मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। तिरंगा यात्रा में पेट्रोल-डीजल की बर्बादी
रतलाम में तिरंगा यात्रा के दौरान पीएम मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की धज्जियां उड़ती नजर आईं। दरअसल, तिरंगा यात्रा में महापौर, कलेक्टर समेत अन्य नेता और अधिकारी हाथों में तिरंगा लेकर करीब डेढ़ किलोमीटर तक पैदल चले। वहीं, इनके पीछे-पीछे इनके खाली वाहनों का काफिला भी चलता रहा। इन वाहनों में ड्राइवर के अलावा कोई सवार नहीं था। ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब अधिकारी और नेता पैदल चल रहे थे, तो उनके खाली वाहनों को चलाने की जरूरत क्या थी? क्या यह पेट्रोल-डीजल की बर्बादी नहीं है? नर्मदा की लहरों पर देशभक्ति का स्टंट
इधर, महेश्वर में तिरंगा यात्रा के दौरान भाजपा विधायक राजकुमार मेव और टीआई समेत अन्य नेता और अधिकारियों ने सुरक्षा को ताक पर रख दिया। सभी बिना लाइफ जैकेट पहने ही नाव में सवार हो गए। वह भी ऐसे समय में, जब बारिश के मौसम में नर्मदा नदी उफान पर है। बावजूद इसके नेताओं और अधिकारियों ने देशभक्ति के नाम पर नर्मदा की लहरों पर जोखिम उठा लिया। न किसी जनप्रतिनिधि ने सुरक्षा की परवाह की और न ही किसी अधिकारी ने। अब लोग सवाल उठा रहे हैं कि सुरक्षा को लेकर जारी सारी नसीहतें क्या सिर्फ आम लोगों के लिए ही हैं? मंत्री सारंग का राहुल गांधी को ऑफर
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सितंबर में मध्य प्रदेश के उज्जैन आने वाले हैं। उनके दौरे को लेकर कांग्रेस तैयारियों में जुटी है। इधर, राहुल गांधी के मध्य प्रदेश आने से पहले मंत्री विश्वास सारंग ने उन्हें झारखंड के रांची जाने की सलाह दी है। मंत्री सारंग ने कहा कि राहुल गांधी दिल्ली में जेन-जी के विरोध प्रदर्शन में तो शामिल हो गए, लेकिन रांची में जहां विरोध कर रहे छात्र-छात्राओं पर लाठियां चल रही हैं, वहां नहीं गए। ऐसे में मंत्री विश्वास सारंग ने राहुल गांधी से पहले रांची जाने को कहा है। इतना ही नहीं, उन्होंने ऑफर भी दिया कि वे राहुल गांधी की दिल्ली से रांची की टिकट करा देंगे। हालांकि, राहुल गांधी के मध्य प्रदेश दौरे की तारीख अभी तय नहीं हुई है। यानी उनके अभी एमपी आने का टिकट कटा भी नहीं है। लेकिन भाजपा चाहती है कि राहुल गांधी का रूट डायवर्ट हो और वे पहले रांची पहुंचें। और अब अंदर की बात.. अटेंडेंस के लिए घंटों परेशान हुए शिक्षक
मध्य प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस से दो दिन पहले लाखों शिक्षक स्कूलों में ही फंसे रह गए। वजह बनी ई-अटेंडेंस की तकनीकी समस्या। घंटों तक शिक्षक परेशान होते रहे। दरअसल, दिनभर ड्यूटी करने के बाद शिक्षकों को आउट-पंच करना था, लेकिन ई-अटेंडेंस पोर्टल ठप होने के कारण पंच नहीं हो पा रहा था। अब शिक्षकों की परेशानी ये थी कि पंच नहीं किया तो सैलरी कटने का डर। ऐसे में लाखों शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में बैठकर पोर्टल के दुरुस्त होने का इंतजार करते रहे। नियम के मुताबिक शिक्षकों को स्कूल के 200 मीटर के दायरे में रहकर ही अटेंडेंस लगानी होती है। जैसे-तैसे देर शाम पोर्टल दुरुस्त हुआ। इसके बाद विभाग ने मैसेज भेजकर शिक्षकों को राहत दी कि वे जहां हैं, वहीं से अटेंडेंस लगा दें। हालांकि, ये पहला मौका नहीं है। शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस रोज की जद्दोजहद बन चुकी है। प्रदेश के कई इलाकों में नेटवर्क की समस्या के चलते शिक्षक आए दिन अटेंडेंस लगाने के लिए परेशान होते हैं। इनपुट सहयोग – केके शर्मा (रतलाम) ये भी पढ़ें –
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