रक्षाबंधन पर हमेशा बहनों की रक्षा का संकल्प लेने वाले एक भाई ने बहनों से देश रक्षा का संकल्प लिया और दोनों को उस काबिल भी बना दिया। भाई की प्रेरणा से एक बहन फौज में तो दूसरी बहन पुलिस सेवा में चयनित हो गई। अब बहनों की प्रेरित होकर छोटा भाई भी सेना में कमिशन की तैयारी कर रहा है। अग्निवीर में चयन भी हो चुका है, लेकिन पढ़ाई पूरी करने के लिए आर्मी ज्वाइन नहीं की।
बड़े भाई ने किया देशसेवा के लिए प्रेरित
रक्षाबंधन पर्व पर हम बात कर रहे हैं पंधाना विस के ग्राम पिपरहट्टी निवासी तुकाराम मालवीया और लीलाबाई मालवीया के परिवार की। परिवार में दो भाई और दो बहनें है। सबसे बड़े भाई आकाश मालवीया ने सेना में जाने का सपना देखा, लेकिन माता-पिता की सेवा के लिए उसे त्याग कर अपने सपनों को बहनों के लिए बुना। आकाश ने छोटी बहन सोनू मालवीया और रानू मालवीया को सेना में जाने के लिए प्रेरित किया। दोनों को कभी घर का काम नहीं करने दिया और हमेशा देशसेवा के लिए प्रेरित करते रहे। दोनों बहनों के सेना, पुलिस के लिए फार्म भरना हो, ट्रेनिंग दिलाना हो, हर काम में खुद आगे रहे।
भाई के सपने को बहनों ने किया साकार
भाई आकाश की प्रेरणा से सोनू और रानू ने उसके सपने को सच करने की ठानी। रानू ने सेना के लिए और सोनू ने पुलिस भर्ती परीक्षा पास की। भाई आकाश ने खंडवा में ही रूम दिलाकर छोटे भाई विकास को भी साथ रखते हुए जयहिंद ग्रुप में फिजिकल ट्रेनिंग शुरू कराई। भाई विकास बहनों को छोडऩे और लेने मैदान पर जाता रहा। ट्रेनिंग की वजह से रानू का सेना और सोनू का पुलिस में चयन हो गया। रानू वर्तमान में तिब्बत बॉर्डर पर और सोनू बुरहानपुर पुलिस में अपनी सेवा दे रही है।
अग्निवीर में चयन, कमिशन के लिए ट्रेनिंग छोड़ी
बड़ी बहनों के साथ ट्रेनिंग पर जाने के दौरान छोटे भाई विकास ने भी सेना में जाने की ठान ली। दोनों बहनों ने उसे भी प्रेरित किया और अपने साथ ट्रेनिंग दिलाने लगी। विकास का अग्निवीर के लिए चयन भी हो गया और ट्रेनिंग पर जाने की तैयारी भी कर ली थी। बहनों ने कहा कि अग्निवीर की बजाए सेना में कमिशन की तैयारी करों, ताकि लंबे समय तक देशसेवा में रह पाओ। बहनों की प्रेरणा से विकास अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने में लगा हुआ है। उसका सपना भी बहनों की तरह देश सेवा में जाने का है।

