लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स पर निवेशकों के सुझाव सुनेगी सरकार:वित्त मंत्री बोलीं- बजट चर्चाओं में सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स पर भी बात होगी

लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स पर निवेशकों के सुझाव सुनेगी सरकार:वित्त मंत्री बोलीं- बजट चर्चाओं में सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स पर भी बात होगी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार बजट से पहले होने वाली चर्चाओं में लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स यानी LTCG टैक्स हटाने को लेकर मिलने वाले सुझावों को सुनने के लिए तैयार है। वित्त-मंत्री ने नई दिल्ली में ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम’ में यह बात कही है। इसके अलावा सीतारमण ने देश की आर्थिक स्थिति, कैपिटल मार्केट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी सेक्टर में हो रहे निवेश पर भी बात की। सवाल 1. LTCG टैक्स और STT को लेकर फाइनेंस मिनिस्टर ने क्या कहा? जवाब: सीतारमण ने बताया कि देश और विदेश दोनों तरह के निवेशक इक्विटी पर लगने वाले LTCG टैक्स और सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT को लेकर सवाल उठा रहे हैं। बाजार में STT और अलग-अलग एसेट क्लासेज को एक समान तरीके से ट्रीट करने के सवाल पर काफी बहस हो रही है। इस तरह की बहस होना काफी हेल्थी है और सरकार बजट चर्चा में इस पर सुझाव सुनने के लिए पूरी तरह तैयार है। सवाल 2. क्या सरकार LTCG टैक्स खत्म या कम करने पर विचार कर रही है? जवाब: वित्त मंत्री के बयान के मुताबिक, सरकार ने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन वे बजट की बैठकों में निवेशकों और एक्सपर्ट्स के सुझावों पर विचार करने के लिए सहमत है। STT और LTCG दोनों ही शेयर बाजार निवेशकों से सीधे जुड़े हुए हैं, इसलिए बाजार को उम्मीद है कि बजट में इस पर राहत मिल सकती है। सवाल 3. प्राइवेट कैपिटल और निवेश किन-किन सेक्टर्स में तेजी से बढ़ रहा है? जवाब: सीतारमण ने जानकारी दी कि घरेलू और विदेशी प्राइवेट कैपिटल अब तेजी से नए और भविष्य के सेक्टर्स में जा रहा है। सवाल 4. सेमीकंडक्टर चिप्स और AI को लेकर भारत की क्या स्ट्रैटेजी है? जवाब: वित्त मंत्री ने कहा कि भारत न केवल AI पर काम कर रहा है, बल्कि उन सेक्टर्स को भी मजबूत बना रहा है जो AI को सक्षम बनाते हैं। इसमें सेमीकंडक्टर चिप्स, डिजाइन और पैकेजिंग शामिल हैं। सरकार ने एडवांस, फाइनर-नैनोमीटर चिप्स के साथ-साथ उन बेसिक चिप्स को बनाने का भी फैसला किया है जो पूरी अर्थव्यवस्था और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए जरूरी हैं। सवाल 5. देश में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और फंडिंग की क्या स्थिति है? जवाब: इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग पर वित्त मंत्री ने बताया कि 2019 के आखिरी में लॉन्च किया गया नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP) अब $4.5 ट्रिलियन यानी लगभग — लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है। इसके अलावा, फंड जुटाने और प्रोजेक्ट्स को तेजी देने में इन दो संस्थानों- नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट (NaBFID) और नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) ने अहम भूमिका निभाई है। सीतारमण ने कहा कि पिछले 10 सालों में जिस भी सेक्टर में इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत थी, भारत ने उसमें बेहतरीन प्रदर्शन किया है और यह रफ्तार आगे भी जारी रहेगी। सवाल 6. एविएशन सेक्टर में ग्रोथ की क्या स्थिति है? जवाब: सीतारमण के अनुसार, भारत का सिविल एविएशन सेक्टर इस समय लगभग 16% की सालाना दर से बढ़ रहा है। एयरलाइंस की मांग बढ़ने के साथ-साथ देश में एयरक्राफ्ट्स के मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (MRO) सेंटर्स की स्थापना के लिए निवेशकों के पास बड़े अवसर हैं। सवाल 7. भारतीय रुपए और डॉलर के मुकाबले आ रही गिरावट पर वित्त मंत्री ने क्या कहा? जवाब: डॉलर के मुकाबले रुपए में उतार-चढ़ाव को वित्त मंत्री ने एक चुनौती स्वीकार किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) किसी तय एक्सचेंज रेट को टारगेट नहीं कर रहा है। RBI का पूरा ध्यान बाजार में रुपए की अस्थिरता को रोकने पर है। इसके लिए रिजर्व बैंक लगातार कदम उठा रहा है और आगे भी जरूरी उपाय जारी रखेगा। सवाल 8. भारत की ओवरऑल इकोनॉमी की स्थिति पर फाइनेंस मिनिस्टर का क्या रुख रहा? जवाब: वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि भारत के मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंटल्स पूरी तरह मजबूत और सुरक्षित हैं। सरकार ने फाइनेंशियल डिसिप्लिन का सख्ती से पालन किया है। दुनिया भर में चल रही आर्थिक उथल-पुथल के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था सही दिशा में आगे बढ़ रही है। क्या है LTCG और STT?

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