रामगढ़ में फर्नेस ब्लास्ट, 9 मजदूर झुलसे; 2 गंभीर:हादसे के बाद फैक्ट्री में मचा हड़कंप, घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया

रामगढ़ में फर्नेस ब्लास्ट, 9 मजदूर झुलसे; 2 गंभीर:हादसे के बाद फैक्ट्री में मचा हड़कंप, घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया

रामगढ़ स्थित श्रीराम पावर प्लांट लिमिटेड फैक्ट्री में फर्नेस ब्लास्ट से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में नौ मजदूर झुलसकर घायल हो गए, जिनमें दो की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। हादसे के तुरंत बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कंपनी प्रबंधन की ओर से सभी घायलों को निजी वाहनों से होप हॉस्पिटल पहुंचाया गया। घायलों में राजेंद्र महतो, कुंजीलाल रविदास, धनंजय सिंह, परमेश्वर कुमार महतो, संजय प्रसाद, विजय यादव, रितेश राणा और रमेश ठाकुर समेत अन्य शामिल हैं। सभी का इलाज अस्पताल में जारी है, जबकि गंभीर रूप से घायल मजदूरों को बेहतर उपचार के लिए रांची रेफर कर दिया गया। दो मजदूर 90% तक झुलसे, कई की हालत नाजुक अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सौरभ कुमार ने बताया कि कुल नौ मजदूरों को इलाज के लिए लाया गया था। इनमें से दो मजदूर 90 प्रतिशत से अधिक झुलस चुके हैं, जिनकी स्थिति अत्यंत गंभीर है। वहीं तीन अन्य मजदूर 40 प्रतिशत से अधिक झुलसे हैं। उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों की टीम लगातार सभी घायलों की निगरानी कर रही है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल में विशेष चिकित्सा व्यवस्था की गई है, ताकि समय रहते सभी को बेहतर इलाज मिल सके। मेंटेनेंस के दौरान हुआ ब्लास्ट प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फर्नेस से जुड़े मैग्नेट संचालन या मेंटेनेंस कार्य के दौरान यह ब्लास्ट हुआ। विस्फोट के बाद पिघला हुआ गर्म लोहा और आग की तेज लपटें आसपास फैल गईं, जिसकी चपेट में आकर मजदूर झुलस गए। घटना के बाद घायलों के परिजनों और अन्य मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि फैक्ट्री में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं और इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह क्या थी और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। रामगढ़ स्थित श्रीराम पावर प्लांट लिमिटेड फैक्ट्री में फर्नेस ब्लास्ट से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में नौ मजदूर झुलसकर घायल हो गए, जिनमें दो की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। हादसे के तुरंत बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कंपनी प्रबंधन की ओर से सभी घायलों को निजी वाहनों से होप हॉस्पिटल पहुंचाया गया। घायलों में राजेंद्र महतो, कुंजीलाल रविदास, धनंजय सिंह, परमेश्वर कुमार महतो, संजय प्रसाद, विजय यादव, रितेश राणा और रमेश ठाकुर समेत अन्य शामिल हैं। सभी का इलाज अस्पताल में जारी है, जबकि गंभीर रूप से घायल मजदूरों को बेहतर उपचार के लिए रांची रेफर कर दिया गया। दो मजदूर 90% तक झुलसे, कई की हालत नाजुक अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सौरभ कुमार ने बताया कि कुल नौ मजदूरों को इलाज के लिए लाया गया था। इनमें से दो मजदूर 90 प्रतिशत से अधिक झुलस चुके हैं, जिनकी स्थिति अत्यंत गंभीर है। वहीं तीन अन्य मजदूर 40 प्रतिशत से अधिक झुलसे हैं। उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों की टीम लगातार सभी घायलों की निगरानी कर रही है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल में विशेष चिकित्सा व्यवस्था की गई है, ताकि समय रहते सभी को बेहतर इलाज मिल सके। मेंटेनेंस के दौरान हुआ ब्लास्ट प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फर्नेस से जुड़े मैग्नेट संचालन या मेंटेनेंस कार्य के दौरान यह ब्लास्ट हुआ। विस्फोट के बाद पिघला हुआ गर्म लोहा और आग की तेज लपटें आसपास फैल गईं, जिसकी चपेट में आकर मजदूर झुलस गए। घटना के बाद घायलों के परिजनों और अन्य मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि फैक्ट्री में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं और इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह क्या थी और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।  

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