राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 की जिला स्तरीय प्रतियोगिता में वाराणसी की 11 टीमों का चयन राज्य स्तरीय आयोजन के लिए किया गया है। प्रतियोगिता 28 अक्टूबर को संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल, कोइराजपुर में आयोजित हुई। इसमें करीब 300 बाल वैज्ञानिकों और 150 गाइड शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। इस वर्ष का मुख्य विषय ‘सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार’ रहा। इसके तहत कचरा प्रबंधन, ऊर्जा, जल संरक्षण, खाद्य, कृषि एवं स्वास्थ्य और सतत विकास के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा के उपयोग जैसे उपविषय शामिल थे। सीनियर वर्ग में सुभाष इंग्लिश स्कूल, भगवानपुर की टीम ने 94 अंक हासिल किए, जबकि जूनियर वर्ग में दो टीमों ने 90-90 अंक प्राप्त किए। कचरा प्रबंधन से जल संरक्षण जैसे 5 विषयों पर फोकस इस वर्ष राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य विषय ‘सतत विकास के लिए विज्ञान और नवाचार’ था। इसके तहत पांच विषयों पर प्रोजेक्ट बनाने थे। इनमें कचरे को कम करना और उसका दोबारा उपयोग, ऊर्जा की बचत और नए तरीके खोजना, पानी का संचयन और संरक्षण, खाद्य, खेती और स्वास्थ्य में सुधार, और भारतीय पारंपरिक ज्ञान का इस्तेमाल करके विकास के नए रास्ते खोजना शामिल था। जूनियर वर्ग में छह टीमों का चयन जूनियर वर्ग में छह टीमों का चयन हुआ। इंटरनेशनल हिंदू स्कूल और सेंट अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल, कोइराजपुर की टीमों ने 90-90 अंक हासिल किए। नवंबर में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में लेंगी भाग चयनित टीमें 27, 28 और 29 नवंबर को आयोजित राज्य स्तरीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में प्रतिभाग करेंगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डायट प्राचार्य एवं उप शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) उमेश कुमार शुक्ला रहे। अध्यक्षता विद्यालय के सचिव राहुल सिंह ने की। आयोजन जिला समन्वयक गिरीश कुमार सिंह के नेतृत्व और कार्यक्रम प्रभारी संकठा प्रसाद अस्थाना के सहयोग से संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में बीएचयू के जिला अकादमिक कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर पीसी अभिलाष और उनकी टीम सहित यूपी कॉलेज के निर्णायकों ने परियोजनाओं का मूल्यांकन किया। आयोजकों ने चयनित विद्यार्थियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

