लखनऊ से गोवा और श्रीनगर जाने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से दोनों शहरों के लिए बंद हुई सीधी उड़ान सेवाएं दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। एयरलाइंस ने इसके लिए सर्वे शुरू कर दिया है। यात्रियों की मांग, संभावित यात्री संख्या और उड़ान शुरू करने की व्यवहारिकता समेत कई पहलुओं की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सब कुछ ठीक रहा तो दिसंबर से पहले लखनऊ से गोवा और श्रीनगर के लिए सीधी उड़ानें दोबारा शुरू हो सकती हैं। पहलगाम हमले के बाद बंद हुई थी श्रीनगर की फ्लाइट लखनऊ से श्रीनगर की सीधी उड़ान पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद बंद कर दी गई थी। इससे पहले विमान से लखनऊ से श्रीनगर का सफर करीब दो घंटे में पूरा हो जाता था। यात्रियों को करीब 8 हजार रुपये में सीधी उड़ान मिल जाती थी। फ्लाइट बंद होने के बाद अब यात्रियों को श्रीनगर पहुंचने के लिए दूसरे शहरों से कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी पड़ रही है। 8 अगस्त से गोवा की सीधी उड़ान भी बंद इसी तरह लखनऊ से गोवा की सीधी उड़ान भी 8 अगस्त से बंद है। इंडिगो की फ्लाइट 6E-399 लखनऊ एयरपोर्ट से दोपहर करीब 3:15 बजे उड़ान भरती थी और शाम 5:34 बजे गोवा पहुंचती थी। वापसी में इंडिगो की फ्लाइट 6E-6811 गोवा से शाम 6:04 बजे रवाना होकर रात 8:21 बजे लखनऊ पहुंचती थी। इस सीधी उड़ान का किराया आमतौर पर 7 से 8 हजार रुपये के आसपास रहता था। फिजिबिलिटी रिपोर्ट के बाद होगा फैसला एयरलाइन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, दोनों शहरों के लिए उड़ान दोबारा शुरू करने को लेकर सर्वे कराया जा रहा है। इसमें यात्रियों की मांग, संभावित बुकिंग और उड़ान संचालन की व्यवहारिकता जैसी चीजों को देखा जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। सब कुछ अनुकूल रहा तो दिसंबर से पहले दोनों रूटों पर सीधी उड़ान सेवा बहाल हो सकती है। कनेक्टिंग फ्लाइट से सफर महंगा और लंबा सीधी उड़ान बंद होने का असर यात्रियों की जेब और समय दोनों पर पड़ रहा है। पहले लखनऊ से गोवा या श्रीनगर का सफर करीब डेढ़ से दो घंटे में पूरा हो जाता था और किराया भी 7 से 8 हजार रुपये के आसपास था। अब कनेक्टिंग फ्लाइट लेने पर किराया बढ़कर करीब 12 से 15 हजार रुपये तक पहुंच रहा है। श्रीनगर पहुंचने में जहां पहले करीब दो घंटे लगते थे, वहीं कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिए सफर में 7 से 8 घंटे तक लग रहे हैं। गोवा जाने वाले यात्रियों को भी इसी तरह ज्यादा समय और किराया खर्च करना पड़ रहा है।

