भारत-नेपाल सीमा पर स्थित अंतर्राष्ट्रीय शहर रक्सौल में बेटियों को शिक्षित करने, बचाने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सामाजिक संगठन सक्रिय हैं। केंद्र सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का प्रभाव इस शहर में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की रक्सौल जिला अध्यक्ष प्रियंका गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निःशुल्क सिलाई, कटाई और बुनाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से अब तक 200 से अधिक बेटियां आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। 80 जरूरतमंद लड़कियों को सिलाई का दिया गया प्रशिक्षण हाल ही में, रक्सौल के आश्रम रोड पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रियंका गुप्ता ने 80 जरूरतमंद लड़कियों को सिलाई, कटाई और बुनाई का निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किया। इस निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा महिला महामंत्री पार्वती तिवारी और समाजसेवी ज्योतिराज गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया। प्रियंका गुप्ता ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और प्रशिक्षण लेने आई लड़कियों को संबोधित करते हुए जीवन के लक्ष्य पूरे करने और आत्मनिर्भर बनने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि लड़कियां अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और हुनरमंद बनकर अपने माता-पिता का सहारा बन सकती हैं, साथ ही शादी के बाद आर्थिक रूप से अपने पति का सहयोग भी कर सकती हैं। रक्सौल की बेटी को आत्मनिर्भर बनाना उद्देश्य प्रियंका गुप्ता ने जानकारी दी कि वर्तमान में सिलाई, कटाई और बुनाई का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। भविष्य में ब्यूटीशियन और मेहंदी का निशुल्क प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। उनका लक्ष्य रक्सौल की प्रत्येक बेटी को बचाना, पढ़ाना और आत्मनिर्भर बनाना है। इसकार्यम के मुख्यअतिथि महिला मोर्चा के महामंत्री पार्वती तिवारी ने कहाँ की रक्सौल में यह एक बेहतर शुरुवात है। ऐसे प्रशिक्षण से रक्सौल की लड़कियां आत्मनिर्भर बनेंगी। अब बेटी बोझ नही परिवार एवं समाज की सहारा बनेगी। वहीं ज्योतिराज गुप्ता ने कहा की रक्सौल बेटी को आत्मनिभर्र बनाने में प्रियंका गुप्ता का यह सराहनीय प्रयास है। इसतरह हमारे समाज की बेटी आत्मनिभर्र बनेंगी। शादी से पहले अपने माता पिता एवं शादी के बाद अपने पति का सहारा बनेगी। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित अंतर्राष्ट्रीय शहर रक्सौल में बेटियों को शिक्षित करने, बचाने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सामाजिक संगठन सक्रिय हैं। केंद्र सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का प्रभाव इस शहर में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की रक्सौल जिला अध्यक्ष प्रियंका गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निःशुल्क सिलाई, कटाई और बुनाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से अब तक 200 से अधिक बेटियां आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। 80 जरूरतमंद लड़कियों को सिलाई का दिया गया प्रशिक्षण हाल ही में, रक्सौल के आश्रम रोड पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रियंका गुप्ता ने 80 जरूरतमंद लड़कियों को सिलाई, कटाई और बुनाई का निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किया। इस निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा महिला महामंत्री पार्वती तिवारी और समाजसेवी ज्योतिराज गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया। प्रियंका गुप्ता ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और प्रशिक्षण लेने आई लड़कियों को संबोधित करते हुए जीवन के लक्ष्य पूरे करने और आत्मनिर्भर बनने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि लड़कियां अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और हुनरमंद बनकर अपने माता-पिता का सहारा बन सकती हैं, साथ ही शादी के बाद आर्थिक रूप से अपने पति का सहयोग भी कर सकती हैं। रक्सौल की बेटी को आत्मनिर्भर बनाना उद्देश्य प्रियंका गुप्ता ने जानकारी दी कि वर्तमान में सिलाई, कटाई और बुनाई का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। भविष्य में ब्यूटीशियन और मेहंदी का निशुल्क प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। उनका लक्ष्य रक्सौल की प्रत्येक बेटी को बचाना, पढ़ाना और आत्मनिर्भर बनाना है। इसकार्यम के मुख्यअतिथि महिला मोर्चा के महामंत्री पार्वती तिवारी ने कहाँ की रक्सौल में यह एक बेहतर शुरुवात है। ऐसे प्रशिक्षण से रक्सौल की लड़कियां आत्मनिर्भर बनेंगी। अब बेटी बोझ नही परिवार एवं समाज की सहारा बनेगी। वहीं ज्योतिराज गुप्ता ने कहा की रक्सौल बेटी को आत्मनिभर्र बनाने में प्रियंका गुप्ता का यह सराहनीय प्रयास है। इसतरह हमारे समाज की बेटी आत्मनिभर्र बनेंगी। शादी से पहले अपने माता पिता एवं शादी के बाद अपने पति का सहारा बनेगी।


