यमुनानगर के छछरौली थाना क्षेत्र के जेधर गांव में खेतों से मिले ठेकेदार इरफान के शव के मामले में पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस के मुताबिक इरफान की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके दोस्त राकेश कुमार ने की थी। दोनों के बीच पहले मिट्टी सप्लाई के काम में पार्टनरशिप रही थी और बाद में पैसों व प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। हत्या वाले दिन दोनों पांवटा साहिब गए थे। वापस लौटते समय इसी विवाद को लेकर दोनों में बहस हो गई। आरोप है कि राकेश ने पहले गाड़ी रोककर पत्थर से इरफान के सिर पर वार किया। इरफान जान बचाने के लिए खेतों की तरफ भागा तो राकेश डंडा लेकर उसके पीछे दौड़ा और सिर पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद राकेश ने शव को खेत में छोड़ दिया और पुलिस व परिजनों के सामने इरफान की मौत को लेकर झूठी कहानी बताता रहा। पुलिस को वारदात के दिन से ही राकेश की गतिविधियों पर शक था। सख्ती से पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। सीआईए-1 की टीम ने आरोपी को दादूपुर हेड रोड के पास से गिरफ्तार किया है। खेत में खून से लथपथ मिला था शव 30 सितंबर की सुबह जेधर गांव में श्मशान घाट की तरफ जाने वाले रास्ते के पास खेत में एक व्यक्ति का शव पड़ा मिला था। ग्रामीणों ने शव की सूचना पुलिस को दी थी। मृतक के सिर और चेहरे पर गहरी चोट के निशान थे। चेहरा खून से लथपथ था। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया था। जांच के दौरान मृतक की जेब से करीब 50 हजार रुपए नकद और बाइक की चाबी मिली थी। आसपास वाहन के टायरों के निशान भी मिले थे। बाद में जगाधरी के विजय नगर निवासी परिवार ने अस्पताल पहुंचकर शव की पहचान इरफान के रूप में की थी। इरफान ईंट-भट्ठों पर मिट्टी सप्लाई की ठेकेदारी का काम करता था। दोस्त राकेश ने पुलिस को बताई थी डेढ़ लाख लेने की बात शुरुआत में इरफान के दोस्त आरोपी राकेश ने ही पुलिस और परिवार को बताया था कि इरफान को किसी व्यक्ति से डेढ़ लाख रुपए लेने थे और इसी कारण वह परेशान था। राकेश ने बताया था कि 29 सितंबर को वह इरफान के साथ था। दोनों पांवटा साहिब में प्लॉट देखने गए थे। वहां से लौटते समय इरफान ने उससे छछरौली में उतारने के लिए कहा था। उसका कहना था कि उसे किसी व्यक्ति से पैसे लेने हैं। राकेश के मुताबिक उसने इरफान को छछरौली में उतार दिया था। इसके बाद इरफान बाइक लेने नहीं आया और फोन करने पर उसका मोबाइल बंद मिला। यही कहानी पुलिस के सामने राकेश ने शुरुआती पूछताछ में भी बताई थी। हत्या के बाद वह परिजनों के साथ खड़ा रहा और उन्हें भी यही कहानी बताता रहा। पांवटा साहिब से लौटते समय प्रॉपर्टी को लेकर हुई बहस पुलिस के अनुसार जांच के दौरान राकेश के बयानों और उसकी गतिविधियों में कई विरोधाभास सामने आए। पुलिस को उसी दिन से उस पर शक था। इसके बाद पुलिस ने राकेश से सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में उसने हत्या की पूरी घटना के बारे में पुलिस को जानकारी दी। डीएसपी रजत गुलिया के अनुसार राकेश ने पूछताछ में बताया कि वह और इरफान काफी समय से दोस्त थे। दोनों पहले मिट्टी सप्लाई के काम में पार्टनर भी रह चुके थे। इसके बाद उनके बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच किसी प्रॉपर्टी को लेकर भी विवाद था। जान बचाने के लिए खेतों में भागा, पीछे डंडा लेकर दौड़ा राकेश 30 सितंबर से एक दिन पहले दोनों पांवटा साहिब गए थे। वहां से वापस लौटते समय गाड़ी में ही दोनों के बीच पुरानी प्रॉपर्टी को लेकर बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर राकेश ने गाड़ी सड़क किनारे लगा दी। इसके बाद उसने पत्थर उठाकर इरफान के सिर पर वार कर दिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पत्थर से हमला होने के बाद इरफान अपनी जान बचाने के लिए खेतों की तरफ भागा। राकेश भी उसके पीछे डंडा लेकर दौड़ा। खेत में उसने इरफान के सिर पर डंडे से कई वार किए। गंभीर चोट लगने के कारण इरफान की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद राकेश ने शव को खेत में छोड़ दिया और वहां से चला गया। सीआईए-1 ने दादूपुर हेड रोड से पकड़ा मामले में थाना छछरौली में हत्या का केस दर्ज किया गया था। एसपी कमलदीप गोयल द्वारा मामले में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी राकेश कुमार पुत्र चमन लाल निवासी गांव खारवन को दादूपुर हेड रोड के पास से गिरफ्तार कर लिया। डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया है। उसे कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान हत्या में इस्तेमाल किए गए पत्थर और डंडे सहित वारदात से जुड़े अन्य साक्ष्यों को बरामद करने तथा हत्या के पूरे घटनाक्रम के हर पहलू की गहराई से जांच की जाएगी।

