मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने वराह विष्णु मंदिर परिसर से अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को तीन महीने की समय-सीमा दी है। चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने गुरुवार को यह निर्देश देते हुए वर्ष 2018 से लंबित जनहित याचिका का निराकरण कर दिया। यह मामला श्रवण कुमार सोनी विरुद्ध मध्य प्रदेश राज्य एवं अन्य से संबंधित है। याचिकाकर्ता ने वर्ष 2018 में रिट याचिका क्रमांक 1563/2018 दायर की थी। उनकी ओर से अधिवक्ता प्रियंक शांडिल्य ने पैरवी की। दीवानी मुकदमे में हार चुके हैं अतिक्रमणकारी सुनवाई के दौरान सामने आया कि मंदिर की जमीन पर अधिकार का दावा करने वाले अतिक्रमणकारियों ने दीवानी वाद दायर किया था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद मंदिर परिसर से अतिक्रमण हटाने का मामला लंबित था। अब हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को तीन महीने के भीतर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं। पुरातत्व विभाग को निर्देश देने से इनकार सुनवाई के दौरान मंदिर के संरक्षण के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को निर्देश देने का मुद्दा भी उठा। इस पर डिवीजन बेंच ने कहा कि इस संबंध में सीधे कोई निर्देश जारी नहीं किए जा सकते। हालांकि, याचिकाकर्ता को विभाग के समक्ष आवेदन देने की स्वतंत्रता दी गई है। विभाग को उस पर नियमानुसार निर्णय लेना होगा।

