राजा की सीकरी बवाल में 3 महिलाएं समेत 4-हिरासत में:बदायूं में अब तक 13 पर कार्रवाई, प्रधानी की तैयारी और जमीन विवाद को बताया वजह

राजा की सीकरी बवाल में 3 महिलाएं समेत 4-हिरासत में:बदायूं में अब तक 13 पर कार्रवाई, प्रधानी की तैयारी और जमीन विवाद को बताया वजह

बदायूं के राजा की सीकरी गांव में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर हुए बवाल के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। शुक्रवार को पुलिस ने तीन नामजद महिलाओं और एक पुरुष को हिरासत में लिया। चारों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, लिखापढ़ी पूरी होने के बाद ही उनकी गिरफ्तारी की औपचारिक पुष्टि की जाएगी। इससे पहले पुलिस नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। एसएसपी अंकिता शर्मा के अनुसार, शुरुआती जांच में बवाल के पीछे प्रधानी चुनाव लड़ने की तैयारी और सरकारी जमीन पर कब्जे का विवाद सामने आया है। पुलिस आरोपी मान सिंह की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस टीम पर हमला और पथराव करने वाले अन्य आरोपियों की पहचान भी की जा रही है। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात है और अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। मामले की जांच के दौरान फैजगंज बेहटा इंस्पेक्टर की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों और संबंधित पक्षों ने आरोप लगाया है कि नामजदगी में कुछ उपद्रवियों को बचाया गया। इंस्पेक्टर पर जातिगत पक्षपात के आरोप भी लगाए गए हैं। वहीं, नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी एक्स के जरिए पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। 3 महिलाएं और एक पुरुष हिरासत में, पूछताछ जारी पुलिस ने शुक्रवार को तीन नामजद महिलाओं और एक पुरुष को हिरासत में लिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सभी से बवाल में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही गिरफ्तारी की स्थिति स्पष्ट होगी। इससे पहले नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इनमें मुनेश कुमार, अमरपाल, उदयवीर, मोहित, नेमसिंह, मेघसिंह, अमन, शिवम और दिनेश शामिल हैं। सभी राजा की सीकरी गांव के रहने वाले हैं। प्रधानी की तैयारी और सरकारी जमीन के विवाद पर जांच एसएसपी अंकिता शर्मा के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि बवाल की मुख्य वजह आरोपी मान सिंह की प्रधानी चुनाव लड़ने की तैयारी और सरकारी जमीन पर कब्जे का विवाद हो सकता है। पुलिस मान सिंह की भूमिका की गहनता से जांच कर रही है। इसके साथ ही पुलिस टीम पर हमला और पथराव करने वाले अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इंस्पेक्टर की भूमिका पर उठे सवाल, पक्षपात के आरोप बवाल की जांच के बीच फैजगंज बेहटा इंस्पेक्टर की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों और संबंधित पक्षों का आरोप है कि नामजदगी की प्रक्रिया में कुछ उपद्रवियों को जानबूझकर बचाया गया। आरोप है कि पुलिस कार्रवाई में जातिगत पक्षपात किया गया। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की जांच के साथ पुलिस की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। चंद्रशेखर आजाद ने एक्स पर कार्रवाई पर उठाए सवाल राजा की सीकरी प्रकरण को लेकर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने एक्स के जरिए पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ग्रामीणों के हवाले से दावा किया कि पुलिस बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है और रात में घरों में दबिश दी जा रही है। उनके मुताबिक, कई घरों में सिर्फ महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग मौजूद हैं। चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल किया कि जब करीब एक सप्ताह से प्रतिमा स्थापित करने की तैयारियां चल रही थीं तो पुलिस और एलआईयू क्या कर रही थी। उन्होंने कहा कि पथराव और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इसकी आड़ में निर्दोष ग्रामीणों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को डराना-धमकाना या घरों में तोड़फोड़ करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का प्रतिनिधिमंडल जल्द राजा की सीकरी गांव पहुंचेगा। प्रतिनिधिमंडल ग्रामीणों से मुलाकात कर घटनाक्रम और पुलिस कार्रवाई की वास्तविक स्थिति की जानकारी लेगा। गांव में पुलिस बल तैनात, अन्य आरोपियों की तलाश बवाल के बाद गांव में पुलिस बल तैनात है। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। पुलिस पथराव और पुलिस टीम पर हमला करने वाले अन्य आरोपियों की पहचान में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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