ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शनिवार को अपने गृह जिले कोटा में निजी बिजली कंपनी केडीएल के जीएसएस का निरीक्षण किया। इस दौरान कई जीएसएस में मेंटेनेंस और रखरखाव की व्यवस्थाएं बदहाल मिलीं। जीएसएस परिसर में बड़े-बड़े पेड़-पौधे और झाड़ियां उगी हुई थीं। सफाई व्यवस्था नहीं होने के साथ दीवारें भी गंदी नजर आईं, जबकि कई जगह पट्टियां टूटी मिलीं। अव्यवस्थाएं देखकर ऊर्जा मंत्री ने निजी बिजली कंपनी के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों के साथ मिलकर कोटा शहर के दो जीएसएस का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और कमियों को अधिकारियों के सामने रखा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भी माना कि जीएसएस के रखरखाव और मेंटेनेंस में लापरवाही बरती जा रही है। ‘मेंटेनेंस के नाम पर जीरो मेंटेनेंस’ ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि कोटा शहर के दो जीएसएस का निरीक्षण किया है। यहां मेंटेनेंस के नाम पर जीरो मेंटेनेंस मिला। न तो उचित मेंटेनेंस हो रहा है और न ही रखरखाव। उन्होंने कहा कि इस मामले में मीटिंग कर हाई लेवल कमेटी की टीम भेजी जाएगी। टीम अब तक हुई लापरवाही की दोबारा रिपोर्ट तैयार करेगी। नोटिस के बाद भी सुधार नहीं तो कंपनी होगी टर्मिनेट नागर ने कहा कि निजी बिजली कंपनी केडीएल को पहले ही नोटिस दिया जा चुका है। यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो कंपनी को टर्मिनेट करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी उपभोक्ताओं और व्यवस्था की बजाय अपना प्रॉफिट देखने में लगी हुई है। ऊर्जा मंत्री ने यह भी कहा कि कंपनी की ओर से कई बार गलत वीसीआर भरी गईं। वीसीआर बनने के बाद उसे ऑनलाइन किया जाना चाहिए, लेकिन कई मामलों में ऐसा नहीं किया गया और तुरंत सेटलमेंट कर लिया गया। उन्होंने कहा कि कंपनी को इस संबंध में भी नोटिस दिया गया है। यदि इसके बावजूद सुधार नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

