महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो अंतरे गाने के फैसले को लेकर कांग्रेस पार्टी पर करारा हमला बोला है। फडणवीस ने कांग्रेस के इस कदम को भारतीय संविधान का अपमान और पार्टी की ‘मानसिक गुलामी’ का परिचायक करार दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आगामी पुणे दौरे और उनके कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ पर भी तीखा तंज कसा है।फडणवीस ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से यह भी कहा कि उन्हेंजानकारी मिली है कि 22 अगस्त को पुणे में होने वाला राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम सिर्फ़ कांग्रेस नेताओं द्वारा चलाए जा रहे कॉलेजों के विद्यार्थियों तक ही सीमित रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम खुली बातचीत के बजाय एकतरफा भाषण (मोनोलॉग) जैसा होगा।
कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने बुधवार को अपने 1937 के प्रस्ताव को मानने का फ़ैसला किया। इसके तहत अब पार्टी के सभी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के सिर्फ दो ही अंतरे गाये जायेंगे।
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कांग्रेस का यह फैसला तब आया जब भाजपा ने उसके नेताओं पर पार्टी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत का पूरा संस्करण न गाकर उसका अपमान करने का आरोप लगाया।
इस फ़ैसले के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा कि ऐसा फैसला संविधान के खिलाफ है, क्योंकि भारत अब ब्रिटिश शासन के अधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की संसद के फ़ैसलों का संवैधानिक प्रभुत्व होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘और अगर हम स्वतंत्र भारत की संसद द्वारा लिए गए निर्णय का पालन नहीं करते हैं, तो हम गुलामी की परंपरा को जिंदा रखेंगे।’’
भाजपा नेता फडणवीस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘हम हमेशा कहा करते थे कि यह मानसिक गुलामी है। इस फैसले से उन्होंने हमारे सामने अपनी मानसिक गुलामी और संविधान का विरोध, दोनों ही बातें ज़ाहिर कर दी हैं।’’
विपक्ष के नेता राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के तहत छात्रों से बातचीत करने के लिए पुणे आने पर फडणवीस ने कहा, ‘‘लेकिन अगर यह सभी के साथ खुली बातचीत होती तो हमें खुशी होती। मेरी जानकारी के मुताबिक, वह कांग्रेस नेताओं द्वारा चलाए जा रहे कॉलेजों में पंजीकृत विद्यार्थी से बातचीत करेंगे। लेकिन कोई बात नहीं; वे (विद्यार्थी) भी हमारे ही हैं।’’
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मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम एक नियंत्रित माहौल में आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘वे ऐसे लोगों को लाने की कोशिश करेंगे जो पहले से ही उनकी विचारधारा को मानते हैं। हम इसे छात्रों की गूंज कह सकते हैं, लेकिन साथ ही, जिन कांग्रेस नेताओं को बुलाया गया था, उनके ज़रिए यह असल में एकतरफ़ा बातचीत ही है।

