अमृतसर में पुलिस शहीदी स्मृति सप्ताह के तहत पुलिस लाइन में हथियारों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें आम लोगों के साथ अलग-अलग स्कूलों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनी में पंजाब पुलिस के इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों की जानकारी दी गई। लोगों को पुलिस के शहीद जवानों की कुर्बानियों और वीरता के बारे में भी बताया गया। पुलिस कमिश्नर अमृतसर हरमनबीर सिंह गिल के निर्देश पर हुए कार्यक्रम की निगरानी एसीपी स्थानीय अमृतसर ने की। सब-इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह, लाइन ऑफिसर अमृतसर, सब-इंस्पेक्टर दलजीत सिंह, इंचार्ज ट्रैफिक एजुकेशन अमृतसर और अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। पुलिस के कामकाज के बारे में दी जानकारी अधिकारियों ने विद्यार्थियों और अन्य लोगों को पुलिस के कामकाज के बारे में बताया। उन्होंने देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिसकर्मियों की भूमिका की जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस शहीदी दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन देश की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और लोगों की सेवा करते हुए जान देने वाले पुलिसकर्मियों को याद किया जाता है। विद्यार्थियों ने समाज की भलाई में योगदान देने का संकल्प लिया अधिकारियों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का मकसद युवा पीढ़ी को शहीदों के जीवन, बहादुरी और देश के प्रति समर्पण से प्रेरित करना है। प्रदर्शनी में शामिल विद्यार्थियों ने शहीदों की कुर्बानियों से प्रेरणा लेकर मेहनत करने, ऊंचे मुकाम हासिल करने और समाज की भलाई में योगदान देने का संकल्प लिया। कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के जरिए शहीदों की याद को बनाए रखने और युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन व सामाजिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

