रीवा में बाढ़ से हुजूर में 8392 मकान प्रभावित:सर्वे 3 दिन में पूरा करने के निर्देश, छत किया गया गर्भवती का रेस्क्यू

रीवा में बाढ़ से हुजूर में 8392 मकान प्रभावित:सर्वे 3 दिन में पूरा करने के निर्देश, छत किया गया गर्भवती का रेस्क्यू

रीवा में 19 और 20 अगस्त को हुई भारी बारिश के बाद रीवा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ से बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है। हुजूर तहसील के शहरी क्षेत्र में 8,392 मकान प्रभावित हुए हैं। इनमें 1,141 मकानों में घरेलू सामग्री का नुकसान और 336 मकानों में आंशिक क्षति दर्ज की गई है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने सभी एसडीएम को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे तीन दिन में पूरा कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सर्वे की निगरानी करने और समय सीमा में काम पूरा करने को कहा है। बाढ़ में किसी व्यक्ति की मौत होने पर तत्काल राहत प्रकरण तैयार कर परिजनों को नियमानुसार राहत राशि देने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रभावित इलाकों में जलभराव और गंदगी दूर करने के लिए सफाई कराने को कहा गया है। हुजूर तहसील में एक व्यक्ति की मौत प्रशासन के अनुसार हुजूर तहसील के ग्राम टीकर में एक व्यक्ति की मौत हुई है। तहसील क्षेत्र में 2,390 मकानों में जलभराव हुआ। इनमें 461 मकानों में घरेलू सामग्री का नुकसान और 759 मकानों में आंशिक क्षति दर्ज की गई है। तहसीलदार शिवशंकर शुक्ला ने ग्राम पंचायत सकरवट पहुंचकर सर्वे का जायजा लिया। हुजूर शहर में पानी निकासी के लिए नगर निगम और राजस्व विभाग की टीमें काम कर रही हैं। तहसीलदार अनुपम पांडेय और नगर निगम की टीम ने रतहरा नाले से अतिक्रमण हटाया। वहीं, नायब तहसीलदार गोविंदगढ़ ने ग्राम अमिलकी में तालाब के ओवरफ्लो से हुए जलभराव की समस्या का मौके पर समाधान कराया। झिरिया में छत से गर्भवती महिला का रेस्क्यू किया गया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एसडीईआरएफ की टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। एसडीईआरएफ प्रभारी विकास पांडेय के अनुसार झिरिया में करीब 116 लोगों का रेस्क्यू किया गया। इनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल थे। उन्होंने बताया कि करीब 140 बच्चों का रेस्क्यू हुआ, जिनमें लगभग 60 से 80 नवजात बच्चे शामिल थे। झिरिया में रवि द्विवेदी अपनी पत्नी और बहन के साथ बाढ़ में फंस गए थे। रवि की पत्नी की डिलीवरी डेट 20 अगस्त थी। पानी पहली मंजिल तक पहुंच गया था। इसी दौरान छत से एक व्यक्ति ने एसडीईआरएफ टीम को आवाज देकर महिला की हालत बिगड़ने की जानकारी दी। टीम ने तत्काल रेस्क्यू कर परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला। जिले में 1 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू विकास पांडेय के अनुसार जिले में अब तक 1 हजार से अधिक लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। इनमें करीब 100 नवजात बच्चे भी शामिल हैं। रेस्क्यू के दौरान गर्भवती महिलाओं, नवजात बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को प्राथमिकता दी गई। जवा के धनिगवां में भी बाढ़ के बीच एक नवजात बच्चा फंस गया था। विकास पांडेय के अनुसार बच्चा करीब चार दिन का था और उसके पूरे शरीर पर दाने निकले थे। टीम ने बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला और चिकित्सा सहायता दिलाने की व्यवस्था की। त्योंथर राहत शिविर में 41 लोगों की जांच त्योंथर तहसील में एसडीएम राकेश चौरसिया की निगरानी में राहत और बचाव कार्य जारी है। ग्राम फरहदी में बनाए गए राहत शिविर में मेडिकल टीम ने 41 प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच की। जरूरत के अनुसार उन्हें निशुल्क दवाएं भी दी गईं। सिरमौर में 6,920 मकान प्रभावित, पशुधन का भी नुकसान सिरमौर तहसील में 6,920 मकान प्रभावित हुए हैं। सर्वे के अनुसार 1,142 मकानों में घरेलू सामग्री का नुकसान, 1,825 मकानों में आंशिक क्षति और 117 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। यहां 8 गाय, 12 भैंस और 59 सूअरों की मौत की जानकारी भी सामने आई है। नुकसान का सर्वे अभी जारी है। पेयजल व्यवस्था सुधारने में जुटी टीमें प्रशासन के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में 25 मकान पूरी तरह प्रभावित हुए हैं। राजस्व, नगर निगम, स्वास्थ्य और पीएचई विभाग की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। पेयजल व्यवस्था सामान्य करने के लिए हैंडपंपों की मरम्मत और क्लोरीनेशन कराया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार सर्वे पूरा होने के बाद पात्र प्रभावित परिवारों को शासन के नियमों के अनुसार राहत देने की कार्रवाई की जाएगी।

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