कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को कहा कि राहुल गांधी से हाथापाई करने और उन्हें हिरासत में लिए जाने की तस्वीरें देखकर वह बहुत परेशान हैं। उन्होंने कहा कि 13 करोड़ मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित किए जाने के विरोध में हुए प्रदर्शन पर सरकार की प्रतिक्रिया शर्मनाक है। थरूर ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों के साथ संसद भवन परिसर से यहां निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक निकाले गए मार्च में शामिल नहीं हो सके, क्योंकि वह जर्मनी के बर्लिन में थे। उन्होंने भरोसा जताया कि न्याय जरूर मिलेगा।
थरूर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से हाथापाई करने और उन्हें हिरासत में ले जाने की तस्वीरें देखकर मैं बहुत परेशान हूं। उन्होंने कहा, चार महीने पहले बर्लिन में एक सम्मेलन में जाने की प्रतिबद्धता के कारण मैं केवल दूर से अपनी एकजुटता व्यक्त कर सकता हूं। लेकिन मेरा दिल नयी दिल्ली में है।
यह बयान तब आया जब दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और INDIA ब्लॉक के कई अन्य नेताओं को आकाशवाणी भवन परिसर से हिरासत में ले लिया। इससे पहले विपक्ष ने संसद से निर्वाचन सदन (ECI मुख्यालय) तक मार्च निकाला था। दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए की गई थी। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारी “बिना अनुमति” परिसर में घुस आए थे और उन्होंने धरना दिया था। आरोप है कि गांधी ने वह जगह खाली करने से इनकार कर दिया और कहा कि प्रदर्शनकारी तब तक वहीं रहेंगे जब तक सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल को ECI अधिकारियों से मिलने का समय नहीं दिया जाता।
पुलिस ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 10:30 बजे सोशल मीडिया के ज़रिए संसद भवन से निर्वाचन सदन तक INDIA ब्लॉक के प्रस्तावित मार्च के बारे में पता चला। पुलिस का कहना है कि मार्च की अनुमति के लिए नई दिल्ली जिले के डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस के कार्यालय में कोई आवेदन नहीं दिया गया था, और इसलिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी। पुलिस के अनुसार, बार-बार निर्देश न मानने पर 10 सांसदों सहित लगभग 260 लोगों को हिरासत में लिया गया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं को किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइंस ले जाया गया और बाद में रिहा कर दिया गया।
इससे पहले, जब INDIA ब्लॉक के नेताओं को ECI की ओर बढ़ने से रोका गया, तो कांग्रेस नेताओं ने आकाशवाणी भवन में धरना शुरू कर दिया था। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा कि प्रदर्शनकारी तब तक नहीं हटेंगे जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता। वेणुगोपाल ने X पर एक पोस्ट में कहा, “अडिग। बेफिक्र। हम तब तक नहीं हटेंगे जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक हमारे लोकतंत्र को ‘वोट चोरों’ से बचाया नहीं जाता।” यह विरोध प्रदर्शन, स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के व्यापक “लोकतंत्र बचाओ” अभियान का हिस्सा था।
ये घटनाक्रम ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की उस रिपोर्ट के बाद सामने आए जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR प्रक्रिया के दौरान 14 आपत्तियां उठाई थीं। चुनाव आयोग का कहना है कि उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। विपक्षी पार्टियों ने भी फ़ॉर्म 6 में किए गए बदलावों पर सवाल उठाए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि उसने SIR प्रक्रिया के दौरान नए वोटरों को रजिस्टर करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे फ़ॉर्म 6 के किसी भी बदले हुए वर्शन को मंज़ूरी नहीं दी है।

