वित्तीय सुधारों को गति देने के लिए FSDC की बैठक, साइबर सुरक्षा रणनीति पर मंथन

वित्तीय सुधारों को गति देने के लिए FSDC की बैठक, साइबर सुरक्षा रणनीति पर मंथन

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की बैठक में घरेलू निवेश परिवेश को मजबूत करने, पूंजी प्रवाह को बढ़ाने और वित्तीय क्षेत्र के सुधारों को गति देने पर विचार-विमर्श किया गया। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक सीतारमण ने परिषद से आग्रह किया कि वह बढ़ती भू-राजनीतिक बाधाओं और वैश्विक अनिश्चितताओं के मद्देनजर अधिक और पूर्व-निर्धारित अंतराल पर अपनी बैठकें आयोजित करे। प्रमुख वित्तीय नियामकों से बनी एफएसडीसी वित्तीय स्थिरता, क्षेत्र के विकास और अंतर-नियामक समन्वय को बढ़ावा देने वाली शीर्ष सरकारी निकाय है।

परिषद ने अपनी 30वीं बैठक में भारतीय वित्तीय क्षेत्र में साइबर मजबूती की समीक्षा की और वित्तीय क्षेत्र नियामकों तथा साइबर सुरक्षा एजेंसियों से मिलकर बने एक अंतर-मंत्रालयी समूह (आईएमजी) द्वारा तैयार की गई वित्तीय क्षेत्र साइबर सुरक्षा रणनीति (एफएससीएसएस) पर विचार किया। बयान में कहा गया कि एफएससीएसएस के क्रियान्वयन से भारतीय वित्तीय क्षेत्र को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। इस चर्चा में महत्वपूर्ण सूचना बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए भारत की तैयारियों और सुरक्षा प्रणालियों की मजबूती, तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) की साइबर सुरक्षा तैयारियों पर भी विचार किया गया।

बयान में कहा गया कि वित्तीय क्षेत्र में विनियामक सुधार और डिजिटल आधुनिकीकरण के महत्व को देखते हुए, एफएसडीसी ने फिनटेक क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने और वित्तीय परिसंपत्तियों तथा अन्य वास्तविक दुनिया की परिसंपत्तियों के लिए टोकन व्यवस्था की संभावनाओं पर चर्चा की। एफएसडीसी ने पिछले निर्णयों और बजट घोषणाओं को लागू करने के लिए एक रणनीति तैयार करने से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की, जिसमें घरेलू निवेश परिवेश को मजबूत करना और निवेश के लिए संसाधन प्रवाह में सुधार करना शामिल था। वित्त मंत्री ने संबंधित नियामकों और हितधारकों से यह भी आग्रह किया कि वे लावारिस पड़ी परिसंपत्तियों (बैंक जमा, लाभांश, शेयर, डाकघर खाते, बीमा और पेंशन फंड आदि) को उनके असली मालिकों को वापस करने की प्रक्रिया में तेजी लाएं।

एफएसडीसी ने आरबीआई गवर्नर की अध्यक्षता वाली एफएसडीसी उप-समिति द्वारा की गई गतिविधियों और परिषद के लंबित पिछले निर्णयों पर की गई कार्रवाई का भी संज्ञान लिया। बैठक में आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा, आर्थिक मामलों के विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर, वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया और राजस्व विभाग के सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने भी भाग लिया। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की सचिव पल्लवी जैन गोविल और मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन भी बैठक में शामिल हुए।

बैठक में वित्तीय क्षेत्र के नियामक – सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय, इरडा के चेयरपर्सन अजय सेठ और पीएफआरडीए के चेयरपर्सन एस रमण भी मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *