राजगीर में 27 सितंबर को सजेगी ‘बटरफ्लाई वॉक:आयोजन में भाग लेने के लिए पूर्व पंजीकरण अनिवार्य; ऑनलाइन फॉर्म लिंक से रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे

राजगीर में 27 सितंबर को सजेगी ‘बटरफ्लाई वॉक:आयोजन में भाग लेने के लिए पूर्व पंजीकरण अनिवार्य; ऑनलाइन फॉर्म लिंक से रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे

जैवविविधता के संरक्षण और प्रकृति के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से देश भर में मनाए जा रहे ‘बिग बटरफ्लाई मंथ’ के तहत नालंदा में विशेष गतिविधियां शुरू की गई हैं। इसी कड़ी में मगध नेचर कंजर्वेशन ट्रस्ट की ओर से आगामी 27 सितंबर को राजगीर में एक रोमांचक ‘बटरफ्लाई वॉक’ का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान आम नागरिकों, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों को तितलियों की विविधता को करीब से देखने और उनके वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण से जोड़ने की एक अनूठी नागरिक विज्ञान पहल है। नालंदा के ‘उड़ते रत्नों’ की होगी पहचान आयोजकों के अनुसार, तितलियां केवल सुंदर कीट नहीं हैं, बल्कि वे स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र की महत्वपूर्ण सूचक भी हैं। राजगीर की पहाड़ियों, जंगलों, कृषि क्षेत्रों और जल स्रोतों के आसपास मौजूद विविध प्राकृतिक आवास तितलियों की कई प्रजातियों को आश्रय देते हैं। इस वॉक का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को तितलियों को बिना नुकसान पहुंचाए या पकड़े, उनके प्राकृतिक आवास में जिम्मेदारीपूर्वक देखना, पहचानना और उनकी तस्वीरें लेना सिखाना है। 27 सितंबर की सुबह जू सफारी गेट से होगी शुरुआत कार्यक्रम का आयोजन रविवार, 27 सितंबर को सुबह 7:00 बजे से होगा। इसका प्रारंभिक स्थल राजगीर जू सफारी का मुख्य गेट निर्धारित किया गया है। इस दौरान कई रोचक और ज्ञानवर्धक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी इनमें विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न प्रजातियों की पहचान, अवलोकनों को ‘iNaturalist’ जैसे वैश्विक नागरिक विज्ञान प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना। प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताएं शामिल हैं। पंजीकरण अनिवार्य, मिलेगा प्रमाणपत्र ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि आयोजन में भाग लेने के लिए पूर्व पंजीकरण अनिवार्य है। सभी पंजीकृत प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा। इच्छुक प्रतिभागी जारी किए गए ऑनलाइन फॉर्म लिंक के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। https://l1nk.dev/70h1yng संस्था ने स्थानीय युवाओं, शिक्षकों और प्रकृति प्रेमियों से अपील की है कि वे अपने आसपास दिखने वाली तितलियों को परेशान किए बिना उनके फोटो लें और प्रमाणित प्लेटफॉर्म पर साझा करें, ताकि नालंदा-राजगीर क्षेत्र की समृद्ध जैवविविधता का एक मजबूत डिजिटल और वैज्ञानिक रिकॉर्ड तैयार किया जा सके। जैवविविधता के संरक्षण और प्रकृति के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से देश भर में मनाए जा रहे ‘बिग बटरफ्लाई मंथ’ के तहत नालंदा में विशेष गतिविधियां शुरू की गई हैं। इसी कड़ी में मगध नेचर कंजर्वेशन ट्रस्ट की ओर से आगामी 27 सितंबर को राजगीर में एक रोमांचक ‘बटरफ्लाई वॉक’ का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान आम नागरिकों, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों को तितलियों की विविधता को करीब से देखने और उनके वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण से जोड़ने की एक अनूठी नागरिक विज्ञान पहल है। नालंदा के ‘उड़ते रत्नों’ की होगी पहचान आयोजकों के अनुसार, तितलियां केवल सुंदर कीट नहीं हैं, बल्कि वे स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र की महत्वपूर्ण सूचक भी हैं। राजगीर की पहाड़ियों, जंगलों, कृषि क्षेत्रों और जल स्रोतों के आसपास मौजूद विविध प्राकृतिक आवास तितलियों की कई प्रजातियों को आश्रय देते हैं। इस वॉक का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को तितलियों को बिना नुकसान पहुंचाए या पकड़े, उनके प्राकृतिक आवास में जिम्मेदारीपूर्वक देखना, पहचानना और उनकी तस्वीरें लेना सिखाना है। 27 सितंबर की सुबह जू सफारी गेट से होगी शुरुआत कार्यक्रम का आयोजन रविवार, 27 सितंबर को सुबह 7:00 बजे से होगा। इसका प्रारंभिक स्थल राजगीर जू सफारी का मुख्य गेट निर्धारित किया गया है। इस दौरान कई रोचक और ज्ञानवर्धक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी इनमें विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न प्रजातियों की पहचान, अवलोकनों को ‘iNaturalist’ जैसे वैश्विक नागरिक विज्ञान प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना। प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताएं शामिल हैं। पंजीकरण अनिवार्य, मिलेगा प्रमाणपत्र ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि आयोजन में भाग लेने के लिए पूर्व पंजीकरण अनिवार्य है। सभी पंजीकृत प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा। इच्छुक प्रतिभागी जारी किए गए ऑनलाइन फॉर्म लिंक के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। https://l1nk.dev/70h1yng संस्था ने स्थानीय युवाओं, शिक्षकों और प्रकृति प्रेमियों से अपील की है कि वे अपने आसपास दिखने वाली तितलियों को परेशान किए बिना उनके फोटो लें और प्रमाणित प्लेटफॉर्म पर साझा करें, ताकि नालंदा-राजगीर क्षेत्र की समृद्ध जैवविविधता का एक मजबूत डिजिटल और वैज्ञानिक रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।  

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