नर्मदापुरम के बानापुरा की चिचवानी बीट में वन विभाग के वनकर्मी राजेंद्र वर्मा और उसके तीन बेटों पर 18 सागौन के पेड़ कटवाने का आरोप है। रेंजर की टीम ने लकड़ी ले जाते समय पिता-पुत्रों को पकड़ा तो विवाद हो गया। आरोपी बेटे ने रेंजर पर सब्बल उठाकर धमकाया। टीम ने मौके से 21 सागौन के लट्ठे जब्त किए। मामले में वन अपराध दर्ज होने के बाद डीएफओ ने वनरक्षक राजेंद्र वर्मा को निलंबित कर दिया है। ट्रैक्टर-ट्रॉली के राजसात की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। ट्रैक्टर लेकर भागे, लकड़ी फेंकने लगे
रेंजर मयंक पांडे के अनुसार, 20 सितंबर को खोरा सर्किल की चिचवानी बीट के आरएफ-177 में सागौन कटाई की सूचना मिली थी। टीम ने मौके पर दबिश दी। टीम को देखते ही आरोपी के दो बेटे ट्रॉली छोड़कर ट्रैक्टर MP05ZC7551 लेकर भागने लगे। राजेंद्र वर्मा और उसका बेटा मोहित ट्रॉली से लकड़ी दूर फेंकने लगे। वन अमले ने ट्रॉली से 6 और आसपास से 15 लट्ठे जब्त किए। कुल 21 नग लकड़ी मिली। जंगल में सर्च करने पर 18 सागौन के ठूंठ भी मिले। रेंजर पर सब्बल उठाया, कहा- मैं गुंडा हूं
कार्रवाई के दौरान आरोपी के बेटे मोहित ने रेंजर के साथ अभद्रता की और सरकारी काम में बाधा डालते हुए वाहन छुड़ाने का प्रयास किया। आरोप है कि उसने सब्बल उठाकर रेंजर को मारने की धमकी दी और कहा- “तू मुझे जानता नहीं, मैं गुंडा हूं।” वनकर्मी राजेंद्र वर्मा का कहना था कि वह पहले से कटी हुई लकड़ी को टाकू डिपो में जमा करने ले जा रहा था और उस पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है। छह महीने पहले तक इसी सर्किल में था प्रभारी वनपाल
राजेंद्र वर्मा छह महीने पहले तक बानापुरा रेंज के खोरा सर्किल में प्रभारी वनपाल था। प्रमोशन में नाम नहीं आने के बाद उसे मूल पद वनरक्षक पर कर दिया गया था। वर्तमान में वह विशेष कर्तव्य पर पदस्थ था। राजेंद्र वर्मा और उसके तीन बेटों सोहित, मोहित और राकेश के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 (1)(क) और मप्र वनोपज व्यापार विनियमन अधिनियम 1969 की धारा 5, 15 और 16 के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया है। वनरक्षक निलंबित, ट्रैक्टर-ट्रॉली के राजसात की प्रक्रिया
डीएफओ गौरव शर्मा ने शनिवार को वनरक्षक राजेंद्र प्रसाद वर्मा को निलंबित कर दिया। जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली के राजसात की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस/वन विभाग की कार्रवाई के साथ मामले में यह जांच भी की जा रही है कि पेड़ों की कटाई और लकड़ी के परिवहन में अन्य किसी की भूमिका थी या नहीं। छह महीने पहले भी इसी बीट में 110 पेड़ कटे थे
चिचवानी बीट में वनकर्मियों की भूमिका का यह पहला मामला नहीं है। करीब छह महीने पहले इसी बीट में 110 पेड़ों की कटाई के मामले में तीन वनकर्मी शुभरन चौहान, रुपेश साहू और महिपाल यादव निलंबित हुए थे। पिछले साल छिपीखापा में 1200 सागौन पेड़ों की कटाई, सिवनी मालवा में काले हिरण के शिकार और बानापुरा में अतिक्रमण के मामलों में भी वनकर्मियों के नाम सामने आए थे। पुराने मामले की जांच का अपडेट अब तक सामने नहीं आया
चिचवानी बीट में अवैध कटाई के पुराने मामले में वनकर्मी और चौकीदारों के नाम सामने आने के बाद एसडीओ अनिल विश्वकर्मा ने पूछताछ की थी। चौकीदारों और आदिवासी संगठन ने एसडीओ पर मारपीट के आरोप लगाए थे। इसके विरोध में कलेक्ट्रेट गेट पर धरना दिया गया था। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित हुई थी, लेकिन उस जांच में अब तक क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

