वाकई एक बड़ी उपलब्धि है…BRICS पर कपिल सिब्बल ने बांधे तारीफों के पुल

वाकई एक बड़ी उपलब्धि है…BRICS पर कपिल सिब्बल ने बांधे तारीफों के पुल

राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने सोमवार को कहा कि नई दिल्ली में हाल ही में हुए ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन से चीन को सबसे ज़्यादा फ़ायदा हुआ है। उन्होंने इस समूह को अलग-अलग तरह के देशों का एक मिला-जुला समूह बताया, जिससे ठोस फ़ैसले निकलना मुश्किल था। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिब्बल ने कहा कि अध्यक्ष के तौर पर भारत को सदस्य देशों के बीच मतभेदों को संभालते हुए एक संयुक्त घोषणा-पत्र तैयार करना पड़ा। उन्होंने कहा हमारे लिए यह होर्मुज़ (जलडमरूमध्य) से गुज़रने जैसा था। चीन और रूस इसे पश्चिमी देशों के विरोध वाले एक वैकल्पिक गुट के तौर पर बनाना चाहते हैं और RIC (रूस, भारत, चीन) अब असल में रूस, ईरान और चीन बन गया है… हम नहीं चाहेंगे कि यह (पश्चिमी देशों के विरोध वाला गुट) बने। 

इसे भी पढ़ें: दोस्त इजरायल को झटका! क्या भारत ने बदल लिया अपना रुख, ईरान के लिए नेतन्याहू को छोड़ा?

सिब्बल ने कहा कि नई दिल्ली घोषणापत्र में किसी वैकल्पिक मुद्रा या डी-डॉलरलाइज़ेशन की बात नहीं की गई, और इसे भारत के लिए एक उपलब्धि बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इज़राइल-फ़िलिस्तीन विवाद पर समूह का रुख़ बदलती वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कहा लेकिन हमें, और दुनिया के अन्य देशों को भी, यह पता चल गया है कि अमेरिका ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध नहीं जीतेगा। यह हमारे प्रस्ताव में भी झलका, क्योंकि उसमें फ़िलिस्तीन और दो-राष्ट्र सिद्धांत की बात की गई थी। ब्रिक्स को देशों का एक विविध समूह बताते हुए सिब्बल ने कहा कि यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है कि सदस्यों ने बिना किसी विवाद के एक संयुक्त बयान अपनाया। इसीलिए मैंने शुरुआत में ही कहा था कि हमारी सरकार के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है कि बिना किसी विवाद के एक संयुक्त प्रस्ताव पारित हो गया। निर्दलीय राज्यसभा सांसद ने कहा, “मैं यह कहना चाहता हूं कि यह कोई गैर-पश्चिमी गठबंधन नहीं हो सकता। इससे सबसे ज़्यादा फ़ायदा चीन को हुआ है।

इसे भी पढ़ें: अगर तुमने…ब्रिक्स से लौटते ही जिनपिंग ने ट्रंप को क्या धमकी दे डाली?

हालांकि, सिब्बल ने सवाल उठाया कि क्या घोषणापत्र में किए गए वादे असल में लागू होंगे या नहीं; उन्होंने कहा कि ज़मीनी स्तर पर इनका कार्यान्वयन होगा या नहीं, यह तो समय ही बताएगा। रविवार को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन संपन्न हुआ, जिसमें सदस्य देशों ने एक घोषणापत्र अपनाया। इस घोषणापत्र में वैश्विक शासन और व्यापार प्रणाली में सुधार की मांग की गई। समूह ने लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन, स्टार्टअप्स तथा संक्रामक रोगों की रोकथाम से जुड़े नतीजों की भी घोषणा की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *