अररिया में महान कथाकार फणीश्वर नाथ रेणु की जन्मभूमि औराही हिंगना को उनके ननिहाल गीतवास (गिध्वास) से जोड़ने वाली करीब 16 किलोमीटर लंबी सड़क बदहाली का शिकार है। सिमराहा स्थित रेणु गेट से गिध्वास तक जाने वाले इस मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। स्थिति ऐसी है कि लोगों को सड़क पर चलने के दौरान गड्ढों के बीच रास्ता तलाशना पड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले पांच सालों से अधिक समय से सड़क की हालत खराब बनी हुई है। इससे रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साहित्यिक और ऐतिहासिक महत्व रखने वाली इस सड़क की बदहाली से स्थानीय लोगों के साथ-साथ फणीश्वर नाथ रेणु से जुड़े स्थलों तक पहुंचने वाले साहित्यप्रेमियों को भी दिक्कत हो रही है। लोगों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़क का जल्द निर्माण कराने की मांग की है। ‘यह सड़क की जर्जर स्थिति नहीं, हमारी लाचारी है’ फणीश्वर नाथ रेणु के बेटे दक्षिणेश्वर प्रसाद राय ने सड़क की स्थिति पर चिंता जताई। दैनिक भास्कर डिजिटल से बातचीत में उन्होंने कहा, “यह सड़क की जर्जर स्थिति नहीं, हमारी लाचारी है। हम इतने लाचार हो चुके हैं कि वाजिब मांग भी नहीं कर पाते।” उन्होंने कहा कि इस सड़क का महत्व केवल स्थानीय आवागमन तक सीमित नहीं है। सिमराहा में बना रेणु गेट उनके पिता की स्मृति से जुड़ा है। एक ओर रेणु का पैतृक गांव औराही हिंगना है, जहां से होकर यह सड़क गुजरती है, तो दूसरी ओर यह मार्ग उनके ननिहाल गीतवास (गिध्वास) की ओर जाता है। दक्षिणेश्वर प्रसाद राय के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले साहित्यकार के जीवन से जुड़े इस महत्वपूर्ण मार्ग की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से जल्द सड़क बनवाने की मांग की, ताकि लोगों को आवागमन में राहत मिल सके। गर्भवती महिलाओं और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी सड़क की खराब हालत का असर आपातकालीन परिस्थितियों में भी पड़ सकता है। दक्षिणेश्वर प्रसाद राय ने कहा कि सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि गर्भवती महिला को प्रसव के लिए अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही प्रसव होने जैसी स्थिति बन सकती है। उन्होंने कहा कि वह कम शब्दों में अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन इससे सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। सड़क की बदहाली के कारण मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में भी मुश्किल हो सकती है। मौके से आई तस्वीरें…. बारिश में बढ़ जाती है परेशानी, 5 साल से खराब है सड़क दैनिक भास्कर डिजिटल की टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी सड़क की बदहाली की शिकायत की। लोगों के मुताबिक, पांच वर्षों से अधिक समय से सड़क की स्थिति ऐसी ही बनी हुई है। बारिश के दिनों में सड़क पर चलना और मुश्किल हो जाता है। जगह-जगह गड्ढे होने के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत या निर्माण नहीं होने से रोजाना आने-जाने वालों को जोखिम उठाना पड़ता है। लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द कार्रवाई कर सड़क का निर्माण कराने की मांग की है। 4 साल पहले ही काम हो जाना चाहिए था पूरा अररिया सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने सड़क की समीक्षा की है। उनके अनुसार, सड़क का काम संबंधित संवेदक को तीन-चार साल पहले ही पूरा कर लेना चाहिए था, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो सका है। सांसद ने कहा कि यदि किसी संवेदक को सड़क निर्माण का काम दिया जाता है और वह तकनीकी कारणों से उसे अंतिम रूप नहीं देता है, तो दूसरा टेंडर कराने में भी अड़चन आती है। इसी तकनीकी समस्या के कारण सड़क का काम अटका हुआ है। उन्होंने बताया कि इस मामले में विभाग से बातचीत चल रही है और जल्द ही सड़क निर्माण को लेकर पहल की जा रही है। अररिया में महान कथाकार फणीश्वर नाथ रेणु की जन्मभूमि औराही हिंगना को उनके ननिहाल गीतवास (गिध्वास) से जोड़ने वाली करीब 16 किलोमीटर लंबी सड़क बदहाली का शिकार है। सिमराहा स्थित रेणु गेट से गिध्वास तक जाने वाले इस मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। स्थिति ऐसी है कि लोगों को सड़क पर चलने के दौरान गड्ढों के बीच रास्ता तलाशना पड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले पांच सालों से अधिक समय से सड़क की हालत खराब बनी हुई है। इससे रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साहित्यिक और ऐतिहासिक महत्व रखने वाली इस सड़क की बदहाली से स्थानीय लोगों के साथ-साथ फणीश्वर नाथ रेणु से जुड़े स्थलों तक पहुंचने वाले साहित्यप्रेमियों को भी दिक्कत हो रही है। लोगों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़क का जल्द निर्माण कराने की मांग की है। ‘यह सड़क की जर्जर स्थिति नहीं, हमारी लाचारी है’ फणीश्वर नाथ रेणु के बेटे दक्षिणेश्वर प्रसाद राय ने सड़क की स्थिति पर चिंता जताई। दैनिक भास्कर डिजिटल से बातचीत में उन्होंने कहा, “यह सड़क की जर्जर स्थिति नहीं, हमारी लाचारी है। हम इतने लाचार हो चुके हैं कि वाजिब मांग भी नहीं कर पाते।” उन्होंने कहा कि इस सड़क का महत्व केवल स्थानीय आवागमन तक सीमित नहीं है। सिमराहा में बना रेणु गेट उनके पिता की स्मृति से जुड़ा है। एक ओर रेणु का पैतृक गांव औराही हिंगना है, जहां से होकर यह सड़क गुजरती है, तो दूसरी ओर यह मार्ग उनके ननिहाल गीतवास (गिध्वास) की ओर जाता है। दक्षिणेश्वर प्रसाद राय के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले साहित्यकार के जीवन से जुड़े इस महत्वपूर्ण मार्ग की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से जल्द सड़क बनवाने की मांग की, ताकि लोगों को आवागमन में राहत मिल सके। गर्भवती महिलाओं और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी सड़क की खराब हालत का असर आपातकालीन परिस्थितियों में भी पड़ सकता है। दक्षिणेश्वर प्रसाद राय ने कहा कि सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि गर्भवती महिला को प्रसव के लिए अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही प्रसव होने जैसी स्थिति बन सकती है। उन्होंने कहा कि वह कम शब्दों में अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन इससे सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। सड़क की बदहाली के कारण मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में भी मुश्किल हो सकती है। मौके से आई तस्वीरें…. बारिश में बढ़ जाती है परेशानी, 5 साल से खराब है सड़क दैनिक भास्कर डिजिटल की टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी सड़क की बदहाली की शिकायत की। लोगों के मुताबिक, पांच वर्षों से अधिक समय से सड़क की स्थिति ऐसी ही बनी हुई है। बारिश के दिनों में सड़क पर चलना और मुश्किल हो जाता है। जगह-जगह गड्ढे होने के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत या निर्माण नहीं होने से रोजाना आने-जाने वालों को जोखिम उठाना पड़ता है। लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द कार्रवाई कर सड़क का निर्माण कराने की मांग की है। 4 साल पहले ही काम हो जाना चाहिए था पूरा अररिया सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने सड़क की समीक्षा की है। उनके अनुसार, सड़क का काम संबंधित संवेदक को तीन-चार साल पहले ही पूरा कर लेना चाहिए था, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो सका है। सांसद ने कहा कि यदि किसी संवेदक को सड़क निर्माण का काम दिया जाता है और वह तकनीकी कारणों से उसे अंतिम रूप नहीं देता है, तो दूसरा टेंडर कराने में भी अड़चन आती है। इसी तकनीकी समस्या के कारण सड़क का काम अटका हुआ है। उन्होंने बताया कि इस मामले में विभाग से बातचीत चल रही है और जल्द ही सड़क निर्माण को लेकर पहल की जा रही है।

