सुल्तानपुर में एफएएच ग्रुप के प्रमुख डॉ. एखलाक रज़ा खान ने रविवार शाम स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र में अपनी संस्था की प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने लखनऊ में गरीब और जरूरतमंद बेटियों के लिए विश्वस्तरीय मुफ्त आवासीय स्कूल खोलने का विजन साझा किया। स्कूल में पूरे उत्तर प्रदेश से चयनित छात्राओं को इंटरमीडिएट तक निशुल्क शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाएगी। डॉ. खान ने बताया कि उनके अस्पताल में वार्ड, ऑपरेशन थिएटर और प्राइवेट कमरों का निर्माण इस तरह कराया गया है कि प्रत्येक बेड तक प्राकृतिक रोशनी पहुंच सके। उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज के दौरान धर्म या जाति के आधार पर किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाता। उन्होंने कहा, “इंसानियत ही हमारा पहला धर्म है।” डॉ. खान के अनुसार अस्पताल का करीब 80 प्रतिशत स्टाफ और कई शेयरहोल्डर्स हिंदू समुदाय से हैं। इफ्तार और अन्य त्योहारों में पूरा स्टाफ एक साथ शामिल होता है, जो सर्वधर्म समभाव का उदाहरण है। जरूरतमंद मरीजों के लिए हेल्थ कार्ड गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए अस्पताल में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। हेल्थ कार्ड के माध्यम से उन्हें इलाज में डिस्काउंट और अन्य सुविधाएं दी जाती हैं। डॉ. खान ने कहा कि व्यवस्था का उद्देश्य जरूरतमंद व्यक्ति को मदद लेते समय किसी तरह के एहसान का अनुभव न होने देना है। सही जरूरतमंदों तक इलाज की सुविधा पहुंचाने के लिए उलेमाओं और स्थानीय प्रतिनिधियों के माध्यम से ‘खिदमत फॉर्म’ की व्यवस्था भी लागू की गई है। यूपी की 100-200 बेटियों को मिलेगा निशुल्क दाखिला शिक्षा के क्षेत्र में अपने विजन की जानकारी देते हुए डॉ. रज़ा ने लखनऊ में अत्याधुनिक आवासीय स्कूल खोलने की घोषणा की। इसमें कक्षा 5वीं या 6वीं के स्तर पर प्रवेश परीक्षा के जरिए पूरे उत्तर प्रदेश से 100 से 200 छात्राओं का चयन किया जाएगा। चयनित छात्राओं से कोई फीस नहीं ली जाएगी। उन्हें इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई के साथ हॉस्टल की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, स्कूल में ही यूपीएससी और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। बड़े प्रोजेक्ट और कारोबार के लिए जागरूकता पर जोर डॉ. रज़ा ने बताया कि सुल्तानपुर में अस्पताल खोलने का उनका मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर बड़े प्रोजेक्ट, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और कारोबार स्थापित करने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि व्यापार और आपसी लेन-देन से समाज में भरोसा और भाईचारा मजबूत होता है। स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। कार्यक्रम में जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अब्दुल लतीफ, मौलाना उस्मान कासमी, एमएच खान एडवोकेट, प्रज्ञा मिश्रा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

