छात्रों की हिस्सेदारी 70%, बिज़नेस-मैनेजमेंट में छात्रों की हिस्सेदारी 75%, हेल्थ और मेडिसिन में छात्रों की हिस्सेदारी 8%, साइंस में छात्रों की हिस्सेदारी 2% और इंजीनियरिंग में छात्रों की हिस्सेदारी 1% बताई गई है।

इंटरनेट पर ढूंढ रहे बेहतर शिक्षण संस्थान

विदेशी विश्वविद्यालयों और संस्थानों के बारे में जानकारी जुटाने में इंटरनेट की भूमिका भी काफी अहम है। 39% छात्रों ने कहा कि उन्हें अपनी पसंद का संस्थान गूगल सर्च के ज़रिए मिला। 35% छात्रों ने एजुकेशन एजेंट्स के ज़रिए संस्थान की जानकारी हासिल की। सबसे भरोसेमंद सोर्स के तौर पर गूगल सामने आया, जिसे 56% लोगों ने चुना। इसके बाद कॉलेज इवेंट्स (20%), इंस्टाग्राम (9%), एआई टूल्स (6%) और यूट्यूब (5%) रहा।

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