‘मैं कुछ दिन पहले मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र में दामोदरपुर हाउसिंग बोर्ड के पास एनएच-27 से गुजर रहा था। मुझे किसी दोस्त के पास जाना था। इतने में एक महिला मुझे लिफ्ट मांगने का इशारा करती दिखी। देर रात थी तो मैंने बाइक रोक दी। उसने नकाब लगाया था। मैंने पूछा- कहां जाना है, इशारे में उसने मुझे बताया कि पेट्रोल पंप के पास छोड़ दीजिएगा। मुझे लगा कि वो बोल नहीं सकती है। कुछ दूर जाने पर सुनसान इलाके में महिला ने बाइक रुकवा ली। फिर अचानक कुछ लोग आए और मुझे घेर लिया। इतने में बाइक पर पीछे बैठी महिला ‘बचाओ, बचाओ’ कहकर शोर मचाने लगी। मुझे उसकी आवाज से लगा कि ये किन्नर है। फिर जिन्होंने मुझे घेरा था, मुझसे मेरा मोबाइल छीन लिया, कैश पैसे थे, वो भी मुझसे ले लिया।’ मुजफ्फरपुर के रहने वाले 35 साल के एक शख्स ने नाम न छापने की रिक्वेस्ट पर ये कहानी दैनिक भास्कर को बताई। दरअसल, मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र में दामोदरपुर हाउसिंग बोर्ड के पास एनएच-27 ‘हसीना गैंग’ एक्टिव है। इस गैंग में कुछ किन्नर, महिला और अन्य शामिल हैं, जो देर रात बाइक और कार सवारों से लूट की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पूरा मामला सामने कैसे आया? हसीना गैंग के बारे में पीड़ित ने क्या आपबीती बताई? मुजफ्फरपुर पुलिस का हसीना गैंग को लेकर क्या कहना है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले पढ़िए, हसीना गैंग के शिकार पीड़ित ने क्या कहानी बताई? पीड़ित ने बताया कि करीब एक महीने पहले रात के करीब एक बजे दामोदरपुर हाउसिंग बोर्ड के पास से गुजर रहा था। सड़क पर बिलकुल सन्नाटा था। मैं अकेला था। हाउसिंग बोर्ड से थोड़ा आगे जाने पर सड़क किनारे जींस और टीशर्ट पहने एक महिला दिखी। उसने मुझे बाइक रोकने का इशारा किया। मुझे लगा कि हो सकता है कि किसी परेशानी में होगी, मैंने बाइक को रोक दिया। मैंने उससे पूछा तो उसने कुछ नहीं बोला, इशारा में बताया कि आगे तक छोड़ दीजिए। मुझे लगा कि ये घबराई होगी, इसलिए कुछ नहीं बोल रही है। मैंने उसे बाइक पर बैठा लिया। करीब 200 मीटर दूर जाने के बाद उसने मुझे बाइक को रोकने का इशारा किया। मुझे लगा कि महिला को कुछ दिक्कत होगी, मैंने बाइक रोक दी। पीड़ित ने बताया कि इतने में कुछ अज्ञात लोग चेहरे पर नकाब पहनकर आए और मुझे घेर लिया। इसके बाद मैं डर गया। पता चला कि जो अज्ञात लोग थे, वो महिला के जानने वाले थे और उनका मकसद मुझे लूटना था। उनकी संख्या ज्यादा था, मैं अकेला था, इसलिए उनकी डिमांड पर मैंने मोबाइल, कैश उनलोगों को सौंप दिया और घर चला आया। ‘बाइक की चाबी निकाल ली, गले पर चाकू सटा दिया’ एक अन्य पीड़ित से जब बात की गई तो उसने बताया कि शहर में बर्थडे पार्टी से दो महीने पहले हम दो दोस्त लौट रहे थे। खाने-पीने के बाद वहां से लौट रहे थे। जब हम लोग हाउसिंग बोर्ड से आगे निकले तो उस समय रात के करीब 1:30 बज रहे थे। बाइक की हेडलाइट की रोशनी में हम दोनों को हाइवे किनारे एक किन्नर खड़ा दिखा। वो अजीब इशारे कर रहा था और ऐसा लग रहा था जैसे उसे किसी मदद की दरकार है। पीड़ित ने बताया कि इंसानियत के नाते मैंने बाइक को रोका। जैसे ही मैं उससे पूछने वाला था कि क्या हुआ, कोई दिक्कत है क्या, अचानक सड़क किनारे मौजूद झाड़ियों से पांच से सात लोगों ने मुझे घेर लिया। उनके चेहरे गमछे से ढके थे और हाथों में लोहे की रॉड और चाकू थे। पीड़ित के मुताबिक, जो किन्नर अब तक लाचार दिख रहा था, अचानक एक्टिव हो गया। इसके बाद एक बदमाश ने मेरी बाइक से चाबी निकाल ली और गले पर चाकू सटा दिया। आरोपियों ने हम दोनों का पर्स, मोबाइल और सोने की चेन लूट ली। साथ ही जाते-जाते धमकी दी कि अगर पीछे मुड़कर देखा तो जान से मार देंगे। चूंकि हम लोगों ने शराब पी थी, ये बात हसीना गैंग के अपराधियों को भी पता चल गया था, इस वजह से पुलिस से शिकायत नहीं की। रात 12 बजे से करीब 3 बजे तक एक्टिव रहता है गैंग स्थानीय निवासी अंकित कुमार ने बताया कि बीते कुछ महीनों से हाईवे पर आधी रात के बाद और तड़के तीन बजे के बीच हाउसिंग बोर्ड के पास संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जहां बाइक सवारों को रोककर निशाना बनाया गया। ये इलाका सुनसान है और किन्नर सड़क किनारे खड़े होकर बाइक सवारों को रोकते हैं, जिसके बाद गिरोह के सदस्य वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। उन्होंने पुलिस से इस पूरे इलाके की विशेष निगरानी की मांग की। अंकित के मुताबिक, गैंग आधी रात को सुनसान हाईवे पर बाइक सवारों को निशाना बनाता है। इसमें एक किन्नर को आगे कर राहगीरों को रोका जाता है, जिसके बाद किनारे छिपे उसके साथी बदमाश हथियार दिखाकर मोबाइल, नकदी और अन्य सामान लूट लेते हैं। ‘पुलिस पेट्रोलिंग करती है, जीप देखकर छिप जाते होंगे अपराधी’ शहर के चांदनी चौक से लेकर दरभंगा मोड़ तक खासकर हाउसिंग बोर्ड इलाके में हसीना गैंग वारदात को अंजाम दे रहा है। इस इलाके के लोगों का कहना है कि पुलिस पेट्रोलिंग करती है, लेकिन हो सकता है कि पुलिस पेट्रोलिंग गाड़ी के सायरन की आवाज या गाड़ी को देखकर अपराधी झाड़ियों में छिप जाते होंगे। लोगों ने मुजफ्फरपुर पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि दामोदरपुर हाउसिंग बोर्ड और एनएच-27 के पास सादे कपड़ों में पुलिस की तैनाती की जाए और नियमित नाइट पैट्रोलिंग बढ़ाई जाए। अब जानिए, हसीना गैंग से जुड़ा वीडियो कैसे सामने आया? मामले से जुड़े दो वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें एक किन्नर सड़क किनारे खड़ा दिख रहा है और बाइक सवार दो लोग उससे बातचीत कर रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसे लोग हसीना गैंग से जुड़ा बता रहे हैं। 1 मिनट 1 सेकेंड के वीडियो में किन्नर सड़क किनारे खड़ा दिख रहा है। बाइक सवार दो लड़के मोबाइल ऑन कर किन्नर के पास जाते हैं, पूछते हैं कि तुम यहां क्या कर रहे हो, उसे बाद लड़के भगाने लगते हैं। किन्नर बताता है कि कोई आने वाला है, उसका इंतजार कर रहा हूं। इसके बाद बाइक सवार कहता है कि तुम लोग ही नकाब लगाकर बाइक सवारों से लूट की वारदात को अंजाम दे रहे हो। शख्स कहता है कि पहनावे और शरीर के हावभाव से कोई भी तुम लोगों को लड़की समझ लेता है। इसके बाद बाइक सवार किन्नर का मास्क उतार देता है और पुलिस को कॉल करने की बात कहता है। ‘जिस्म बेचने, धंधा करने के लिए खड़ा हूं, मर्डर करने के लिए नहीं’ 1 मिनट 3 सेकेंड के वीडियो में किन्नर बाइक सवारों से बात करता दिख रहा है। बताता है कि मैं यहां जिस्म बेचने के लिए खड़ा हूं, धंधा करने आता हूं, किसी का मर्डर करने या फिर लूट करने के लिए नहीं खड़ा हूं। किन्नर कहता है कि मुझे यहां किसी ने बुलाया है। इससे पहले आपने मुझे कब देखा है। अगर आपने मुझे यहां पिछले 10 दिनों में देखा है तो प्रूफ दीजिए। तब बाइक सवार कहता है कि तुम पिछले महीने शराब पीकर बेहोश पड़ी थी। तब किन्नर कहता है कि वो एक महीने पहले की बात है। बाइक सवार पूछता है कि तुम यहां क्या करने आती हो, तुम्हें यहां कौन बुलाता है। किन्नर कहता है कि मैं यहां काम करने आता हूं, धंधा करने आता हूं। वीडियो बना लीजिए, बयान लेना है तो ले लीजिए। अगर मैंने किसी को लूटा है तो उसे बुलाइए। अब जानिए, हसीना गैंग को लेकर पुलिस का क्या कहना है? पश्चिमी एसडीपीओ-1 सुचित्रा कुमारी ने बताया कि हसीना गैंग के संबंध में काटी थाना क्षेत्र अंतर्गत हाउसिंग बोर्ड के पास के लोगों की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है। दो लोगों को हिरासत में लिया गया था। उनसे पूछताछ की गई थी, लेकिन उन्हें पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया। मामले में उनकी संलिप्ता नहीं आई थी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर थर्ड जेंडर का एक वीडियो सामने आया है, उसके संबंध में पड़ताल की जा रही है। जल्द से जल्द पता करने का कोशिश कर रहे हैं कि हसीना गैंग में कौन से लोग संलिप्त हैं। हम लोगों की दो 112 की टीम है, जो रात को गश्ती पर रहती है। अगर हाउसिंग बोर्ड इलाके में इस तरह की कोई सूचना मिलती है, तो तत्काल पुलिस को सूचना दी जा सकती है। इस संबंध में हम लोग इन्वेस्टिगेशन कर रहे हैं। जल्द ही खुलासा होगा। ‘मैं कुछ दिन पहले मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र में दामोदरपुर हाउसिंग बोर्ड के पास एनएच-27 से गुजर रहा था। मुझे किसी दोस्त के पास जाना था। इतने में एक महिला मुझे लिफ्ट मांगने का इशारा करती दिखी। देर रात थी तो मैंने बाइक रोक दी। उसने नकाब लगाया था। मैंने पूछा- कहां जाना है, इशारे में उसने मुझे बताया कि पेट्रोल पंप के पास छोड़ दीजिएगा। मुझे लगा कि वो बोल नहीं सकती है। कुछ दूर जाने पर सुनसान इलाके में महिला ने बाइक रुकवा ली। फिर अचानक कुछ लोग आए और मुझे घेर लिया। इतने में बाइक पर पीछे बैठी महिला ‘बचाओ, बचाओ’ कहकर शोर मचाने लगी। मुझे उसकी आवाज से लगा कि ये किन्नर है। फिर जिन्होंने मुझे घेरा था, मुझसे मेरा मोबाइल छीन लिया, कैश पैसे थे, वो भी मुझसे ले लिया।’ मुजफ्फरपुर के रहने वाले 35 साल के एक शख्स ने नाम न छापने की रिक्वेस्ट पर ये कहानी दैनिक भास्कर को बताई। दरअसल, मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र में दामोदरपुर हाउसिंग बोर्ड के पास एनएच-27 ‘हसीना गैंग’ एक्टिव है। इस गैंग में कुछ किन्नर, महिला और अन्य शामिल हैं, जो देर रात बाइक और कार सवारों से लूट की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पूरा मामला सामने कैसे आया? हसीना गैंग के बारे में पीड़ित ने क्या आपबीती बताई? मुजफ्फरपुर पुलिस का हसीना गैंग को लेकर क्या कहना है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले पढ़िए, हसीना गैंग के शिकार पीड़ित ने क्या कहानी बताई? पीड़ित ने बताया कि करीब एक महीने पहले रात के करीब एक बजे दामोदरपुर हाउसिंग बोर्ड के पास से गुजर रहा था। सड़क पर बिलकुल सन्नाटा था। मैं अकेला था। हाउसिंग बोर्ड से थोड़ा आगे जाने पर सड़क किनारे जींस और टीशर्ट पहने एक महिला दिखी। उसने मुझे बाइक रोकने का इशारा किया। मुझे लगा कि हो सकता है कि किसी परेशानी में होगी, मैंने बाइक को रोक दिया। मैंने उससे पूछा तो उसने कुछ नहीं बोला, इशारा में बताया कि आगे तक छोड़ दीजिए। मुझे लगा कि ये घबराई होगी, इसलिए कुछ नहीं बोल रही है। मैंने उसे बाइक पर बैठा लिया। करीब 200 मीटर दूर जाने के बाद उसने मुझे बाइक को रोकने का इशारा किया। मुझे लगा कि महिला को कुछ दिक्कत होगी, मैंने बाइक रोक दी। पीड़ित ने बताया कि इतने में कुछ अज्ञात लोग चेहरे पर नकाब पहनकर आए और मुझे घेर लिया। इसके बाद मैं डर गया। पता चला कि जो अज्ञात लोग थे, वो महिला के जानने वाले थे और उनका मकसद मुझे लूटना था। उनकी संख्या ज्यादा था, मैं अकेला था, इसलिए उनकी डिमांड पर मैंने मोबाइल, कैश उनलोगों को सौंप दिया और घर चला आया। ‘बाइक की चाबी निकाल ली, गले पर चाकू सटा दिया’ एक अन्य पीड़ित से जब बात की गई तो उसने बताया कि शहर में बर्थडे पार्टी से दो महीने पहले हम दो दोस्त लौट रहे थे। खाने-पीने के बाद वहां से लौट रहे थे। जब हम लोग हाउसिंग बोर्ड से आगे निकले तो उस समय रात के करीब 1:30 बज रहे थे। बाइक की हेडलाइट की रोशनी में हम दोनों को हाइवे किनारे एक किन्नर खड़ा दिखा। वो अजीब इशारे कर रहा था और ऐसा लग रहा था जैसे उसे किसी मदद की दरकार है। पीड़ित ने बताया कि इंसानियत के नाते मैंने बाइक को रोका। जैसे ही मैं उससे पूछने वाला था कि क्या हुआ, कोई दिक्कत है क्या, अचानक सड़क किनारे मौजूद झाड़ियों से पांच से सात लोगों ने मुझे घेर लिया। उनके चेहरे गमछे से ढके थे और हाथों में लोहे की रॉड और चाकू थे। पीड़ित के मुताबिक, जो किन्नर अब तक लाचार दिख रहा था, अचानक एक्टिव हो गया। इसके बाद एक बदमाश ने मेरी बाइक से चाबी निकाल ली और गले पर चाकू सटा दिया। आरोपियों ने हम दोनों का पर्स, मोबाइल और सोने की चेन लूट ली। साथ ही जाते-जाते धमकी दी कि अगर पीछे मुड़कर देखा तो जान से मार देंगे। चूंकि हम लोगों ने शराब पी थी, ये बात हसीना गैंग के अपराधियों को भी पता चल गया था, इस वजह से पुलिस से शिकायत नहीं की। रात 12 बजे से करीब 3 बजे तक एक्टिव रहता है गैंग स्थानीय निवासी अंकित कुमार ने बताया कि बीते कुछ महीनों से हाईवे पर आधी रात के बाद और तड़के तीन बजे के बीच हाउसिंग बोर्ड के पास संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जहां बाइक सवारों को रोककर निशाना बनाया गया। ये इलाका सुनसान है और किन्नर सड़क किनारे खड़े होकर बाइक सवारों को रोकते हैं, जिसके बाद गिरोह के सदस्य वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। उन्होंने पुलिस से इस पूरे इलाके की विशेष निगरानी की मांग की। अंकित के मुताबिक, गैंग आधी रात को सुनसान हाईवे पर बाइक सवारों को निशाना बनाता है। इसमें एक किन्नर को आगे कर राहगीरों को रोका जाता है, जिसके बाद किनारे छिपे उसके साथी बदमाश हथियार दिखाकर मोबाइल, नकदी और अन्य सामान लूट लेते हैं। ‘पुलिस पेट्रोलिंग करती है, जीप देखकर छिप जाते होंगे अपराधी’ शहर के चांदनी चौक से लेकर दरभंगा मोड़ तक खासकर हाउसिंग बोर्ड इलाके में हसीना गैंग वारदात को अंजाम दे रहा है। इस इलाके के लोगों का कहना है कि पुलिस पेट्रोलिंग करती है, लेकिन हो सकता है कि पुलिस पेट्रोलिंग गाड़ी के सायरन की आवाज या गाड़ी को देखकर अपराधी झाड़ियों में छिप जाते होंगे। लोगों ने मुजफ्फरपुर पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि दामोदरपुर हाउसिंग बोर्ड और एनएच-27 के पास सादे कपड़ों में पुलिस की तैनाती की जाए और नियमित नाइट पैट्रोलिंग बढ़ाई जाए। अब जानिए, हसीना गैंग से जुड़ा वीडियो कैसे सामने आया? मामले से जुड़े दो वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें एक किन्नर सड़क किनारे खड़ा दिख रहा है और बाइक सवार दो लोग उससे बातचीत कर रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसे लोग हसीना गैंग से जुड़ा बता रहे हैं। 1 मिनट 1 सेकेंड के वीडियो में किन्नर सड़क किनारे खड़ा दिख रहा है। बाइक सवार दो लड़के मोबाइल ऑन कर किन्नर के पास जाते हैं, पूछते हैं कि तुम यहां क्या कर रहे हो, उसे बाद लड़के भगाने लगते हैं। किन्नर बताता है कि कोई आने वाला है, उसका इंतजार कर रहा हूं। इसके बाद बाइक सवार कहता है कि तुम लोग ही नकाब लगाकर बाइक सवारों से लूट की वारदात को अंजाम दे रहे हो। शख्स कहता है कि पहनावे और शरीर के हावभाव से कोई भी तुम लोगों को लड़की समझ लेता है। इसके बाद बाइक सवार किन्नर का मास्क उतार देता है और पुलिस को कॉल करने की बात कहता है। ‘जिस्म बेचने, धंधा करने के लिए खड़ा हूं, मर्डर करने के लिए नहीं’ 1 मिनट 3 सेकेंड के वीडियो में किन्नर बाइक सवारों से बात करता दिख रहा है। बताता है कि मैं यहां जिस्म बेचने के लिए खड़ा हूं, धंधा करने आता हूं, किसी का मर्डर करने या फिर लूट करने के लिए नहीं खड़ा हूं। किन्नर कहता है कि मुझे यहां किसी ने बुलाया है। इससे पहले आपने मुझे कब देखा है। अगर आपने मुझे यहां पिछले 10 दिनों में देखा है तो प्रूफ दीजिए। तब बाइक सवार कहता है कि तुम पिछले महीने शराब पीकर बेहोश पड़ी थी। तब किन्नर कहता है कि वो एक महीने पहले की बात है। बाइक सवार पूछता है कि तुम यहां क्या करने आती हो, तुम्हें यहां कौन बुलाता है। किन्नर कहता है कि मैं यहां काम करने आता हूं, धंधा करने आता हूं। वीडियो बना लीजिए, बयान लेना है तो ले लीजिए। अगर मैंने किसी को लूटा है तो उसे बुलाइए। अब जानिए, हसीना गैंग को लेकर पुलिस का क्या कहना है? पश्चिमी एसडीपीओ-1 सुचित्रा कुमारी ने बताया कि हसीना गैंग के संबंध में काटी थाना क्षेत्र अंतर्गत हाउसिंग बोर्ड के पास के लोगों की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है। दो लोगों को हिरासत में लिया गया था। उनसे पूछताछ की गई थी, लेकिन उन्हें पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया। मामले में उनकी संलिप्ता नहीं आई थी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर थर्ड जेंडर का एक वीडियो सामने आया है, उसके संबंध में पड़ताल की जा रही है। जल्द से जल्द पता करने का कोशिश कर रहे हैं कि हसीना गैंग में कौन से लोग संलिप्त हैं। हम लोगों की दो 112 की टीम है, जो रात को गश्ती पर रहती है। अगर हाउसिंग बोर्ड इलाके में इस तरह की कोई सूचना मिलती है, तो तत्काल पुलिस को सूचना दी जा सकती है। इस संबंध में हम लोग इन्वेस्टिगेशन कर रहे हैं। जल्द ही खुलासा होगा।

